पाकिस्तान के पीएम इमरान ख़ान ने फिर की भारत की तारीफ़, चीन से भी सीखने पर दिया ज़ोर

इमरान ख़ान

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक बार फिर से भारत की तारीफ़ की है. पाकिस्तान-चीन बिज़नेस इंवेस्टमेंट फ़ोरम के उद्घाटन समारोह में इमरान ख़ान ने भारत के आईटी सेक्टर की सार्वजनिक मंच से तारीफ़ की.

पाकिस्तान-चीन व्यापार निवेश मंच के उद्घाटन समारोह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा, "जो नई टेक्नोलॉजिकल रेवोल्यूशन है, आईटी की, हिंदुस्तान उसमें बीस साल पहले किधर था और आज उसकी एक्सपोर्ट देंखे और आज हमें देखें."

इससे पहले इमरान ख़ान ने 27 दिसंबर को लाहौर में स्पेशल टेक्नोलॉजी ज़ोन 'टेक्नोपोलिस' के उद्घाटन समारोह में भी कहा था कि उनका देश आईटी सेक्टर में भारत से काफी पीछे है. इस कार्यक्रम में उन्होंने भारत के आईटी सेक्टर की जमकर तारीफ़ की थी.

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चीन के सहारे तरक्की की उम्मीद

प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने इस समारोह में चीन की जमकर तारीफ़ की.

उन्होंने कहा, "यह बेहद ख़ास मौक़ा है कि हम पाक-चीन बिज़नेस फ़ोरम पर जमा हुए हैं और यह इसलिए ख़ास है क्योंकि इससे सरकार को फ़ीडबैक मिलता है. व्यापार और निवेश की दिशा में किस तरह की मुश्किलें पेश आती हैं और किस तरह की सुविधाएं होनी चाहिए ये समझने में मदद के लिए यह फ़ोरम बेहद अहम है."

उन्होंने कहा, "बीते तीन सालों में एक फ़ीडबैक जो मुझे लगातार मिलता रहा है वो यह कि बावजूद इसके की हम चाइनीज़ इंडस्ट्री को अपने मुल्क में आने के लिए इंसेंटिव तक देते हैं फिर भी इंवेस्टमेंट करने के लिए जो टाइम लगता है यानी अग्रीमेंट से लेकर इंप्लीमेंट तक का समय, वह बहुत अधिक है. और ये हम सभी जानते हैं कि अगर किसी निवेशक के लिए समय जा रहा है तो यह उसके लिए सही निवेश नहीं."

चीन

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इमरान ख़ान ने कहा कि उनकी सरकार की यह पूरी कोशिश है कि उन अड़चनों को दूर किया जाए जिसकी वजह ये अधिक समय लगता है और हम लगातार इस दिशा में काम कर भी रहे हैं.

उन्होंने कहा,"यह समझने वाली बात है कि एक मुल्क़ की दौलत तब तक बन ही नहीं सकती जब तक की उसका औद्योगिकीकरण ना हो. यह बहुत तक़लीफ़देह है कि छोटे-छोटे मुल्कों का निर्यात कहां से कहां पहुंच चुका है लेकिन हम वहीं के वहीं बने हुए हैं. एक मुल्क़ जो एक्सपोर्ट नहीं करता वो आगे कैसे बढ़ सकता है. जब तक हम दुनिया को चीज़ें बेचेंगे नहीं हम आगे कैसे बढ़ सकते हैं.और अभी भी हम सब्जियां, प्याज़ वगैरह बेच रहे हैं इससे तो मुल्क़ आगे नहीं बढ़ेगा."

इमरान ख़ान ने कहा,"जो नई टेक्नोलॉजिकल रेवोल्यूशन है, आईटी की, हिंदुस्तान उसमें बीस साल पहले किधर था और आज उसकी एक्सपोर्ट देंखे और आज हमें देखें."

