'महिला पुलिसकर्मियों के पास नहीं है शौचालय'

ह्मूमन राइट्स वॉच का कहना है कि अफगानिस्तान में महिला पुलिसकर्मियों को अलग टॉयलट और कपड़े बदलने के लिए अलग कमरे उपलब्ध करवाए जाएँ.

अभी अफ़गानिस्तान में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी एक ही शौचालय इस्तेमाल करते हैं. इस वजह से कई बार महिला पुलिसकर्मियों को कुछ पुरुष सहकर्मियों के ग़लत बर्ताव का शिकार होना पड़ता है.

<link type="page"><caption> बिहार -खुले में शौच यानी बलात्कार का खतरा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/05/130506_bihar_field_toilet_rape_sy.shtml" platform="highweb"/></link>

ह्मूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) के मुताबिक कई शौचालय ऐसे हैं जिन्हें आप अंदर से बंद नहीं कर सकते और कुछ शौचालयों के दरवाज़ों में सुराख होते हैं जिस वजह से महिलाकर्मियों को एक-दूसरे के लिए टॉयलट के बाहर खड़े रहना पड़ता है.

सरकार या पुलिस की ओर से कोई जवाब नहीं आया है. काबुल पुलिस प्रमुख ने हाल ही में आदेश दिया था कि प्रांतीय पुलिस स्टेशनों में महिलाओं के लिए अलग शौचालयों का इंतज़ाम किया जाए.

लेकिन ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि ऐसे निर्देशों का पूर्व में कभी पालन नहीं हुआ है.

'महिलाओं की प्रताड़ना आम बात'

अफ़ग़ानिस्तान में करीब 1500 महिला पुलिसकर्मी काम करती हैं. आंतरिक मंत्रालय का कहना है कि वो 2014 तक ये संख्या पाँच हज़ार तक ले जाना चाहता है. पुलिसबल को फंडिंग पश्चिमी देशों से मिलती है.

एचआरडब्ल्यू के मुताबिक जैसे-जैसे महिला पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ी है वैसे-वैसे पुरुष पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ <link type="page"><caption> बलात्कार </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/01/130115_goa_rape_da.shtml" platform="highweb"/></link>और यौन शोषण की शिकायतें भी बढ़ी हैं.

2001 में तालिबान को सत्ता से हटाए जाने के बाद अफ़गानिस्तान के रूढ़ीवादी समझे जाने वाले इलाकों में भी महिलाएँ नौकरी पर लौट आई थीं. वे शिक्षिका, स्वास्थ्यकर्मी और अधिकारियों के पद पर काम कर रही थीं.

लेकिन जैसे-जैसे दक्षिणी हिस्सों में तालिबान का प्रभाव फिर से बढ़ा, वैसे-वैसे महिलाओं को धमकाने की घटनाएँ भी बढ़ने लगी.

अफगानिस्तान में महिलाएँ के खिलाफ हिंसा आम बात हैं लेकिन इसकी शिकायत कम ही होती है और न ही ज़्यादा मामलों में सज़ा होती है.

ह्मूमन राइट्स वॉच के एशिया निदेशक ब्रैड एडम्स का कहना है कि बहुत सी अफ़गान महिलाओं के लिए प्रताड़ना आम बात है और महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के ब़गैर महिलाओं को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने की बात अधूरा वादा ही रहेगी.

अफग़ानिस्तान में चरमपंथ की लड़ाई के खिलाफ़ महिला पुलिसकर्मी अहम भूमिका निभाते हैं जैसे पुलिस नाकों पर महिलाओं की जाँच करना.