अमेरिका और चीन के नेता ग़ुब्बारा प्रकरण के बाद पहली बार मिले, क्या हुई बात

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  • 4 फरवरी 2023 को अमेरिका के साउथ कैरोलिना समुद्रतट के पास अमेरिका ने एक चीनी बैलून को गिराया.
  • अमेरिका ने इसे जासूसी करने के लिए भेजा गया ग़ुब्बारा कहा. चीन ने इससे इनकार किया और कहा कि ये मौसम संबंधी जानकारी जुटा रहा था.
  • 10 फरवरी को अलास्का के डेडहॉर्स में एक अनजान वस्तु आसमान में उड़ती दिखाई दी. इसे अमेरिका ने गिरा दिया.
  • 11 फरवरी को कनाडा के युकोन के ऊपर एक और अनजान वस्तु दिखाई दी. कनाडा ने अमेरिकी सेना से मदद ली और इसे गिरा दिया.
  • इसके बाद 12 फरवरी को अमेरिका-कनाडा सीमा के पास मिशिगन में क़रीब एक अनजान वस्तु दिखाई दी थी. ये आठ कोनों वाली कोई चीज़ थी जिसे अमेरिका ने गिरा दिया.
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ग़ुब्बारे मामले पर तनातनी के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री ने चीन को सीधी चेतावनी दी है.

ब्लिंकन ने ग़ुब्बारे मामले पर चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी से मुलाकात के बाद एक इंटरव्यू में कहा कि चीन को इस बात की साफ चेतावनी दी गई है कि अगर उसने यूक्रेन युद्ध में रूस को हथियार और दूसरे साज़ो-सामान दिए तो इसके ख़तरनाक नतीजे होंगे.

दोनों की मुलाकात म्यूनिख में ग्लोबल सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस के इतर हुई. ये मुलाकात वांग यी के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका बैलून मामले पर कुछ ज़्यादा ही हाय-तौबा मचा रहा है.

इस मुलाकात के बाद एनबीसी न्यूज़ के 'मीट द प्रेस विद चक टोड' में कहा कि अमेरिका इस बात को लेकर बेहद चिंतित है कि चीन रूस को खतरनाक हथियार और दूसरे साज़ो-सामान मुहैया कराने की सोच रहा है.

इस मुलाक़ात के दौरान चीन को साफ बता दिया कि अगर चीन ने ऐसा किया तो अमेरिका के साथ इसके रिश्तों पर गंभीर असर पड़ेगा.

ब्लिंकन ने कहा, ''कई ऐसी खतरनाक मदद है जो इस वक्त चीन रूस को देने की सोच रहा है. इसमें हथियारों की मदद भी शामिल है. अमेरिका इस बारे में जल्दी ही और ब्योरा जारी करेगा.''

लेकिन चीन के विदेश मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक़, वांग ने ब्लिंकन से कहा कि अमेरिका ने अपनी ताकत के अंधाधुंध इस्तेमाल से आपसी रिश्तों को जो नुकसान पहुंचाया उसका वो सामना करे और उसकी भरपाई करे.

दरअसल वांग हाल में अमेरिका की ओर से एक चीनी बैलून को मार गिराने की घटना का ज़िक्र कर रहे थे. कहा जा रहा था कि ये चीन का जासूसी ग़ुब्बारा था.

विदेश मंत्रालय के एक सीनियर प्रवक्ता ने पत्रकारों से कहा कि चीन दोहरा खेल खेल रहा है. एक तरफ तो वो दुनिया की शांति और स्थिरता में योगदान देने का दावा कर रहा है. लेकिन दूसरी ओर यूक्रेन पर रूस के हमले को समर्थन देने के लिए चिंताजनक कदम उठा रहा है.

वांग यी

ब्लिंकन की 'सीधी' चेतावनी

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इस सीनियर अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा वांग यी से मुलाकात के दौरान ब्लिंकन ने सीधी चेतावनी दी. उन्होंने साफ-साफ चेताया कि रूस को उसने हथियार और दूसरे साज़ो-सामान दिए तो नतीजे क्या हो सकते हैं. रूस पर जो प्रतिबंध लगाए गए उसे बचने में भी चीन ने मदद की तो नतीजे घातक होंगे.

रूस और चीन ने पिछले साल फरवरी में 'नो लिमिट्स' पार्टनरशिप से जुड़े समझौते पर दस्तखत किए थे. चीन और रूस ने अपनी दोस्ती को सीमा विहीन कहा था.

ग़ुब्बारे मामले पर भी ब्लिंकन ने वांग यी को कड़ी चेतावनी दी. विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, ''मीटिंग के दौरान ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका अपनी संप्रुभता में कोई भी उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि ऊंचाई से निगरानी करने वाले चीनी ग़ुब्बारे पांच महाद्वीपों के 40 से अधिक देशों के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है. और ये बात दुनिया के सामने खुल चुकी है."

