यूक्रेन: प्रदर्शन में 1 मृत 100 घायल

इमेज स्रोत, AFP
यूक्रेन की राजधानी कीएव में संसद के बाहर हुए सरकार विरोधी प्रर्दशनों कम से कम एक आदमी की मौत हो गई है और 100 घायल हो गए हैं.
संसद के भीतर देश के पूर्व में रूस से जुड़े इलाक़ो को अधिक स्वायत्तता देने के लिए क़ानून पर बहस हो रही थी और बाहर प्रदर्शनकारी पुलिस से जूझ रहे थे.
ये लोग इस कदर गुस्से में थे कि जल्द ही ये लोग हिंसा पर उतर आए. पुलिस का कहना है कि संसद के भीतर घुसने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ग्रेनेड फेंके.
इस प्रर्दशन के ज़रा पहले जनता के गुस्से को जायज़ ठहराते एक सरकार विरोधी इवान किरिचेंकों ने कहा, ''पूर्व में रूस से जुड़े इलाक़ो को अधिक स्वायत्तता देने मतलब होगा रूस के लिए अपनी सीमाओं को खोलना. इससे उन इलाक़ो का विकास तेज़ होगा और सारा पैसा यूक्रेन से जाएगा. यहाँ के जवान बूढ़े पृथकतावादियों को खाना क्यो खिलाएं.''

इमेज स्रोत, Reuters
संसद के बाहर प्रदर्शनकारियों से जूझते हुए घायल पुलिसवालों में से दो ने बीबीसी से बात की. उनमें से पहले ने बताया कि उसने प्रदर्शनकारियों को पहले धुएं के बम फेंकते हुए देखा. उसका दावा था कि प्रदर्शनकारियों ने मौजूद पुलिसवालों को लाठियों से पीटा और इन पर ग्रेनेड भी फेंके गए.
पुलिस वालों के अनुसार उन्होंने ने केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया.
दरअसल फ़रवरी में मिंस्क शांति समझौते के तहत रूस समर्थक विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाकों को ज़्यादा स्वायत्ता देने के लिए सरकार विधेयक पारित कराने कोशिश कर रही है.
इस विधेयक से दोनेत्स्क और लुआन्स्क के इलाकों को ज़्यादा स्वायत्ता मिल जाएगी.

इमेज स्रोत, AFP
संसद में गर्मागर्म बहस के बाद 450 सांसदों में से 265 सांसदों ने इस विकेन्द्रीकरण विधेयक को प्राथमिक समर्थन दिया है.
ताज़ा प्रदर्शनों के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा ''इन प्रदर्शनों को पीठ पर छुरा भोंकने के सिवा कुछ नहीं कहा जा सकता.''
प्रदर्शन रेडिकल पार्टी और राष्ट्रवादी वोबोदा (फ्रीडम) पार्टी की अगुवाई में हो रहा है जो इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं.
यूक्रेन में रूस समर्थित विद्रोहियों के साथ चल रहे संघर्ष में अब तक करीब 7 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें<link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