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पिछली सरकारों पर निशाना

पिछली सरकारों पर हमला करते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि हमारे पास युवा हैं और हमारे पास इतनी क्षमता है लेकिन इस पर कभी ध्यान नहीं दिया गया.

इमरान ख़ान ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चीन और तुर्की की मिसाल देते हुए कहा कि इन मुल्कों ने बेहद प्लान तरीक़े से अपने निर्यात को बढ़ाया है.

इमरान ख़ान ने चीन की तारीफ़ करते हुए कहा कि यह हमारे लिए एक बहुत बड़े फ़ायदे की बात है कि दुनिया की सबसे तेज़ी से आगे बढ़ रही अर्थव्यवस्था वाला देश हमारा पड़ोसी है. हमारी सत्तर साल पुरानी उनसे दोस्ती है और सबसे बड़ी बात की वो हर तरह के सहयोग के लिए तैयार हैं.

इमरान ख़ान ने पिछली सरकारों पर तंज़ करते हुए कहा कि हमारी समस्या ये रही है कि हम ही कभी तैयार नहीं रहे.

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अपनी सरकार की तारीफ़

अपने संबोधन में इमरान ख़ान ने अपनी सरकार और उसकी कोशिशों की भी जमकर तारीफ़ की. उन्होंने कहा कि जब हमारी सरकार का कार्यकाल शुरू हुआ तो सबसे पहले हमने पुराने मसलों को हल करने और स्थिरता लाने की कोशिश की. इसके बाद धीरे-धीरे चीज़ों को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया.

इमरान ख़ान ने कोरोना महामारी के दौरान सरकार के किये प्रयासों के लिए अपने सहयोगियो को धन्यवाद कहा.

"कई बार हम इस क़दर नकरात्मकता से भरे होते हैं कि हम अच्छी चीज़ों की तारीफ़ तक नहीं करते हैं. जिस तरह से हमने कोरोना का सामना किया, जिस तरह आस-पास के मुल्कों की हालत हुई है, भारत में हालात हुए, माइनस में ग्रोथ चली गई, ईरान में देखें...वहीं पाकिस्तान को देखें जो सबसे पहले सामान्य हो गया.जिसने अपने लोगों को भी बचाया और अपनी इकोनॉमी को भी."

इमरान ख़ान ने कहा कि अब उनकी सरकार ने यह तय कर लिया है कि उन्हें अपने निर्यात को बढ़ाना है.

इमरान ख़ान ने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग के मसले पर भी उनकी सरकार काम कर रही है.

इमरान ख़ान

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सीपेक फ़ेज़ 2 पर भी बोले इमरान ख़ान

इमरान ख़ान ने कहा कि चीन के साथ सीपेक फ़ेज़ वन कनेक्टिविटी और पावर से जुड़ा था लेकिन फ़ेज़ टू, बिज़नेस टू बिज़नेस से जुड़ा है और इसके तहत हमे अपनी कृषि पर ध्यान देना है.

इमरान ख़ान ने कहा कि खेती के लिए हम अभी भी उन पुरानी तक़नीकों पर निर्भर कर रहे हैं लेकिन चीन ने इस क्षेत्र में काफी तरक्की कर ली है.

चीन से सीखने वाली एक और बात का हवाला देते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि चीन से एक और चीज़ जो हम सीख सकते हैं वो यह की हम अपनी अर्बन प्लानिंग को बेहतर बना सकते हैं.

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान तेज़ी से शहरीकरण की ओर बढ़ रहा है लेकिन हमारे ग्रीन एरिया तेज़ी से सिकुड़ रहे हैं. इससे फूड सिक्योरिटी का ख़तरा बढ़ा है. प्रदूषण का ख़तरा बढ़ा है."

इमरान ख़ान ने कहा कि हमें चीन से अर्बन डेवलेपमेंट सीखने की ज़रूरत है.

उन्होंने कहा आने वाले समय में चीन की यात्रा की भी योजना है.

हालांकि उन्होंने कोई तय तारीख़ नहीं बतायी कि यह चीन यात्रा कब होगी.

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