अफ़ग़ानिस्तान में भारत के निवेश पर बोली पाकिस्तानी सेना- उर्दू प्रेस रिव्यू

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- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में भारत ने जो भी निवेश किया था उसका सिर्फ़ एक ही मक़सद था, पाकिस्तान को नुक़सान पहुँचाना.
अख़बार 'नवा-ए-वक़्त' के अनुसार पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल बाबर इफ़्तिख़ार ने शनिवार को सेना मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, "भारत ने अफ़ग़ानिस्तान के सियासी नेतृत्व, उनकी सेना और उनके ख़ुफ़िया विभाग के लोगों के दिमाग़ में ज़हर भरने का काम किया था."
"अफ़ग़ानिस्तान में भारत का बहुत ही नकारात्मक रोल रहा है. पाकिस्तान को नुक़सान पहुँचाने के लिए एनडीएस (अफ़ग़ानिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी) ने रॉ (भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी) की मदद की."
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि हाल ही में पाकिस्तान में हुए चरमपंथी हमलों के पीछे भी भारत और अफ़ग़ानिस्तान का हाथ है.
उनका कहना था, "डासू, लाहौर और क्वेटा में हुए हमले एनडीएस और रॉ की गठजोड़ की वजह से हुए."
प्रवक्ता ने कहा कि अब अफ़ग़ानिस्तान और इस पूरे क्षेत्र से भारत का प्रभाव ख़त्म हो जाएगा.

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अफ़ग़ानिस्तान की स्थिति बिगड़ी तो सब प्रभावित होंगे: शाह महमूद क़ुरैशी
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा है कि अगर अफ़ग़ानिस्तान के हालात ख़राब हुए तो इसका असर सब पर पड़ेगा.
अख़बार 'एक्सप्रेस' के अनुसार, शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि अगर अफ़ग़ानिस्तान में शांति और स्थिरता क़ायम होती है तो इसका फ़ायदा पूरे क्षेत्र को होगा.
उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के लोग कई दशकों से जंग का सामना कर रहे हैं और अब वो शांति चाहते हैं जो कि इतिहास में होने वाली ग़लतियों का ख़मियाज़ा भुगत रहे हैं.
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, "इतिहास से हम सबको सबक़ लेना चाहिए, उसे दोहराना नहीं चाहिए. अगर अफ़ग़ानिस्तान से कोई सकारात्मक संदेश मिल रहा है तो हमें उसकी हिम्मत बढ़ानी चाहिए. अफ़ग़ानिस्तान को अगर अकेला छोड़ा गया तो इसका नुक़सान हम सबको होगा."
भारत पर हमला करते हुए शाह महमूद कुरैशी ने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान में स्पॉयलरों (खेल बिगाड़ने वाले) की सूची में भारत का नाम सबसे पहले है. भारत पाकिस्तान को नीचा दिखाने के लिए नकारात्मक किरदार अदा कर रहा है. भारत ने कई गुटों को दहशतगर्दी के लिए जोड़ा. भारत इस क्षेत्र की शांति को भंग करने के लिए तुला हुआ है."
पाकिस्तान के गृहमंत्री शेख़ रशीद अहमद ने भी कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में पाकिस्तान की नीति सफल हुई है और भारत के लिए मामला 'खिसयानी बिल्ली खंभा नोचे' जैसा है.

