ईरान के विदेश मंत्री का भारत दौरा हुआ रद्द, वीडियो क्लिप बताई गई वजह - प्रेस रिव्यू

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दिल्ली से छपने वाले अख़बारों में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय ख़बरों के अलावा राजधानी दिल्ली में सामने आए निक्की यादव हत्या मामले, त्रिपुरा-मेघालय चुनावों से जुड़ी ख़बरें, राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत के मोदी पर निशाना साधने से लेकर यूट्यूब के नए सीईओ नील मोहन से जुड़ी ख़बरों को प्राथमिकता दी गई है.
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, एक ईरानी महिला के बाल काटने के दो-सेकंड के वीडियो से नाराज़गी के कारण ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाह्यान ने अपना भारत दौरा रद्द कर दिया है.
अख़बार लिखता है कि ईरानी विदेश मंत्री मार्च महीने की तीन और चार तारीख को रायसीना डायलॉग के लिए भारत आने वाले थे, लेकिन दो-सेकंड के एक वीडियो के कारण अब उन्होंने ये दौरा रद्द कर दिया है.
एक मिनट 50 सेकंड के इस वीडियो में एक जगह पर एक ही फ़्रेम में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की तस्वीर के साथ एक ईरानी महिला की तस्वीर दी गई है जो अपने बाल काट रही है.
भारत के विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर रायसीना डायलॉग का आयोजन ऑब्ज़र्वर रिसर्च फ़ाउंडेशन (ओआरएफ़) करता है. इसमें कई देशों के नेता समेत अलग-अलग मुद्दों के जानकार हिस्सा लेते हैं. इस साल ये कार्यक्रम दिल्ली में दो से लेकर चार मार्च तक होना है.
इसी कार्यक्रम को लेकर महीने भर पहले ओआरएफ़ ने सोशल मीडिया पर एक प्रोमोशनल वीडियो पोस्ट किया था. इस वीडियो में मौजूदा दौर में दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों और अलग-अलग देशों के सामने खड़ी मुश्किलों का ज़िक्र है.
इसके 40वें सेकंड में एक फ़्रेम में दो तस्वीरें दिखती हैं. जहां फ़्रेम में नीचे विरोध प्रदर्शन में शामिल एक महिला अपने बाल काटती है, वहीं ऊपर के फ़्रेम में ईरान के राष्ट्रपति की तस्वीर दिखती है.
ईरान में बीते दिनों हिजाब सही तरीके से न पहनने को लेकर महसा अमीनी नाम की एक लड़की को पुलिस ने हिरासत में लिया था. बाद में इस लड़की कि हिरासत में मौत हो गई थी, जिसके बाद वहां कई सप्ताह तक सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए. इन प्रदर्शनों के दौरान महिलाओं ने सामने आकर अपने बाल काटे थे.
सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि इस वीडियो क्लिप से नाराज़ ईरान ने अपने दूतावास के ज़रिए ओआरएफ़ और भारतीय विदेश मंत्रालय से संपर्क किया और प्रदर्शनकारी के साथ एक ही फ़्रेम में राष्ट्रपति की तस्वीर दिखाने को लेकर आपत्ति जताई. उन्होंने इस वीडिया क्लिप को हटाने के लिए कहा जिससे आयोजकों ने इनकार कर दिया.
इसके बाद ईरानी सरकार ने आयोजकों से कहा है कि विदेश मंत्री रायसीना डायलॉग में शामिल नहीं होंगे.
ईरान के साथ भारत के व्यापारिक रिश्ते हैं. ईरान में हुए विरोध प्रदर्शनों पर भारत ने अब तक कोई टिप्पणी नहीं की है. बीते साल नवंबर में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार काउंसिल ने ईरान में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के मामले की जांच के लिए एक फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग मिशन भेजने का प्रस्ताव पेश किया गया था.
जर्मनी और नीदरलैंड्स के लाए इस प्रस्ताव पर वोटिंग करने से 16 देशों ने इनकार कर दिया था, इनमें से भारत भी एक था. हालांकि ये प्रस्ताव 25 वोटों के साथ पास हो गया था.
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वीडियो में क्या है?
ओआरएफ़ द्वारा जारी वीडियो की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक क्लिप से की गई है. ये बीते साल समरकंद में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हुई उनकी मुलाक़ात के वक्त की क्लिप है जिसमें वो कहते हैं कि, 'ये युद्ध का दौर नहीं है.'
वीडियो में रूसी राष्ट्रपति के अलावा यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेन्स्की, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर की भी क्लिप है.
अख़बार लिखता है कि मार्च की पहली और दूसरी तारीख़ को भारत में जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक होनी है. रायसीना डायलॉग का आयोजन इस बैठक के बाद किया गया है.
ऐसे में माना जा रहा है कि कई मुल्कों के विदेश मंत्री इस कार्यक्रम के लिए भारत में रुकेंगे. जी-20 देशों के अलावा भी कई देशों के विदेश मंत्री इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचने वाले हैं.

