अफ़ग़ानिस्तान: तालिबान नेता सिराजुद्दीन हक़्क़ानी पहली बार आए सामने- उर्दू प्रेस रिव्यू

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- Author, इकबाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
अफ़ग़ानिस्तान के अंतरिम गृहमंत्री और तालिबान के वरिष्ठ नेता सिराजुद्दीन हक़्क़ानी पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं.
अख़बार डॉन के अनुसार हक़्क़ानी एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल हुए और उनकी तस्वीरें भी सामने आईं हैं. हाल तक वो अमेरिका की तरफ़ से जारी मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल थे.
हक़्कानी शनिवार को काबुल में अफ़ग़ान पुलिस अधिकारियों के पासिंग आउट परेड में शामिल हुए थे. इस कार्यक्रम को अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रीय टीवी चैनल पर भी लाइव प्रसारित किया गया था.
कार्यक्रम ख़त्म होने के बाद तालिबान ने ख़ुद इस कार्यक्रम में शामिल होते हुए सिराजुद्दीन हक़्क़ानी की तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी की है.
इस दौरान पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "आपकी संतुष्टि और आपको आश्वस्त करने के लिए मैं मीडिया और अवाम के सामने आया हूं."
अब तक सिराजुद्दीन हक़्क़ानी की सिर्फ़ एक ही तस्वीर सामने आई थी जिसमें उनका चेहरा बहुत ही धुंधला दिखता है.
पिछले साल अगस्त में तालिबान के काबुल में दाख़िल होने के बाद वो तालिबान के वरिष्ठ अधिकारियों और विदेशी मेहमानों से लगातार मिलते रहे लेकिन उन मुलाक़ातों की कोई तस्वीर सार्वजनिक नहीं की जाती थी.
एक बार वो एक चैनल को इंटरव्यू देते हुए भी देखे गए लेकिन उसमें भी उनका चेहरा नहीं दिखाया गया था.
सिराजुद्दीन हक़्क़ानी आज भी अमेरिका के एफ़बीआई के मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में हैं और उनके बारे में ख़बर देने वाले को एक करोड़ डॉलर इनाम देने की घोषणा है.

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पेशावर शिया मस्जिद धमाका: इमरान ख़ान ने कहा, हमें मालूम है दहशतगर्द कहां से आए
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा है कि सरकार के पास इस बात की जानकारी है कि शुक्रवार को पेशावर के शिया जामा मस्जिद में हुए धमाके में शामिल दहशतगर्द कहां से आए थे.
शुक्रवार को पेशावर के क़िस्सा ख़्वानी बाज़ार स्थित शिया मस्जिद में हुए धमाके में कम से कम 57 लोग मारे गए थे और क़रीब 200 लोग घायल हुए थे.
अख़बार दुनिया के अनुसार इमरान ख़ान ने कहा, "मैं इस मामले की ख़ुद निगरानी कर रहा हूं. इस हवाले से अब हमें तमाम जानकारियां मिल गईं हैं. इसलिए पूरी ताक़त से उनके पीछे जा रहे हैं."
पाकिस्तान में शिया मुसलमानों के एक संगठन जाफ़रिया-ए-पाकिस्तान के प्रमुख अल्लामा सैय्यद साजिद अली नक़वी ने तीन दिनों का शोक मनाने और रविवार को देश भर में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है.
एक और शिया संगठन मजलिस-ए-वहदत-ए-मुस्लिमीन के महासचिव अल्लामा अहमद इक़बाल रिज़वी ने कहा है कि अगर सुरक्षा के प्रभावी इंतज़ाम किए जाते तो यह हादसा कभी नहीं होता.

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शाह महमूद क़ुरैशी ने यूक्रेन संकट के राजनयिक हल पर ज़ोर दिया
डॉन अख़बार के अनुसार पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोफ़ से फ़ोन पर बातचीत की और यूक्रेन संकट के राजनयिक हल तलाशने पर ज़ोर दिया.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आसिम इफ़्तिख़ार ने बयान जारी कर कहा है कि शाह महमूद क़ुरैशी ने यूक्रेन, पोलैंड, रोमानिया और हंगरी के विदेश मंत्रियों से और यूरोपीय संघ के विदेशी मामलों के प्रतिनिधि से हुई अपनी बातचीत के बारे में भी लावरोफ़ को जानकारी दी. क़ुरैशी ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि रूस और यूक्रेन के बीच शुरू होने वाली बातचीत राजनयिक हल तलाशने में सफल होगी.
पिछले महीने इमरान ख़ान ने रूस का दौरा किया था और जिस वक़्त इमरान ख़ान रूस की धरती पर थे ठीक उसी समय रूस ने यूक्रेन पर हमले की घोषणा की थी.
अब तक पाकिस्तान ने इस मामले में तटस्थ रहने की घोषणा की है.

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हमारा जीना मरना अवाम के साथ है: बिलावल भुट्टो
पाकिस्तान के एक प्रमुख विपक्षी दल पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने प्रधानमंत्री इमरान ख़ान पर जमकर हमला बोला है.
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो ने लॉन्ग मार्च में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "पीपुल्स पार्टी ने जनरल ज़िया, जनरल मुशर्रफ़ का मुक़ाबला किया है, आप तो एक कठपुतली हैं जिसे चुना गया है."
बिलावल ने आगे कहा कि इमरान ख़ान सरकार आठ मार्च तक ख़ुद ही इस्तीफ़ा दे दे वर्ना उसके बाद उनको भागने की भी जगह नहीं मिलेगी.
बिलावल ने कहा, "कठपुतली का कोई भविष्य नहीं है. उन्हें तो लंदन भागना है और हमारा तो मरना जीना अवाम के साथ है."
उन्होंने कहा कि अब वक़्त आ गया है कि इस "निकम्मी सरकार" को जनता की ताक़त से घर भेज दिया जाए.
बिलावल ने कहा, "अब वक़्त आ गया है कि सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाए. अब सब इसके पक्ष में हैं तो पहले नहीं थे. जनता चाहती है कि नया चुनाव हो और नई सरकार बने."
विपक्ष के तमाम दावों को ख़ारिज करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री शेख़ रशीद ने कहा कि इमरान ख़ान की सरकार के ख़िलाफ़ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर जाएगा.
अख़बार जंग के अनुसार शेख़ रशीद ने कहा, बेसब्री से मुंह जल जाएगा. उन्होंने कहा, "सत्ता के भूखे लोग याद रखें ऐसे भी हालात बन सकते हैं कि आपके हाथ कुछ भी न आए."
उधर रक्षा मंत्री परवेज़ ख़टक भी अविश्वास प्रस्ताव पर कहा, "विपक्ष अगर हमारे 10 सासंद तोड़ेगा तो हम उनके 15 सांसद तोड़ेंगे. इमरान ख़ान को अल्लाह ही गिरा सकता है, विपक्ष नहीं गिरा सकता."
अख़बार जंग के अनुसार रक्षा मंत्री ने कहा, "इमरान ख़ान के डर के कारण विपक्षी पार्टियां एकसाथ आ गईं हैं. उनके पास सरकार के ख़िलाफ़ कोई एजेंडा नहीं है."
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