लेस्टर के तनाव और हिंसा में सोशल मीडिया अफ़वाहों की क्या भूमिका रही

लेस्टर में विरोध प्रदर्शन

ब्रिटेन के लेस्टर शहर में बीते शनिवार को हिंदू और मुसलमान युवाओं के बीच झगड़े के बाद तनाव पैदा हो गया था. इस तनाव की शुरुआत 28 अगस्त को भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए क्रिकेट मैच से हुई थी.

इंग्लैंड के पूर्वी मिडलैंड्स में स्थित लेस्टर शहर की आबादी में लगभग 37 फ़ीसद लोग दक्षिण एशियाई मूल के हैं. इनमें से ज़्यादातर भारतीय मूल के हैं. शनिवार को एक-दूसरे पर हमला करते दोनों पक्षों के युवाओं को रोकने के दौरान 16 पुलिसकर्मी घायल हुए थे.

इस हिंसा को भड़काने में सोशल मीडिया पर फैल रही अफ़वाहों की बड़ी भूमिका मानी जा रही है. इस सिलसिले में रविवार को 21 साल के एक मुसलमान युवक को एक साल की जेल की सज़ा हुई है. यूसुफ़ सोशल मीडिया से प्रभावित होकर चाकू लेकर एक प्रदर्शन में शामिल हुए थे. लेस्टर पुलिस ने सोशल मीडिया से प्रभावित एक और प्रदर्शनकारी को जेल भेज दिया है.

यूसुफ़ ने कोर्ट में माना था कि सोशल मीडिया पर चल रही ख़बरों की वजह से ही उन्होंने ऐसा किया था.

लेस्टर में तनाव

इमेज स्रोत, LEICESTER MEDIA

'फ़ेक न्यूज़'

लेस्टर के पुलिस प्रमुख की ज़िम्मेदारी संभाल रहे रॉब निक्सन ने बीबीसी को बताया है कि सोशल मीडिया ने यहां आग भड़काने में बड़ी भूमिका निभाई है.

रॉब निक्सन के मुताबिक़, "इस तनाव के दौरान कई अफ़वाहें फैलाई गई हैं और इसी की वजह से पुलिस और धार्मिक केंद्रों पर हमला हुआ है."

उनकी गुज़ारिश है कि 'अगर लोगों को सोशल मीडिया पर कोई जानकारी मिल रही है और वो इसकी सच्चाई का पता नहीं लगा सकते, तो कृपया ऐसी जानकारी किसी और को न बढ़ाएं.'

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रॉब का कहना है, "हम जानते हैं कि लोग ऐसा कर रहे हैं. लोगों को सोशल मीडिया पर फ़ेक न्यूज़ मिलते हैं और इसे दूसरों को भेज देते हैं. इससे समस्या और ज़्यादा बड़ी हो रही है. इससे हमारा डर भी बढ़ रहा है."

इस बीच लंदन से प्रकाशित होने वाले अख़बार 'द गार्डियन' के मुताबिक़ लेस्टर की एक सांसद ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने दख़ल नहीं दिया तो दो समुदायों की यह हिंसा दूसरे शहरों तक फ़ैल सकती है. क्लॉडिया वेब का संदसदीय क्षेत्र ही पिछले एक महीने से हिंसा और हंगामे का केंद्र बना हुआ है. क्लॉडिया वेब का कहना है, " मंत्रियों को सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफ़वाहों और धुर दक्षिणपंथी विचारधारा के लोगों पर शिकंजा कसना होगा."

वेब के मुताबिक़, ''हक़ीकत यह है कि ब्रिटेन और लेस्टर जैसे शांत शहर में कई फ़्रिंज एलिमेंट अपना सिर उठा रहे हैं. ये चरमपंथी और दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रभावित लोग हैं. अगर हम इसकी मूल वजहों को नहीं समझेंगे तो यह लेस्टर से दूसरे इलाक़ों तक फैल जाएगा. सरकार को इसमें दख़ल देना होगा और यह निश्चित करना होगा कि सोशल मीडिया प्लोटफ़ॉर्म्स हालात को और बिगड़ने से रोकें.''

इस बीच मंगलवार को लेस्टर के हिन्दू और मुस्लिम नेताओं ने साझा बयान जारी कर शांति और एकता की अपील की है.

वीडियो कैप्शन, ब्रिटेन: लेस्टर शहर में तनाव के बीच हिंदू, मुसलमानों को है इस बात की चिंता

लेस्टर हिंसा के पर क्या कह रहे हैं प्रमुख अख़बार

'द टेलिग्राफ़' के मुताबिक़ लेस्टर की हिंसा बर्मिंघम के क़रीब स्मेथविक तक पहुंच गई है. अख़बार का कहना है कि बीती रात के एक वीडियो फुटेज में मास्क और हुड लगाए लोग एक हिन्दू मंदिर के बाहर इकट्ठा दिख रहे हैं. ये लोग धार्मक नारे भी लगाते हुए दिख रहे हैं. ख़बर के मुताबिक़ दो समुदायों के बीच की यह हिंसा लेस्टर से 50 मील दूर तक पहुंच गई है.

'स्काई न्यूज़' की ख़बर है कि लेस्टर के हिन्दू और मुसलमान समुदाय के नेताओं ने नफ़रत फ़ैलाने वालों से हिंसा और लोगों को भड़काना बंद करने की अपील की है. अख़बार के मुताबिक़ हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए एक क्रिकेट मैच के बाद भड़की हिंसा को फ़ौरन रोकने की अपील की है.

इस बीच हिन्दू मंदिर पर प्रदर्शन करने के मामले में एक प्रदर्शनकारी को गिरफ़्तार किया गया है. मंगलवार शाम वेस्ट मिडलैंड्स के स्मेथविक में दुर्गा भवन मंदिर के बाहर क़रीब 100 लोग प्रदर्शन करने पहुंचे थे.

घटना के मुताबिक़ यहां पुलिस पर पटाख़े फेंके गए. हालांकि इसमें किसी के घायल होने की ख़बर नहीं है. यहां चाकू लेकर प्रदर्शन करने पहुंचे 18 साल के एक लड़के को हिरासत में लिया गया है. वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस का कहना है कि उन्हें जानकारी मिली थी कि यहां एक हिन्दू कल्चरल रिसोर्स सेंटर पर प्रदर्शन की योजना है. पुलिस के मुताबिक़ इस कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया था. इस योजना में शामिल स्पीकर ब्रिटेन में नहीं रह रहा था.

वीडियो कैप्शन, शनिवार रात को दोनों समुदायों के लोगों के बीच बढ़ गया था तनाव

वहीं 'द गार्डियन' के मुताबिक़, लेस्टर के मेयर पीटर सॉल्सबी ने कहा है कि हिन्दुओं और मुसलमानों के बीच तनाव पैदा होने के बाद सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे पूरी तरह तोड़-मरोड़ कर पेश किये जा रहे हैं. लेस्टर के मेयर का कहना है कि सोशल मीडिया से फैल रही अफ़वाहों और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने से हालात और बिगड़े हैं.

'इंडिपेंडेंट' अख़बार ने अपनी ख़बर में यह बताने की कोशिश की है कि आख़िर किस तरह से लेस्टर में धार्मिक तनाव शुरू हुआ. अख़बार के मुताबिक़, ''भारत और पाकिस्तान के बीच एक सामान्य से क्रिकेट मैच के बाद भड़काऊ नारों की वजह से यह तनाव शुरू हुआ.'' 28 अगस्त को हुए एशिया कप के इस मैच में पाकिस्तान हार गया था.

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