स्कॉटलैंड की राय: 'हम साथ-साथ हैं'

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स्कॉटलैंड में हुए जनमत संग्रह में लोगों ने ब्रिटेन से आज़ादी को ठुकरा दिया है.
कुल 32 में से 28 निकायों में नतीजा आज़ादी के ख़िलाफ़ रहा जबकि चार निकायों ने इसका समर्थन किया.
स्कॉटलैंड के सबसे बड़े शहर ग्लासगो में आज़ादी के हक़ में ज़्यादा मत पड़े.
एकता की अपील
नतीजे आने के बाद स्कॉटलैंड सरकार के प्रमुख (फर्स्ट मिनिस्टर) एलेक्स सेलमंड ने एकजुटता की अपील की है और केंद्रीय दलों से अधिक अधिकार देने को कहा है.
फ़ाइफ़ में निर्वाचन अधिकारी ने जनमत संग्रह में बहुमत 'नहीं' को मिलने की घोषणा की.

इसके कुछ ही देर बाद, सेलमंड ने कहा कि वह हार स्वीकार करते हैं और उन्होंने स्कॉटलैंड की जनता से एकता की अपील की.
उन्होंने कहा कि जनमत संग्रह और भारी मतदान 'लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत' है. उन्होंने एडिनबरा समझौते का पालन करने का वादा भी किया.
एडिनबर्ग समझौते के तहत ही जनमत संग्रह संभव हो पाया था.
'बेटर टुगेदर'
'बेटर टुगेदर' अभियान चलाने वाले एलिस्टेयर डार्लिंग ने कहा कि स्कॉटलैंड के लोगों ने "विभाजन के बजाय एकजुटता और अनावश्यक विभाजन की बजाय सकारात्मक बदलाव" को चुना.

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड केमरन ने कहा कि वह ख़ुश हैं कि यूनाइटेड किंगडम एकजुट रहेगा. उन्होंने राष्ट्रीय एकता का आह्वान किया.
इन नतीजों पर स्कॉटिश नेशनल पार्टी की उपनेता निकोला स्टरजियोन ने निराशा जताई है.
बीबीसी सवाददाता का कहना है कि जनमत संग्रह के पहले आख़िरी दिनों में बहुत से लोगों ने अपना मन बदला. संभवतः उन्हें लगा कि ब्रिटेन से अलग होना एक बड़ा जोखिम है.

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कहां किसका दबदबा
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