चर्च के पास आत्मघाती हमले में 14 की मौत

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पाकिस्तान के शहर लाहौर में धमाके हुए हैं जिनमें कम से कम 10 लोग मारे गए हैं.
सरकारी अस्पताल के प्रमुख सईद सुबन में मीडिया से कहा कि मरने वालों की संख्या अब 14 हो गई हैंं.
स्थानीय मीडिया के मुताबिक़ ईसाई बहुल योहानाबाद में हुए इन धमाकों में कम से कम 58 लोग घायल हुए हैं. जिनमें से 40 गंभीर हैं.
यह धमाके उस समय हुए जब ईसाई समुदाय के लोग रविवार की प्रार्थना में हिस्सा लेने गिरजाघर आए थे.

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हमले दो भीड़ भरे गिरजाघरों में हुए.
ज़िम्मेदारी
पाकिस्तान तालिबान से जुड़े एक गुट जमातुल एहरार ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली है.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ ये फ़िदायीन हमले थे, लेकिन पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है.
गुस्साई भीड़

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स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और उन्होंने धमाकों में शामिल होने के संदेह में दो व्यक्तियों की जमकर धुनाई की.
धमाकों के बाद ईसाई अल्पसंख्यकों ने घटना के विरोध में प्रदर्शन किया. ख़बर है कि गुस्साई भीड़ ने दो लोगों को पीट-पीट कर मार डाला है.
पाकिस्तान में ईसाई समुदाय को पहले भी कई बार चरमपंथी हमलों का सामना करना पड़ा है.

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2013 में पेशावर में एक गिरजाघर पर हुए हमले में कम से कम 80 लोग मारे गए थे.
पाकिस्तान में कुल आबादी का दो फ़ीसदी से भी कम ईसाई हैं.
प्रतिक्रिया
तहरीक-ए-इंसाफ़ के अध्यक्ष इमरान ख़ान ने ट्विटर पर इस हमले की निंदा की है.
उन्होंने ट्वीट किया "मैं लाहौर में गिरजाघर के बाहर हुए आतंकी हमलों की निंदा करता हूं. यह शर्मनाक है कि गिरजाघर को किसी भी प्रकार का सरकारी संरक्षण नहीं दिया गया था."
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