रूस यूक्रेन में मातृभूमि की खातिर लड़ रहा है: पुतिन

राष्ट्रपति पुतिन

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    • Author, पॉल किर्बी
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विक्ट्री डे के मौके पर अपने भाषण में कहा है कि रूस यूक्रेन में मातृभूमि की खातिर लड़ रहा है.

द्वितीय विश्व युद्ध में नाज़ी जर्मनी पर जीत की याद में मनाए जाने वाले विक्ट्री डे के मौके पर पुतिन ने अपने वार्षिक संबोधन में कहा कि रूसी सैनिक यूक्रेन में अपनी मातृभूमि के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं.

ऐसी ख़बरें थीं कि राष्ट्रपति पुतिन विक्ट्री डे के मौके पर कोई बड़ा एलान कर सकते हैं लेकिन उनके भाषण में ज़्यादा फोकस यूक्रेन पर रूस के हमले के बचाव पर था.

उन्होंने यूक्रेन से चल रही लड़ाई की तुलना साल 1945 में मिली जीत से की. पुतिन ने रूस की सुरक्षा मांगों को खारिज करने का दोष पश्चिमी देशों और नेटो पर मढ़ा.

यूक्रेन पर रूस के हमले के दस हफ़्ते होने जा रहे हैं, जंग में मरने वाले आम लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है.

पूर्वी यूक्रेन के शहर बिलोहोरिव्का में एक स्कूल की इमारत पर रूस के हमले में 60 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है. इस इमारत में लोग बमबारी से बचने के लिए पनाह लिए हुए थे.

सेना के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में पुतिन ने यूक्रेनी लोगों को फासीवादी करार दिया.

साथ ही राष्ट्रपति पुतिन ने वो दावा एक बार फिर से दोहराया कि कीएव की चुनी हुई सरकार नव-नाज़ी लोग चला रहे हैं.

विक्ट्री डे परेड

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11 मिनट का भाषण

'मातृभूमि की पवित्रता' का बचाव करते हुए पुतिन ने पूर्वी क्षेत्र का जिक्र किया. आजकल रूसी हमले का सारा ज़ोर यूक्रेन के इसी इलाके पर है.

उन्होंने कहा, "आज आप डोनबास में हमारे लोगों के लिए, रूस की सुरक्षा और हमारे वतन के लिए लड़ रहे हैं."

राष्ट्रपति पुतिन ने नेटो और यूक्रेन पर ऐसे आरोप भी लगाए जिनकी पुष्टि तथ्यों से नहीं होती है.

उन्होंने कहा, "वे डोनबास में हमारे ख़िलाफ़ कार्रवाई की योजना बना रहे हैं ताकि हमारी ऐतिहासिक ज़मीन पर घुसपैठ कर सकें. कीएव में वे ये कह रहे हैं कि उन्हें परमाणु हथियार हासिल हो सकते हैं. और नेटो हमारे नज़दीक की ज़मीन पर संभावना तलाश रहा है. और ये हमारे लिए और हमारी सीमाओं पर ख़तरा बन गया है."

राष्ट्रपति पुतिन का भाषण 11 मिनट चला.

विक्ट्री डे परेड

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विक्ट्री डे के मौके पर

रूस की समाचार एजेंसियों का कहना है कि इस विक्ट्री डे परेड में 11,000 सैनिकों और 131 बख़्तरबंद गाड़ियों ने हिस्सा लिया. इसमें रूस के अर्माटा टैंक्स भी शामिल थे.

अर्माटा टैंक्स के बारे में माना जा रहा था कि ये यूक्रेन में चल रही लड़ाई के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं.

विक्ट्री डे के मौके पर रूस के शहरों में छोटे पैमाने पर ऐसे ही परेड आयोजित करने की योजना बनाई गई थी.

लेकिन सबकुछ योजना के मुताबिक़ नहीं हो पाया. क्रेमलिन की ओर से बताया गया कि 'ख़राब मौसम' के कारण एयर फोर्स का एक शो परेड के ठीक पहले कैंसल कर दिया गया.

विक्ट्री डे से पहले रूसी लड़ाकू विमानों ने रेड स्क्वेयर के ऊपर एयर शो के लिए रिहर्सल किया था. वे ज़ेड शेप में हवा में डिजाइन बनाने वाले थे.

विक्ट्री डे परेड

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ज़ेड शेप का प्रतीक चिह्न

यूक्रेन पर हमले के दौरान रूस की ओर से ज़ेड शेप का प्रतीक चिह्न के तौर पर इस्तेमाल किया गया है.

ताज्जुब की बात ये थी कि मॉस्को में सोमवार का दिन साफ़ था, आसमान में धूप खिली हुई थी और ऐसा कुछ नहीं था जिसे ख़राब मौसम कहा जा सके.

खेरसोन में सोमवार को रूस के लिए कामयाबी भरा दिन रहा. यूक्रेन के इस शहर के बारे में रूस का दावा है कि यहां उसका पूरी तरह से नियंत्रण स्थापित हो गया है.

रूस की सरकारी समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती ने युद्ध में मारे गए लोगों की याद में विक्ट्री डे परेड की झलकियां शेयर कीं.

इसका नेतृत्व रूस समर्थक स्थानीय अधिकारी वोलोदिमीर सालदो ने किया. वोलोदिमीर सालदो को खेरसोन का गवर्नर नियुक्त किया गया है.

ज़ेलेंस्की

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ज़ेलेंस्की का संदेश

हालांकि यूक्रेन की सरकार वोलोदिमीर सालदो पर देशद्रोह के आरोपों की जांच कर रही है.

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सोवियत संघ के दो करोड़ 70 लाख लोगों की जानें गई थीं, इसमें 80 लाख लोग यूक्रेन के थे.

यूक्रेन में भी नौ मई का दिन मनाया जा रहा है.

राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अपने संदेश में कहा कि साल 1945 में ही नाज़ियों को बेदखल कर दिया गया था और यूक्रेन इस जीत को किसी को हड़पने नहीं देगा.

उन्होंने कहा कि बहुत जल्दी यूक्रेन दो विक्ट्री डे मनाएगा.

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