ठीक से पेशाब नहीं करने पर भरना होगा ज़ुर्माना

चीन में एक नए कानून के लागू होने से आम लोगों की जेबें ढीली होने वाली हैं. ये कानून सार्वजनिक मूत्रालयों के इस्तेमाल से जुड़ा है.

चीन के शहर शैंजैन में ये कानून सितंबर से लागू होना है. इसके मुताबिक सार्वजनिक मूत्रालयों का इस्तेमाल करने वाले लोग अगर टॉयलेट बॉक्स से बाहर गंदगी फैलाते हैं तो उन्हें ज़ुर्माना भरना होगा.

हालांकि अभी ये तय नहीं है कि कि टॉयलेट बॉक्स से कितना पेशाब बाहर निकलने पर ज़ुर्माना लगाया जाएगा और ये भी तय नहीं है कि इस कानून को किस तरह से लागू किया जाएगा.

<link type="page"><caption> (टॉयलेट और महिलाएं)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2010/09/100902_women_toilet_skj.shtml" platform="highweb"/></link>

शैंजैन के सरकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ऐसे लोगों पर 100 यूआन का जुर्माना लगाया जाएगा. यह रकम 16 अमरीकी डॉलर यानी करीब एक हज़ार रूपये के बराबर है.

सोशल नेटवर्किंग साइट पर बहस

इस कानून को लेकर चीन के सोशल नेटवर्किंग साइट विबो पर आम लोगों की काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

<link type="page"><caption> (शौचालय से ज़्यादा मोबाइल)</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/news/2010/04/100415_un_vk.shtml" platform="highweb"/></link>

विबो पर एक शख़्स ने पोस्ट के तौर पर लिखा है, “इस कानून के लागू होने से एक नए तरह की सरकारी नौकरी की जगह बनेगी. हर पेशाब करने वाले लोगों की निगरानी करने के लिए एक सुपरवाइजर की जगह तो बनती ही है.”

बीजिंग शौचालय

एक दूसरे शख़्स ने लिखा है, “यह कदम तो बहुत अच्छा है. मेरा ख्याल है कि हर सार्वजनिक मूत्रालय में औसतन 20 लोगों को निगरानी रखने का काम मिल सकता है.”

हालांकि इस कानून को लागू करने वाले विभाग की प्रतिक्रिया अभी हासिल नहीं हो सकी है.

उधर, इस मसले पर आम लोगों के बीच दिलचस्प बहस देखने को मिल रही है. कई लोगों को लगता है कि इस तरह के कानून को लागू करना मुश्किल है.

एक शख़्स ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर लिखा है, “ऐसा कानून जिसे लागू करना संभव नहीं हो, उससे बेहतर तो यही है कि कोई कानून ही नहीं हो.”

चीन के अख़बार 'द बीजिंग टाइम्स' ने इस मसले पर एक विश्लेषण प्रकाशित किया है जिसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि कोई भी क़ानून बनाने से पहले सामाजिक सहमति बनाया जाना जरूरी है.

शैंजैन के ही कानूनी मुद्दों पर काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता और क़ानूनी मामलों के जानकार शू ली ने इस मसले पर कहा, “किसी भी कानून को बनाने में इतना तो ध्यान देना ही चाहिए कि इससे आम लोगों के निजी जीवन में दखलंदाजी ना हो.”

वैसे चीन में पेशाब करने और <link type="page"><caption> सार्वजनिक मूत्रालय के इस्तेमाल</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/rolling_news/2012/05/120523_china_toilet_aa_rn.shtml" platform="highweb"/></link> को लेकर सख्त कानून है. कई बार सार्वजनिक जगहों पर खुले में पेशाब करने वालों की तस्वीरें भी सोशल नेटवर्किंग साइट पर देखने को मिलती हैं.

<bold>(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए<link type="page"><caption> क्लिक करें.</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे<link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="http://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पन्ने पर भी आ सकते हैं और <link type="page"><caption> ट्विटर </caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link>पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>