चीन की अमेरिका को सीधी चेतावनी, 'ब्रेक नहीं लगाए तो होगा टकराव ', रूस से 'दोस्ती' मजबूत

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क्या दुनिया की दो महाशक्तियों चीन और अमेरिका के बीच आने वाले दिनों में टकराव देखने को मिल सकता है?
चीन की सरकार की मानें तो इसकी संभावना लगातार बढ़ रही है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और विदेश मंत्री चिन गैंग ने मंगलवार को कई आरोप लगाते हुए अमेरिका को 'कठघरे' में खड़ा करने की कोशिश की.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आरोप लगाया कि अमेरिका उनके देश को 'रोकने, घेरने और दबाने की कोशिश' कर रहा है. इस वजह से चीन के सामने कई चुनौती आ गई हैं.
चीन के विदेश मंत्री चिन गैंग ने दोनों देशों के संबंधों में आई 'खटास' के लिए अमेरिका की नीतियों को ज़िम्मेदार बताया और चेतावनी दी, "अगर अमेरिका ने ब्रेक नहीं लगाए तो संघर्ष हो सकता है."
दूसरी ओर चीन ने रूस के साथ कारोबार को लेकर अहम फ़ैसले की जानकारी दी. अब दोनों देशों के बीच कारोबार के लिए अमेरिकी डॉलर और यूरो का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.
हालांकि, चीन ने रूस के साथ बढ़ती नजदीकियों पर सफाई भी दी और कहा कि ये कोई 'गठजोड़' नहीं है. ये किसी के विरोध के लिए और तीसरे पक्ष को निशाना बनाने के लिए नहीं है.

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चीन अमेरिका के बीच टकराव के मुद्दे

चीन और अमेरिका के बीच मतभेद के मुद्दे
- इनमें ताइवान, कारोबार और यूक्रेन युद्ध अहम हैं.
- हाल में दोनों देशों के रिश्तों में आई तल्खी उस वक़्त बढ़ गई जब अमेरिका ने चीन के एक मानवरहित गुब्बारे को गिरा दिया.
- अमेरिका ने इसे 'जासूसी उपकरण' बताया जबकि चीन का कहना था कि गुब्बारे का अमेरिकी आसमान में पहुंचना एक 'हादसा' था जिस पर अमेरिका ने ज़रूरत से ज़्यादा प्रतिक्रिया दी.


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शी जिनपिंग का अमेरिका पर 'सीधा हमला'
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने आरोप लगाया कि अमेरिका की अगुवाई में पश्चिमी देश चीन को 'थामने' और 'दबाने' की पुरज़ोर कोशिश में जुटे हैं. इसने चीन की तरक्की के सामने अभूतपूर्व चुनौतियां खड़ी कर दी हैं.
चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि बीते पांच साल 'बेहद असमान्य और अभूतपूर्व रहे हैं.'
उन्होंने कहा कि विकास के लिहाज से चीन से बाहर का वातावरण तेज़ी से बदल रहा है. अनिश्चित और अप्रत्याशित कारणों में इजाफा हुआ है.
बीते दो साल में हुए चीन के विकास को इसी क्रम में देखा जाना चाहिए.

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चीन के विदेश मंत्री ने क्या कहा?
चीन के विदेश मंत्री चिन गैंग ने भी कहा कि चीन के 'उभार को थामने' की अमेरिकी कोशिश कामयाब नहीं होगी.
चीनी संसद के सत्र के इतर अपनी पहली सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस में चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि चीन अपने बुनियादी हितों का मजबूती के साथ बचाव करेगा.
चिन गैंग ने दिसंबर में विदेश मंत्री के तौर पर वांग यी की जगह ली थी.
उन्होंने कहा कि चीन आधिपत्य जमाने की कोशिश, ब्लॉक पॉलिटिक्स और एकतरफ़ा पाबंदियों का विरोध करेगा.
उन्होंने कहा कि चीन को लेकर अमेरिकी सोच में 'गंभीर दिक्कतें' हैं. 'चीन को थामने और दबाने से अमेरिका महान नहीं बनेगा और ये चीन की तरक्की को रोक नहीं पाएगा.'

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चीन के विदेश मंत्री चिन गैंग ने कहा, "अमेरिका दावा करता है कि वो चीन को होड़ से बाहर करना चाहता है लेकिन संघर्ष नहीं चाहता है."
हक़ीकत ये है कि इस कथित 'प्रतियोगिता' के मायने ये हैं कि चीन को हर मामले में दबा दिया जाए.
उन्होंने चीन और अमेरिका की तुलना ओलंपिक रेस में हिस्सा ले रहे दो खिलाड़ियों से करते हुए कहा, "अगर एक खिलाड़ी अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान देने की बजाए हमेशा दूसरे खिलाड़ी को रोकने और उसे चोटिल तक करने के बारे में सोचता है तो इसे साफ़ सुथरा मुक़ाबला नहीं कहा जाएगा बल्कि इसे फाउल कहा जाएगा."
चिन गैंग ने कहा, "अगर अमेरिका ने ब्रेक नहीं लगाए और ग़लत रास्ते पर तेज़ी के साथ बढ़ता गया तो कोई भी रेलिंग उसे पटरी से उतरने से नहीं रोक पाएगी. ये तय है कि संघर्ष और टकराव होकर रहेगा."
उन्होंने कहा कि चीन इस तरह के मुक़ाबले को पुरज़ोर तरीके से ख़ारिज करता है. ये आंख बंदकर खेले जाने वाला जुआ है. इसमें दोनों देशों के लोगों के बुनियादी हितों के साथ मानवता भी दांव पर लगी हुई है.
गुब्बारे से जुड़े विवाद पर क्या बोले चीनी विदेश मंत्री?
उन्होंने अमेरिका के आसमान में उड़ते चीन के मानवरहित गुब्बारे को अमेरिकी लड़ाकू विमानों के जरिए गिराए जाने की हालिया घटना का भी ज़िक्र किया.
उन्होंने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन करने और इसे गिराने के लिए ताक़त के बेजा इस्तेमाल का आरोप लगाया.