प्राइस ने बताया, ''ब्लिंकन ने वांग यी से ग़ुब्बारे वाले मामले पर साफ बात की और कहा कि इस तरह की गैर ज़िम्मेदाराना हरकत दोबारा न हो.''

पिछले दिनों रूस और चीन के रिश्ते एक बार तनावग्रस्त हो गए थे जब अमेरिका हवाई क्षेत्र में एक बैलून घुस आया था. कहा जा रहा था कि यह चीन की ओर से छोड़ा गया जासूसी ग़ुब्बारा है. ये तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के आदेश पर इसे गिरा दिया गया.

चीन

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ग़ुब्बारा प्रकरण से ब्लिंकन का चीन दौरा टल गया था

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ग़ुब्बारा प्रकरण की वजह से ब्लिंकन ने अपना चीन दौरा स्थगित कर दिया था. ब्लिंकन को 5-6 फरवरी को चीन का दौरा करना था. अगर ब्लिंकन चीन जाते तो पिछले पांच साल में किसी अमेरिकी विदेश मंत्री का पहला दौरा होता.

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के साथ ही चीन के साथ उसके रिश्ते बिगड़ने शुरू हो गए थे. अमेरिका ने चीनी आयात पर भारी-भरकम शुल्क लगाए थे. इसके बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो गया था. उम्मीद थी कि जो बाइडन की सरकार में चीन से रिश्ते सुधर सकते हैं. लेकिन दोनों देशों के लगातार नए विवाद खड़े होते दिख रहे हैं.

माना जा रहा था कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को इस दौरे से कई उम्मीदें थीं और वह संभवतः खुद एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात करने वाले थे. लेकिन सवाल ये है कि आख़िर उस गुब्बारे से ऐसे कौन से इंटेलिजेंस जुटाए जा रहे थे कि चीन ने इतना बड़ा रिस्क लिया.

इसका छोटा सा जवाब चीन की ओर से है- कुछ भी नहीं. कई विश्लेषक मानते हैं कि अगर एक हद तक जासूसी भी थी तो गुब्बारे को ऐसे वक़्त लगाना चीन की तरफ़ से एक भूल है.

कहा जा रहा है कि चीन के दो 'जासूसी' ग़ुब्बारे थे, लातिन अमेरिका के ऊपर हवा में झूल रहे थे, हालांकि ये अब तक नहीं पता है कि इस दूसरे ग़ुब्बारे को ख़त्म किया गया है या नहीं.

चीन के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने ये कहा कि "चीन को इस तरह से एयरशिप के अमेरिकी एयरस्पेस में दाखिल होने पर खेद है."

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अमेरिका-चीन रिश्ते को झटका

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भले ही ये ग़ुब्बारा जासूसी के लिए हो या मौसम की जानकारी के लिए, लेकिन इससे दोनों देशों के रिश्तों को ज़ोरदार धक्का लगा है. जबकि दोनों देश बीते कुछ महीने से तनाव को कम करने में जुटे थे. ब्लिंकन के दौरे से कुछ बहुत बड़ा हासिल नहीं होने वाला था लेकिन उनका दौरा हो पाना ही खुद में एक बड़ी बात होती.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी ये दौरा चाहते थे क्योंकि चीन में भी वह ये साबित करना चाहते हैं कि उनकी सरकार के पास चीन के भविष्य का विज़न है.

बीते दिनों ही जिनपिंग सरकार को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था जब पार्टी कांग्रेस में उन्होंने कहा था कि देश की ज़ीरो कोविड पॉलिसी से वह पीछे नहीं हटेंगे और इसके बाद उन्हें इसमें ढील देनी पड़ी.

इसके बाद देश में कोविड से होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ने लगा और अस्पतालों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं, दवाओं की कमी देखने को मिली.

अब चीन की सरकार ये दिखाना चाहती है कि वो आर्थिक विकास के लिए खुद को खोलने के ज़रूरी प्रयास कर रही है.

अमेरिका के विदेश मंत्री का दौरा इस लिहाज़ से शी जिनपिंग सरकार के लिए बेहतर साबित होता. अमेरिका ने कहा है कि ये 'अमेरिका की संप्रभुता का उल्लंघन' है. लेकिन हम ये भी जानते हैं कि अमेरिका भी वक़्त-वक़्त पर चीन की जासूसी करता रहा है.

वहीं चीन ने अमेरिका के इस 'मानवरहित ग़ुब्बारे' को नष्ट करने के क़दम की निंदा की है, हालांकि अगर ये ग़ुब्बारा अमेरिका का होता और चीन के एयरस्पेस में घूम रहा होता तो पीपुल्स लिबरेशन आर्मी इसे मार गिराने में कोई क़सर नहीं छोड़ती.

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