बोस्निया के मुसलमानों पर हंगरी के प्रधानमंत्री की टिप्पणी से बढ़ा विवाद

इमेज स्रोत, Reuters
हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन की बोस्निया को यूरोपीय संघ में शामिल न करने की अपील पर बोस्नियाई राजनेता और धार्मिक नेता आपत्ति ज़ाहिर कर रहे हैं.
बुडापेस्ट में मंगलवार को दक्षिणपंथी नेता ऑर्बन ने अपने भाषण के दौरान कहा था कि बोस्निया की बड़ी मुस्लिम आबादी के कारण उसे एकीकृत रूप में यूरोपीय संघ में शामिल करना चुनौतीपूर्ण है.
इस बात को हंगरी के प्रधानमंत्री ऑर्बन की ओर से प्रवक्ता जॉल्टन कॉवाक्स ने भी ट्वीट किया था.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
ऑर्बन ने भाषण के दौरान कहा था कि हंगरी बोस्निया के यूरोपीय संघ में शामिल होने की कोशिशों को समर्थन देता है लेकिन 'हम उस राज्य की सुरक्षा कैसे करेंगे जहाँ पर 20 लाख मुसलमान रहते हैं, यह उनकी सुरक्षा का भी मुख्य मुद्दा है.'
उन्होंने इस दौरान अन्य यूरोपीय संघ के देशों की सुरक्षा का भी हवाला दिया.
ऑर्बन के बयान की हो रही है निंदा
हंगरी के प्रधानमंत्री के बयान के बाद उनकी काफ़ी निंदा हो रही है. उनके इस बयान के बाद कई बोस्नियाई पार्टियों ने उनके आगामी दौरे पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है.
ऑर्बन बोस्निया और हर्ज़ेगोविना की राजधानी सारायेवो का आधिकारिक दौरा करने वाले हैं.
इस्लामी समुदाय के प्रमुख ग्रैंड मुफ़्ती हुसैन कावाज़ोविच ने ऑर्बन के बयान को 'नस्लवादी' बताया है.
उन्होंने बयान जारी कर कहा है, "अगर इस तरह की विचारधाराएं एकीकृत यूरोप की नीतियां बन जाती हैं तो हम उस वक़्त में वापस पहुँच जाएंगे जब यूरोपीय एकता इसी फासीवादी नाज़ी आधार पर थी, जब ये हिंसक और नरसंहार की विचारधाराएं होलोकॉस्ट और दूसरे भयानक अपराध कर रहे थे."

इमेज स्रोत, EPA
बोस्निया और हर्ज़ेगोविना की त्रिपक्षीय अध्यक्षता के बोस्नियाई सदस्य सेफ़िक ज़फ़रोविच जो कि एक तरह से देश के राष्ट्रपति भी हैं. उन्होंने ऑर्बन के बयान को 'शर्मनाक और असभ्य' बताया है.
उन्होंने कहा, "ऑर्बन खुलकर और लगातार इस्लाम विरोधी विचारों का समर्थन करते हैं. वो यूरोप में मुसलमानों और बोस्नियाई लोगों की मौजूदगी को एक दिक्क़त की तरह देखते हैं."
उन्होंने कहा, "20 लाख (बोस्नियाई) मुसलमानों को एकीकृत रखना यूरोपीय संघ के लिए चुनौती नहीं है क्योंकि हम यूरोप के मूल निवासी हैं, जो हमेशा से यहां रह रहे हैं और हम यूरोपीय हैं."
ज़फ़रोविच ने 90 के दशक में हुए क्रूर बोस्नियाई युद्ध की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय सर्बियाई नेताओं के नियंत्रण में बोस्नियाई लोगों ने 'सभ्यता के सार्वभौमिक मूल्यों' को लेकर अपनी ईमानदारी दिखाई थी और 'उन्होंने किसी भी आपराधिक आचरण का सहारा नहीं लिया जैसा कि उस समय सर्बियाई कर रहे थे.'
उन्होंने कहा कि बोस्नियाई नेताओं का मानना है कि उनके साथी मुसलमान नहीं बल्कि ऑर्बन जैसे लोग यूरोपीय संघ के लिए अपनी 'कट्टरपंथी नस्लभेदी नीतियों के कारण असली चुनौती' हैं.
ज़फ़रोविच ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यूरोपीय संघ ऑर्बन जैसे लोगों को बर्दाश्त करता है तो वो उसके मानवाधिकारों पर आधारित विविध भविष्य को ख़तरे में डाल देगा.
बोस्नियाई राष्ट्रपति ने कहा, "हम यूरोपीय संघ में विश्वास रखते हैं और यूरोपीय संघ में जाना चाहते हैं लेकिन ऐसे यूरोपीय संघ में नहीं जाना चाहते हैं, जहाँ पर ऐसे अपमानजनक संदेश हों, जिसकी ऑर्बन और उनका समूह वकालत करते हैं."