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ताइवान पर अमेरिका को हिदायत
चीन के विदेश मंत्री ने ताइवान के मुद्दे पर भी बात की. चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि ताइवान से जुड़े सवाल का समाधान चीन के लोगों को निकालना है. इसमें किसी दूसरे देश को दखल नहीं देना चाहिए.
उन्होंने कहा कि ताइवान चीन का अविभाज्य हिस्सा है. उन्होंने सवाल किया कि अमेरिका यूक्रेन की संप्रभुता और स्वतंत्रता की बात करता है तो फिर चीन की संप्रभुता का सम्मान क्यों नहीं करता है.
ताइवान से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि ताइवान स्ट्रेट के दोनों तरफ का इलाका एक ही परिवार का हिस्सा है. इसे चीन कहा जाता है. चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों तरफ के लोग भाई बहन हैं.

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चीन-रूस की डॉलर- यूरो से दूरी
चीन ने मंगलवार को कुछ अहम फ़ैसले लेते हुए संकेत दिया कि वो रूस के साथ अपने रिश्तों को और मजबूती देने जा रहा है. इनमें सबसे अहम फ़ैसला दोनों देशों के बीच कारोबार के लिए अमेरिकी डॉलर और यूरो का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.
ऐसे फ़ैसलों के जरिए भी चीन ने अमेरिका को भी कड़ा संकेत देने की कोशिश की.
चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिहाज से चीन और रूस एक अच्छा उदाहरण पेश कर रहे हैं. उनके नजदीकी दोतरफ़ा रिश्तों को 'शीत युद्ध के नज़रिए से देखना सही नहीं होगा.'
चीन और रूस के बीच कारोबार के लिए अमेरिकी डॉलर और यूरो का इस्तेमाल नहीं किए जाने के फ़ैसले को लेकर पूछे गए सवाल पर चीन के विदेश मंत्री चिन गैंग ने कहा कि चीन ऐसी मुद्रा का इस्तेमाल करेगा जो प्रभावी, सुरक्षित और विश्वसनीय हो.
उन्होंने कहा, "मुद्रा का इस्तेमाल एकतरफ़ा पाबंदियां लगाने के लिए ट्रंप कार्ड की तरह नहीं होना चाहिए."
रूस की मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक बीते महीने पहली बार चीन की मुद्रा युआन रूस के बाज़ार में अमेरिकी डॉलर को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज़्यादा कारोबार किए जाने वाली मुद्रा बन गई.
बाज़ार में होने वाले कारोबार में युआन की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत जबकि अमेरिकी डॉलर की हिस्सेदारी 38 प्रतिशत से कुछ ज़्यादा है.

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यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका को घेरा
चीन के विदेश मंत्री ने यूक्रेन युद्ध की भी बात की. उन्होंने कहा कि यूक्रेन संकट यूरोप की सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतों को सामने लाता है.
उन्होंने कहा कि इसके पीछे एक 'अदृश्य हाथ' नज़र आता है जो संकट को खींचने की कोशिश में दिखता है.
चिन गैंग ने कहा कि यूक्रेन संकट एक अहम मोड़ पर है. इसके समाधान के लिए शांति और बातचीत किए जाने की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा कि शांति वार्ता से जुड़ी प्रक्रिया को तुरंत शुरू किया जाना चाहिए और सभी पक्षों की चिंताओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए.
'जारी रहेगी चीन की मौजूदा नीति'
कोविड 19 की स्थिति में सुधार आने के बाद से चीन ने दूसरे देशों के साथ संपर्कों में इजाफा किया है. चीन ने 'कूटनीतिक गतिविधियों' की रफ़्तार बढ़ा दी है.
चीन के विदेश मंत्री चिन गैंग ने कहा कि उनका देश 'आधिपत्य जमाने' की किसी भी कोशिश और 'पावर पॉलिटिक्स' के ख़िलाफ़ है. चीन शीत युद्ध जैसी मानसिकता, गुट आधारित टकराव, रोक लगाने या दबाने के ख़िलाफ है.
चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन की कूटनीति में 'दयालुता और अच्छाई' की कोई कमी नहीं है लेकिन 'भेड़ियों' से मुक़ाबला करते हुए चीनी डिप्लोमेट्स के पास 'अपनी मातृभूमि की रक्षा' के लिए उनसे आमने सामने की भिड़ंत के अलावा और कोई चारा नहीं होता.
चीन के विदेश मंत्री ने कहा कि चीन सुरक्षा और विकास से जुड़े अपने हितों का बचाव करेगा. उन्होंने कहा कि चीन पुराने दोस्तों के साथ अपने रिश्तों को न सिर्फ़ बरक़रार रखेगा बल्कि उन्हें और मजबूत बनाएगा.
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