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निगमबोध घाट के बाहर हुई निक्की यादव की हत्या - पुलिस
दिल्ली के द्वारका में एक ढाबे में रखे फ़्रिज के भीतर से 23 साल की निक्की यादव नाम की एक महिला का शव मिलने के बाद ये मामला अख़बारों की सुर्ख़ियों में छाया हुआ है.
हिंन्दुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने गुरुवार को बताया है कि निक्की के बॉयफ़्रेंड साहिल गहलोत ने दिल्ली के निगमबोध घाट के बाहर अपने कज़न के कार में गला घोंटकर निक्की की हत्या की.
10 फ़रवरी को सवेरे 9 बजे के क़रीब जिस वक्त निक्की की हत्या हुई कार निगमबोध घाट की पार्किंग में खड़ी थी. सफेद रंग की इस कार में काले रंग के शीशे थे जिस कारण कार में क्या हुआ किसी को नहीं दिखा होगा.
पुलिस ने कहा कि 'इसके बाद साहिल ने निक्की को सीट पर बिठाकर उसे सीट बेल्ट लगाया और उसी कार में निक्की का शव लेकर 40 किलोमीटर दूर नजफ़गढ़ के पास मितराउं गांव में गया जहां उसने शव को एक फ़्रिज में रख दिया. इसके बाद उसने निक्की का फ़ोन स्विच ऑफ़ कर दिया और शादी करने चला गया.'
अख़बार लिखता है कि पुलिस को इस रास्ते के क़रीब पांच सीसीटीवी कैमरों में कार चलाते हुए साहिल गहलोत की तस्वीरें मिल गई हैं, लेकिन निक्की का गला घोंटने का फ़ुटेज अब तक उन्हें नहीं मिल पाया है.
शादी के बाद साहिल ढाबे पर वापस आया जहां उसने फ़ोन स्विच ऑन किया और उसमें से तस्वीरें और दोनों के बीच हुई चैट मैसेजेज़ डिलीट कर दिए.

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दैनिक भास्कर ने पुलिस के हवाले से लिखा है कि नौ फ़रवरी को सगाई के बाद 10 फ़रवरी को जिस वक्त साहिल निक्की से मिलने उसके घर गया था उस वक्त निक्की की बहन भी घर पर थी. निक्की और साहिल यहां से साथ में कार में निकले थे. दोनों ने पहले गोवा जाने का प्लान बनाया था, लेकिन साहिल की टिकट न होने के कारण दोनों ने फिर पहाड़ों में जाने की योजना बनाई.
अख़बार के मुताबिक़, बस के लिए कश्मीरी गेट पहुंचने पर पता चला कि वहां से सारी बसें निकल चुकी हैं, जिसके बाद दोनों ने कार में बैठकर बातें कीं. उसी दौरान दोनों में बहस हुई और साहिल ने गुस्से में मोबाइल चार्जर से गला घोंटकर निक्की की हत्या कर दी.

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बीजेपी, कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी को चुनाव आयोग का नोटिस
गुरुवार को चुनाव आयोग ने बीजेपी, कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी को अलग-अलग नोटिस भेजे हैं और चुनाव के दिन ट्विटर पर पोस्ट के ज़रिए वोट मांगने को लेकर उनसे जवाब-तलब किया है. गुरुवार को त्रिपुरा में मतदान हुआ था.
अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि 27 फ़रवरी को होने वाले नगालैंड और मेघालय विधानसभा चुनावों और साल 2024 में होने वाले आम चुनावों से पहले ये सभी पार्टियों के लिए एक संदेश है कि मतदान से 48 घंटे पहले लागू होने वाली आचार संहिता सोशल मीडिया पर भी लागू रहेगी.
ये पहली बार है जब वोट अपील के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर चुनाव आयोग ने पंजा कसा है. चुनाव आयोग ने कहा है कि इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा.
अख़बार लिखता है कि इस मामले में बीजेपी को दो नोटिस, कांग्रेस और सीपीएम को एक-एक नोटिस भेजा गया है. आयोग ने तीनों को इसे सुधारने के लिए जल्द से जल्द क़दम उठाने के लिए कहा है और जवाब देने के लिए शुक्रवार शाम पांच बजे तक का समय दिया है.

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भारतीय मूल के नील मोहन बने यूट्यूब के सीईओ
नौ साल तक यूट्यूब की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रही सुज़ैन वोजित्स्की के अपने पद से इस्तीफ़ा देने के बाद भारतीय मूल के नील मोहन गुरुवार को इस वीडियो प्लेटफ़ॉर्म के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाए गए हैं.
मिंट में छपी एक ख़बर के अनुसार, 25 साल पहले जब गूगल एक गराज में बना था, उस वक्त से सुज़ैन वोजित्स्की गूगल के साथ जुड़ी थीं. बाद में गूगल ने यूट्यूब को ख़रीद लिया और सुज़ैन 2014 में इसकी मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनीं.
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अख़बार लिखता है कि 54 साल की सुज़ैन का कहना है कि वो अब अपने परिवार, स्वास्थ्य और निजी जीवन पर ध्यान देना चाहती हैं इस कारण अपने पद से इस्तीफ़ा दे रही हैं.
अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, सुज़ैन की जगह लेने वाले नील मोहन ने स्टैनफ़र्ड यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. वो पहले गूगल में बतौर चीफ़ प्रोडक्ट ऑफ़िसर काम कर चुके हैं.
इससे पहले वो माइक्रोसॉफ़्ट में भी काम कर चुके हैं और बायो-तकनीक के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी 23एंडमी के बोर्ड में भी रहे हैं.
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