'स्मार्टफ़ोन शौचालय' के साइड इफ़ेक्ट्स

स्मार्टफ़ोन ऐप से चलने वाला एक लक्ज़री शौचालय सुर्खियों में है लेकिन सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि ये टॉयलेट हमले का शिकार हो सकता है.
इस शौचालय की कीमत 5686 डॉलर बताई जा रही है यानी करीब साढ़े तीन लाख रुपए. इसमें ऑटोमैटिक फ़्लशिंग की सुविधा है, संगीत है और अपने आप सुगंध निकलती है.
ये <link type="page"><caption> टॉयलट</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/china/2012/05/120523_toilts_china_tb.shtml" platform="highweb"/></link> जापान की एक कंपनी लिक्सिल ने बनाया है और इसे ‘माई साटिस’ नाम के एंड्रायड ऐप के ज़रिए नियंत्रित किया जाता है. ऐप पर लोग अपने पेट से जुड़ी गतिविधियों का रिकॉर्ड भी रख सकते हैं.
लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि हार्डवेयर की एक कमी के चलते माई साटिस’ ऐप वाले किसी भी फोन से आप शौचालय को संचालित कर सकते हैं.
टॉयलट में 'भूत'
ट्रस्टवेव्स स्पाइडरलैब्स की रिपोर्ट के मुताबिक , “ये लक्ज़री शौचालय ऐप के ज़रिए निर्देश लेने के लिए ब्लूटूथ का इस्तेमाल करता है. हर मॉडल का पिन ऐसा है कि इसे दोबारा सेट नहीं किया जा सकता . कोई भी फोन जिसमें माई साटिस ऐप है उसके ज़रिए शौचालय को चलाया जा सकता है. कोई भी हमलावर चाहे तो वो माई साटिस ऐप डाउनलोड कर सकता है और इसके ज़रिए बार-बार <link type="page"><caption> शौचालय</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/03/120314_census_survey_rf.shtml" platform="highweb"/></link> को फ़्लश करवा सकता है. हमलावर चाहें तो वो अचानक शौचालय की सीट के ढक्कन को बंद कर सकते हैं या खोल सकते हैं.”
सुरक्षा विशेषज्ञ ग्राम क्लूले कहते हैं कि चूँकि ब्लूटूथ की रेंज कम होती है, इसलिए किसी भी तरह के हमले के लिए हमलावर को शौचालय के आस-पास रहना होगा.
उन्होंने बीबीसी को बताया, “कोई भी मसखरा व्यक्ति चाहे तो इस ऐप के ज़रिए शौचालय इस्तेमाल करने वाले को ये अहसास दिला सकता है कि शायद उसके टॉयलट में भूत घुस गया है. शौचालय अपने आप बंद हो जाएगा, गर्म हवा अपने आप निकलने लगेगी. पता नहीं साइबर अपराधी इसका क्या इस्तेमाल करना चाहेंगे.”
उनका कहना है कि कोई भी उपकरण बनाते समय कंपनियों को सुरक्षा का भी ध्यान रखना चाहिए.
<bold>(बीबीसी हिन्दी का नया एंड्रॉएड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे <link type="page"><caption> फेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पन्ने पर भी आ सकते हैं और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