इमेज स्रोत, EPA
कौन हैं ऑर्बन
हंगरी के दक्षिणपंथी प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन प्रवासियों, शरणार्थियों और अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ अपने विचारों के लिए जाने जाते हैं. वो अपनी प्रवासन विरोधी नीतियों के लिए भी जाने जाते हैं और उनका दावा है कि यूरोप के ईसाई मूल्यों के लिए मुस्लिम प्रवासी सबसे बड़ा ख़तरा हैं.
बोस्निया का यूरोपीय संघ में शामिल करने का विरोध करने वाले ऑर्बन अपने पड़ोसी ईसाई बहुल देश सर्बिया और क्रोएशिया को यूरोपीय संघ में तुरंत शामिल करने के समर्थक हैं. हालांकि, सर्बिया के राष्ट्रपति एलेक्ज़ेंडर वुचिच अपनी कट्टर नीतियों के लिए जाने जाते हैं.

इमेज स्रोत, Getty Images
दुनिया की सबसे जटिल राजनीतिक प्रणाली
बोस्निया में मुख्यतः तीन जातीय समूह बोस्नियाई, सर्बियाई और क्रोएशियाई हैं. 90 के दशक में गृह युद्ध की समाप्ति के बाद वो अब तक के अपने सबसे बड़े राजनीतिक संकट से गुज़र रहा है.
रूस और सर्बिया के मौन समर्थन से बोस्निया के सर्बियाई अपनी सेना, न्यायपालिका और टैक्स प्राधिकरण बनाने की धमकी दे रहे हैं. इसके बाद इस बाल्कन देश के फिर से एक और टुकड़े होने का ख़तरा मंडरा रहा है.
बोस्निया में 1992-1995 युद्ध के दौरान एक लाख से अधिक लोग मारे गए थे और लाखों लोग बेघर हो गए थे. उस दौरान बोस्निया के सर्बियाई लोगों ने एक राष्ट्र बनाने की घोषणा की थी, उनका उद्देश्य पड़ोसी देश सर्बिया के साथ शामिल होने का था.
साल 1995 में अमेरिका के ज़रिए प्रायोजित डेटन शांति समझौते से तीन ओर से जारी युद्ध रोका जा सका. इसके साथ ही देश में दो संविधान और एक जटिल राजनीतिक प्रणाली बनाई गई. दुनिया में सर्बिया और हर्ज़ेगोविना की राजनीतिक प्रणाली सबसे जटिल है.

इमेज स्रोत, Getty Images
मंगलवार को दिए गए अपने भाषण में ऑर्बन ने कहा था कि बोस्निया में सर्बियाई नेता मिलाराड डोडिक पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का समर्थन हंगरी नहीं करेगा.
डोडिक के अलगाववादी रुख़ के कारण जर्मनी समेत कई राष्ट्रों ने उनके ख़िलाफ़ प्रतिबंधों की धमकी दी थी.
डोडिक ने बुधवार को कहा था, "सारायेवो ने अपना आपा खो दिया है और वो सर्बिया, क्रोएशिया, स्लोवेनिया और अब हंगरी पर भी हमला कर रहा है. रूस का ज़िक्र नहीं किया है."
वो उन देशों का हवाला दे रहे थे जो कथित तौर पर उनका समर्थन कर रहे हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














