पाकिस्तान में इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की तैयारी पूरी- पाकिस्तान उर्दू प्रेस रिव्यू

इमेज स्रोत, Getty Images
- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
इस्लामिक देशों के समूह ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों की बैठक रविवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होगी.
ओआईसी के विदेश मंत्रियों के परिषद के इस 'असाधारण सत्र' में अमेरिका, जर्मनी, जापान, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, फ़्रांस के अफ़ग़ानिस्तान के लिए नियुक्त किए गए विशेष दूत समेत अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.
डॉन अख़बार के अनुसार अफ़ग़ानिस्तान पर होने वाली यह विशेष बैठक पाकिस्तान के संसद भवन में सुबह 11:30 बजे शुरू हो जाएगी. इसके लिए सभी तैयारियां कर ली गईं हैं.
ओआईसी के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के अलावा कई देशों के अफ़ग़ानिस्तान के लिए नियुक्त किए गए विशेष दूत भी इस्लामाबाद पहुँच गए हैं.
इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट YouTube समाप्त
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान सबसे पहले सम्मेलन को संबोधित करेंगे. सम्मेलन की समाप्ति के बाद शाम साढ़े छह बजे पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और ओआईसी के महासचिव हुसैन इब्राहीम ताहा साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस करेंगे.
मेहमानों का स्वागत करते हुए इमरान ख़ान ने कहा, "ओईसी का यह विशेष सत्र अफ़ग़ानिस्तान की अवाम के साथ एकजुटता दिखाने और अफ़ग़ानिस्तान में मानवीय संकट के मसले को हल करने के लिए हमारी सामूहिक ऊर्जा को केंद्रित करने का सबूत है."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
अख़बार दुनिया के अनुसार इस सम्मेलन में शामिल होने के लिए बोस्निया की विदेश मंत्री बसीरा तुर्कोविच भी शनिवार को इस्लामाबाद पहुँचीं.
अफ़ग़ानिस्तान के अंतरिम विदेश मंत्री अमीर ख़ान मुत्तक़ी भी अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ इस्लामाबाद पहुँचे और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से मुलाक़ात की.
क़ुरैशी ने कहा कि रविवार को होने वाली बैठक के ज़रिए वो अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि पिछली ग़लतियों से सीखते हुए अफ़ग़ानिस्तान में शांति और स्थायित्व के लिए आगे बढ़ना चाहए. कुरैशी का कहना था, "अफ़ग़ानिस्तान में 40 साल के बाद शांति की उम्मीद काफ़ी महत्वपूर्ण है और इसलिए मौक़े को हमें नहीं गंवाना चाहिए."

इमेज स्रोत, Twitter/PTI
संयुक्त राष्ट्र में आत्म निर्णय के अधिकार पर पाक समर्थित प्रस्ताव पारित
अख़बार नवा-ए-वक़्त के अनुसार शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में आत्म निर्णय के अधिकार से संबंधित एक प्रस्ताव पारित हुआ.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तान के नेतृत्व में 72 देशों ने इस प्रस्ताव को पेश किया था जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया.
प्रस्ताव का शीर्षक था, "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य लोगों के आत्म निर्णय के अधिकार जो कि विदेशी दबदबे, हस्तक्षेप या क़ब्ज़े में रहने वाले लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का निस्संदेह रूप से समर्थन करता है."
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार सर्वसम्मति से पारित इस प्रस्ताव से भारत प्रशासित कश्मीर में रह रहे लोगों को आत्म निर्णय के अधिकार और कथित ज़ुल्म और क़ब्ज़े से आज़ादी की अपनी लड़ाई में उम्मीद की किरण दिखेगी.

इमेज स्रोत, Getty Images
शाह सलमान बीमार, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सत्ता की बागडोर संभाल ली
अख़बार एक्सप्रेस के अनुसार सऊदी अरब के राजा शाह सलमान बहुत बीमार चल रहे हैं और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सत्ता की पूरी बागडोर अपने हाथों में ले ली है.
अख़बार ने फ़्रांस की एक न्यूज़ एजेंसी का हवाला देते हुए लिखा है कि 86 साल के शाह सलमान गंभीर रूप से बीमार हैं और उनके स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की बातें हो रहीं हैं और इस बीच 36 साल के युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने पूरी तरह से सत्ता पर क़ब्ज़ा कर लिया है.
शाह सलमान किसी भी सरकारी कार्यक्रम में नज़र नहीं आते हैं और विदेशी मेहमानों के स्वागत से लेकर शाही महल में होने वाले सभी कार्यक्रमों की अध्यक्षता मोहम्मद बिन सलमान कर रहे हैं.
2017 में मोहम्मद बिन सलमान को क्राउन प्रिंस बनाया गया था और उसके कुछ ही दिनों बाद से कहा जाने लगा था कि असल शासक मोहम्मद बिन सलमान ही हैं.
आख़िरी बार किसी विदेशी मेहमान का राजधानी रियाद में शाह सलमान ने मार्च 2020 में स्वागत किया था जब उन्होंने ब्रिटेन के तत्कालीन विदेश मंत्री डॉमिनिक राब से मुलाक़ात की थी.
उससे पहले जनवरी 2020 में आख़िरी बार शाह सलमान किसी विदेश यात्रा पर गए थे जब वो सुल्तान क़ाबूस की मौत के बाद श्रधांजलि देने ओमान गए थे.

इमेज स्रोत, Getty Images
बर्ख़ास्त किए गए 16 हज़ार सरकारी कर्मचारियों की नौकरी बहाल करने का आदेश
अख़बार जंग के अनुसार पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने बर्ख़ास्त कर दिए गए 16 हज़ार सरकारी कर्मचारियों को दोबारा बहाल करने का आदेश दिया है. 1993 से 1996 के बीच पाकिस्तान में सरकार ने क़रीब 16 हज़ार लोगों को अलग-अलग विभागों में नौकरी दी थी. उस समय पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की सरकार थी.
पीपीपी की सरकार ख़त्म होने के बाद नई सरकार ने एक आदेश जारी कर इन तमाम लोगों को नौकरी से बर्ख़ास्त कर दिया था. साल 2009 में पीपीपी की सरकार आई और इसने इन लोगों को दोबारा बहाल कर दिया.
अगस्त 2021 में सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने इन लोगों को एक बार नौकरी से बर्ख़ास्त करने का फ़ैसला सुना दिया. इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ पुनर्विचार याचिका दाख़िल की गई और मामला पाँच जजों की बेंच को सौंपा गया.
शुक्रवार को पाँच जजों की बेंच ने 4-1 से फ़ैसला सुनाया और बर्ख़ास्त किए गए लोगों को नौकरी पर दोबारा रखने का फ़ैसला सुनाया.
लेकिन अदालत ने कहा कि जिन लोगों को भ्रष्टाचार या लापरवाही के कारण नौकरी से हटाया गया था उन्हें दोबारा बहाल नहीं किया जाएगा.
अदालत ने यह भी कहा कि जिन नौकरियों के लिए किसी तरह का टेस्ट या इंटरव्यू देना अनिवार्य नहीं था उन्हीं लोगों को बहाल किया जाए लेकिन जिन पदों पर तैनाती के लिए टेस्ट या इंटरव्यू देना ज़रूरी था उन लोगों का दोबारा टेस्ट लिया जाए.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)















