पैग़ंबर मोहम्मद पर बीजेपी प्रवक्ताओं के बयान पर क्या बोला अरब मीडिया

नूपुर शर्मा

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पैग़ंबर मोहम्मद को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में बीजेपी ने अपनी प्रवक्ता नूपुर शर्मा को पार्टी से निलंबित कर दिया और दिल्ली बीजेपी के मीडिया सेल प्रमुख नवीन कुमार जिंदल की पार्टी की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर दी गई है.

बीजेपी के नेताओं का पैग़ंबर मोहम्मद पर, इस तरह की टिप्पणी करना खाड़ी देशों में एक बड़ा मुद्दा बन गया है. सोशल मीडिया पर ट्रेंड से लेकर वहां के अख़बारों की सुर्खियों में बीजेपी नेताओं की टिप्पणी छाई हुई है.

क्या लिख रहे हैं अख़बार

दुबई से निकलने वाला अख़बार गल्फ़ न्यूज़ लिखता है, "पैग़ंबर मोहम्मद पर बीजेपी नेताओं की ओर से दिए गए विवादित बयान के कुछ दिन बाद पार्टी ने रविवार को बयान की निंदा की और अपनी प्रवक्ता नूपुर शर्मा को निलंबित और दिल्ली बीजेपी के नेता नवीन कुमार जिंदल को पार्टी से निष्कासित कर दिया है."

अख़बार लिखता है कि नूपुर शर्मा के बयान को लेकर मुंबई में कई एफ़आईआर दर्ज की गई हैं. तीन जून को नूपुर शर्मा के इस बयान के बाद ही उत्तर प्रदेश के कानपुर में हिंसा भड़की थी. जिसमें 29 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

नूपुर शर्मा

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क़तर की राजधानी दोहा से चलने वाला प्रसारक अलजज़ीरा इस मुद्दे पर लिखता है कि भारत की सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के ख़िलाफ़ एक कूटनीतिक तूफ़ान आ चुका है.

अल जज़ीरा लिखता है, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पार्टी ने इस विवाद के बीच पैग़ंबर को लेकर विवादित टिप्पणी करने वाले नेताओं को पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है."

ख़बर में आगे लिखा है कि इन्हीं टिप्पणियों की वजह से उत्तर प्रदेश के कानपुर में हिंसा भड़की है और भारत में नूपुर शर्मा की गिरफ्तरी मांग भी की जा रही है.

भारत ने सत्तारूढ़ पार्टी की प्रवक्ता को बताया 'फ़्रिंज'

कुवैत से निकलने वाले अख़बार अरब टाइम्स ने इस ख़बर को प्रमुखता से छापा है.

अख़बार ने लिखा है कि कुवैत के विदेश मंत्रालय ने रविवार को भारतीय राजदूत को तलब किया और लिखित रूप में बीजेपी नेताओं के विवादित बयानों पर गहरी आपत्ति जताई.

अरब टाइम्स लिखता है, "कुवैत ने भारत की सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी की ओर से अपनी प्रवक्ता नूपुर शर्मा और दिल्ली बीजेपी के नेता को पार्टी ने निकालने के कदम का स्वागत किया है. हालांकि, कुवैत के मंत्रालय ने इस तरह के निंदनीय बयानों के लिए नेताओं की ओर से सार्वजनिक माफी की मांग की है."

"मंत्रालय का कहना है कि इस तरह के बयान से साफ़ जाहिर होता है कि ये लोग इस्लाम की शांतिपूर्ण प्रकृति और भारत सहित सभ्यताओं और राष्ट्रों के निर्माण में इस्लाम की भूमिका की जानकारी नहीं रखते."

विदेश मंत्रालय के जवाब में भारतीय राजदूत ने कहा, " ये बयान सरकार और और पार्टी विचारधारा को प्रदर्शित नहीं करते बल्कि ये फ्रींज एलिमेंट्स की राय है. हमारी सभ्यता, विरासत और विविधता में एकता की मजबूत सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप, भारत सरकार सभी धर्मों को सर्वोच्च सम्मान देती है."

बीजेपी

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'दुकानों से हटाए गए भारतीय उत्पाद'

रियाद से निकलने वाला अख़बार अरब न्यूज़ में छपी रिपोर्ट में लिखा है कि गल्फ़ मुल्कों में दुकानों से भारतीय उत्पाद हटाए जा रहे हैं.

अरब न्यूज़ ने लिखा है कि कानपुर में हिंसा हुई और मुस्लिम देशों में भी इस बयान को लेकर काफ़ी गुस्सा है.

एमएसबी

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बीजेपी नेता नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में एक टीवी डिबेट के दौरान भड़काऊ टिप्पणी की थी जिसके बाद हिंसा और मुस्लिम देशों में नाराज़गी का सिलसिला शुरू हुआ.

अख़बार लिखता है कि सऊदी अरब सरकार ने इस बयान को "अपमानजनक" बताया है और कहा है कि "सभी धर्मों का सम्मान" होना चाहिए.

एक अन्य डिजिटल न्यूज़ आउटलेट मिडिल ईस्ट आई लिखता है कि भारत की सत्तारूढ़ पार्टी ने पैगंबर और इस्लाम पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर अपने नेताओं को निलंबित और निष्कासित कर दिया.

अख़बार लिखता है, "बीजेपी ने टीवी डिबेट के दौरान अपनी प्रवक्ता नूपुर शर्मा की ओर से की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है."

अख़बार के मुताबिक़ नूपुर शर्मा के बयान के बाद कई मुस्लिम देशों ने अपनी नाराज़गी व्यक्त की. सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन जैसे देशों ने भारत के राजदूतों को तलब किया. खाड़ी के कई देशों में बयान से नाराज़गी की वजह से भारतीय सामान को दुकानों और शापिंग कॉप्लेक्स से हटाया जाने लगा.

जेद्दा से निकलने वाले अख़बार सऊदी गज़ट ने इस विवाद से जुड़ी ख़बर को अपने पहले पन्ने पर जगह दी है. अख़बार कहता है कि भारत की सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं की ओर से ईशनिंदा वाले बयान पर सऊदी अरब ने नाराज़गी जताई है.

अख़बार लिखता है कि सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस्लाम धर्म के प्रतीकों के किसी भी अपमान पर अपनी अस्वीकृति को दोहराया है. साथ ही निलंबित करने के लिए बीजेपी के कदम का स्वागत किया है.

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