अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन के पाकिस्तान के ख़िलाफ़ इस्तेमाल को लेकर तालिबान क्या बोला - उर्दू प्रेस रिव्यू

तालिबान सरकार में अंतरिम उप-प्रधानमंत्री अब्दुस्सलाम हनफ़ी

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    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

तालिबान ने पाकिस्तान को विश्वास दिलाया है कि वो अफ़ग़ानिस्तान की धरती का पाकिस्तान के ख़िलाफ़ इस्तेमाल नहीं होने देगा.

अख़बार डॉन के अनुसार पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ़ के नेतृत्व में पाकिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को काबुल पहुँचा.

मोईद युसुफ़ ने सबसे पहले अफ़ग़ानिस्तान के अंतरिम विदेश मंत्री अमीर ख़ान मुत्ताक़ी से मुलाक़ात की. उसके बाद उन्होंने अंतरिम उप-प्रधानमंत्री अब्दुस्सलाम हनफ़ी से मुलाक़ात की.

अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति महल से जारी बयान के अनुसार मोईद यूसुफ़ से मुलाक़ात के दौरान अब्दुस्सलाम हनफ़ी ने कहा कि "अफ़ग़ानिस्तान की नीति बहुत स्पष्ट है, हम किसी को भी अपने पड़ोसियों और दूसरे देशों के ख़िलाफ़ अपनी सरज़मीन के इस्तेमाल की इजाज़त नहीं देंगे. हम दूसरों से भी इसी तरह के क़दम उठाने की उम्मीद रखते हैं."

पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ऐसे समय अफ़ग़ानिस्तान के दौरे पर हैं जब पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर तनाव बना हुआ है. सीमा पर बाड़ लगाने को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद चल रहा है.

इसके अलावा प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने हाल ही में पाकिस्तान में कई चरमपंथी हमलों को अंजाम दिया है. पाकिस्तान का कहना है कि टीटीपी के वरिष्ठ नेता अफ़ग़ानिस्तान में बैठे हुए हैं और पिछले महीने टीटीपी ने पाकिस्तान सरकार के साथ हुए युद्धविराम के समझौते को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया था.

मोईद यूसुफ़ ने भी हाल ही में पाकिस्तान की एक संसदीय समिति के सामने पेश होकर कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान के ख़िलाफ़ किया जा रहा है.

हालांकि, मोईद यूसुफ़ ने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान की तालिबान सरकार अपने पड़ोसी पाकिस्तान के साथ ख़ुशगवार संबंध बनाए हुए हैं और हाल ही में सीमा पर बाड़ लगाने को लेकर जो स्थिति पैदा हुई थी वो तालिबान सरकार की आधिकारिक नीति का हिस्सा नहीं है.

भारत और पाकिस्तान के झंडे

भारत के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध संभव नहीं: पाक विदेश मंत्रालय

पाकिस्तान ने कहा है कि मौजूदा हालात में भारत के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध बहाल करना संभव नहीं है.

अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आसिम इफ़्तख़ार ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि भारत को हालात साज़गार बनाने होंगे क्योंकि भारत की सोच और उसके ज़रिए उठाए गए क़दम पूरे क्षेत्र के लिए ख़तरनाक हैं.

पत्रकारों से बात करते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "कश्मीर प्रेस क्लब पर पाबंदी, पत्रकारों की गिरफ़्तारी इस बात के उदाहरण हैं कि भारत कश्मीर के मामले में झूठा प्रोपगैंडा करता है. लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भारत के इस झूठ को बेनक़ाब कर दिया है."

आसिम इफ़्तख़ार ने कहा कि भारत पिछले 70 बरस से भारत प्रशासित कश्मीरियों पर कथित तौर पर ज़ुल्म कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन कर रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान को भारत से मानवीय मदद के बारे में पाकिस्तानी प्रवक्ता ने कहा, "हमने वाघा बॉर्डर के ज़रिए भारत को अफ़ग़ानिस्तान के लिए गेंहू भेजने की इजाज़त दी है. लेकिन, भारत ने आज तक ना कोई तारीख़ बताई और ना ही ट्रकों की कोई जानकारी दी."

पाकिस्तानी प्रवक्ता ने भारत पर ये आरोप भी लगाया कि वो पाकिस्तानी यूट्यूबर्स को फर्जी बताकर उन्हें ब्लॉक कर रहा है और पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल चलाने वालों की अभिव्यक्ति की आज़ादी पर रोक लगाने की कोशिश कर रहा है.

पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो

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स्टेट बैंक संशोधन बिल को अदालत में चुनौती देगी पीपीपी

अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान संशोधन बिल को अदालत में चुनौती देने का फ़ैसला किया है.

पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो इस मामले में पार्टी के वरिष्ठ नेता एतज़ाज़ अहसन और लतीफ़ खोसा से विचार विमर्श करेंगे.

शुक्रवार को स्टेट बैंक संशोधन बिल पाकिस्तानी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में नाटकीय अंदाज़ में भारी शोर-शराबे के बीच पास हो गया.

बिल के समर्थन में 44 वोट पड़े जबकि 43 सांसदों ने बिल का विरोध किया. सीनेट में सरकार अल्पमत में है और विपक्षी सांसदों की संख्या ज़्यादा है लेकिन इस अहम बिल के सदन में पेश होने के दिन विपक्ष के आठ और सत्ताधारी पार्टी के चार सांसद सदन में मौजूद नहीं थे.

बिल पर वोटिंग के दौरान टाइ हो गया था लेकिन आख़िर में सीनेट के चेयरमैन सादिक़ संजरानी ने बिल के समर्थन में वोट दिया. राष्ट्रपति आरिफ़ अल्वी की मंजूरी के बाद ये बिल क़ानून बन जाएगा.

इस बिल के क़ानून बनने के बाद पाकिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से एक अरब डॉलर का लोन लेना आसान हो जाएगा.

सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए पीपीपी की वरिष्ठ नेता शेरी रहमान ने इमरान ख़ान की सरकार पर हमला करते हुए कहा, "एक अरब डॉलर के लिए देश की स्वायत्ता नीलाम कर दी गई. रात के अंधेरे में उन्होंने जो किया इतिहास में इसकी मिसाल नहीं मिलती है."

शेरी रहमान ने सीनेट चेयरमैन पर पक्षपातपूर्ण होने का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरा विपक्ष इस बिल के ख़िलाफ़ है और आगे जो भी सरकार आएगी वो इस बिल को वापस ले लेगी.

लेकिन, सूचना एवं प्रसारण मंत्री फ़व्वाद चौधरी ने बिल पास करने में मदद के लिए पीपीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी का शुक्रिया अदा किया. गिलानी बिल पर वोटिंग के दौरान सदन में मौजूद नहीं थे. गिलानी के अनुसार वो मुलतान में थे, इसलिए राजधानी इस्लामाबाद नहीं पहुंच सके थे.

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