You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
गर्भपात के हक़ के समर्थन में अमेरिका की सड़कों पर उतरे हज़ारों लोग
गर्भपात क़ानूनों के समर्थन में अमेरिका के सभी 50 राज्यों में हज़ारों लोगों ने रैली निकाली है.
टेक्सस में नए क़ानूनों के ख़िलाफ़ ये लोग इकट्ठा हुए थे, जिसके तहत राज्य में गर्भपात को सीमित कर दिया गया है.
इसके बाद गर्भपात के समर्थकों को डर है कि उनको मिले संवैधानिक अधिकारों को वापस लिया जा सकता है.
आने वाले महीनों में सुप्रीम कोर्ट रो वर्सेज़ वेड मामले को पलट सकती है. इस केस के आधार पर ही 1973 में देश भर में गर्भपात को क़ानूनी रूप से वैध बनाया गया था.
वॉशिंगटन डीसी में प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट बिल्डिंग तक मार्च किया. उनके हाथों में 'गर्भपात को क़ानूनी बनाओ' लिखे पोस्टर थे.
'तुम्हारे हाथों में मासूम बच्चों का ख़ून लगा हुआ है'
इस रैली की शुरुआत में तभी अड़चनें पैदा हो गई थीं, जब इसके सामने गर्भपात के विरोधी प्रदर्शनकारी आ गए थे.
वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार लिखता है कि एक आदमी चिल्लाया कि 'तुम्हारे हाथों में मासूम बच्चों का ख़ून लगा हुआ है', हालाँकि उसकी आवाज़ भीड़ के गीतों और तालियों में खो सी गई.
इस मार्च में भाग लेने वाली एक महिला ने कहा कि वो यहाँ पर महिलाओं के चुनने के अधिकार के समर्थन में आई है.
रॉबिन हॉर्न ने रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी से कहा, "सौभाग्य से मुझे इस पसंद को चुनने का फ़ैसला नहीं करना पड़ा है लेकिन यहाँ पर बहुत सी महिलाएं हैं, जिनकी एक पसंद है और हमारी सरकार और पुरुष जब हमारे शरीर की बात आती है तो इस पर न कह देते हैं."
इस रैली का आयोजन करने के पीछे वो लोग शामिल हैं जो सालाना वीमेंस मार्च आयोजन करते हैं. यह मार्च पहली बार 2017 में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद हुआ था, जिसमें लाखों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था.
वीमेंस मार्च की एग्ज़िक्युटिव डायरेक्टर रैचेल ओलियरी कार्मोना कहती हैं, "यह पूरे देश के लिए एक तरह से नई इबारत लिखने जैसा है."
उन्होंने कहा, "हम इस विचार के साथ बड़े हुए हैं कि गर्भपात क़ानूनी अधिकार है और यह हम सबके लिए सुलभ है."
न्यूयॉर्क प्रांत की गवर्नर केथी होचुल ने दो रैलियों को संबोधित किया है.
उन्होंने कहा, "मैं गर्भपात क़ानूनों की लड़ाई लड़ते हुए बीमार हो गई हूँ और थक गई हूं."
"यह राष्ट्र में एक स्थायी क़ानून है और आप हमसे हमारा यह अधिकार न ही अभी और कभी भी नहीं ले सकते हैं."
क्या है गर्भपात क़ानून
टेक्सस प्रांत के ऑस्टिन में भी रैलियां हुई हैं. टेक्सस में ही एक सितंबर को गर्भपात से जुड़े क़ानूनों में तब्दीली की गई है. अब अगर महिलाओं को नहीं मालूम है कि वो गर्भवती हैं तो वो बाद में गर्भपात नहीं करा सकती हैं.
तथाकथित हार्टबीट एक्ट किसी भी शख़्स को यह अधिकार देता है कि छह सप्ताह तक की गर्भवती महिला का गर्भपात कराने के बाद डॉक्टर पर मुक़दमा किया जा सकता है. समर्थकों का कहना है कि इसका उद्देश्य बच्चे को सुरक्षित रखना है.
रिपब्लिकन बहुल प्रांतों के राजनेता भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाने के बारे में सोच रहे हैं.
मानवाधिकार समूहों ने सुप्रीम कोर्ट से टेक्सस क़ानून को प्रतिबंधित करने की मांग की थी लेकिन न्यायाधीशों ने इसके ख़िलाफ़ में 5-4 से फ़ैसला दिया था.
वहीं मिसिसिपी में 15 हफ़्तों की गर्भवती महिलाओं के गर्भपात पर रोक लगा दी गई है जिसके ख़िलाफ़ दायर याचिका पर एक दिसंबर को सुनवाई होगी.
इस मामले से 1973 के उस ऐतिहासिक क़ानून पर रोक लग सकती है जिसके तहत महिलाओं को गर्भपात का अधिकार मिला हुआ है. इसके तहत महिलाएं गर्भावस्था के तीसरे सप्ताह से 28 सप्ताह तक गर्भपात करा सकती हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)