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अमेरिकी ड्रोन हमला अफ़ग़ानिस्तान की धरती पर हमला है: तालिबान
अफ़ग़ानिस्तान में सत्ता पर क़ाबिज़ तालिबान का कहना है कि शनिवार को किया गया अमेरिकी ड्रोन हमला, अफ़ग़ानिस्तान की धरती पर हमला है.
अख़बार 'जंग' के अनुसार तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि अमेरिका को ड्रोन हमला करने के पहले तालिबान को इसकी सूचना देनी चाहिए थी.
प्रवक्ता के मुताबिक़ ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हुई है, दो महिलाएं और एक बच्चा ज़ख़्मी हुए हैं.
अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने नांगाहार प्रांत में ड्रोन के ज़रिए ख़ुद को 'इस्लामिक स्टेट' कहने वाले चरमपंथी संगठन को निशाना बनाया था.
अमेरिकी सेना के अनुसार यह हमला गुरुवार को काबुल हवाई अड्डे पर आत्मघाती हमले की योजना बनाने वालों को निशाना बनाकर किया गया था.
गुरुवार को काबुल हवाई अड्डे पर हुए आत्मघाती हमले में कम से कम 170 लोग मारे गए थे. मरने वालों में 13 अमेरिकी सैनिक भी थे. अफ़ग़ानिस्तान में सक्रिय 'इस्लामिक स्टेट ख़ुरासान' गुट ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली थी.
इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि काबुल हवाई अड्डे पर हमले को अंजाम देने वालों को खोज निकाला जाएगा और उन्हें उसकी सज़ा दी जाएगी.
तालिबान प्रवक्ता ने अमेरिकी ड्रोन हमले की निंदा की और कहा कि काबुल हवाई अड्डे का पूरा नियंत्रण जल्द ही तालिबान के हाथों में होगा. फ़िलहाल काबुल हवाई अड्डा अमेरिकी सैनिकों के नियंत्रण में है लेकिन अमेरिकी सैनिक वहां से हटने लगे हैं.
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन कर्बी ने इस बात की पुष्टि की है कि काबुल हवाई अड्डे से अमेरिकी सैनिकों का कम होना शुरू हो गया है.
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अमेरिकी निश्चित समय सीमा (31 अगस्त) के अंदर अफ़ग़ानिस्तान से पूरी तरह निकलने की कोशिश कर रहा है.

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'पाकिस्तानी तालिबान को अफ़ग़ान तालिबान की बात माननी पड़ेगी'
अफ़ग़ान तालिबान ने कहा है कि पाकिस्तानी तालिबान को उनकी बात माननी पड़ेगी.
अख़बार 'जंग' के अनुसार अफ़ग़ान तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहउल्लाह मुजाहिद ने कहा, "अफ़ग़ान तालिबान के प्रमुख बार-बार इस बात को कह चुके हैं कि अफ़ग़ानिस्तान की धरती को किसी के भी ख़िलाफ़ इस्तेमाल की इजाज़त नहीं दी जाएगी. तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को हमारी बात माननी पड़ेगी. अगर टीटीपी अफ़ग़ान तालिबान के प्रमुख को अपना नेता मानते हैं तो उन्हें उनकी बात भी माननी पड़ेगी."
प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच लंबी सीमा पर कई ऐसी जगहें हैं जहां पर अफ़ग़ान तालिबान नहीं पहुँच सके हैं. उन्होंने कहा कि सरकार के गठन के बाद इस बारे में कोई रास्ता निकाला जाएगा.
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अगले एक हफ़्ते में अफ़ग़ानिस्तान में सरकार का गठन हो जाएगा.

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पीपुल्स पार्टी ने पीडीएम की पीठ में छुरा घोंपने की कोशिश की: मौलाना फ़ज़लुर्रहमान
पाकिस्तान में विपक्षी पार्टियों के समूह पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के प्रमुख मौलान फ़ज़लुर्रहमान ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) पर निशाना साधते हुए कहा कि पीपीपी ने विपक्षी एकता को तोड़ने और उसे नुक़सान पहुँचाने की भरपूर कोशिश की है.
अख़बार 'डॉन' के अनुसार कराची में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मौलाना फ़ज़लुर्रहमान ने कहा, "पीपीपी ने पूरी गंभीरता के साथ पीडीएम की पीठ में छुरा घोंपने की कोशिश की है, लेकिन हम उनके ख़िलाफ़ कोई मोर्चा नहीं खोल रहे हैं."
"हमारा निशाना सिर्फ़ एक ही है कि मुल्क में सत्ता पर क़ाबिज़ केंद्रीय नेतृत्व तमाम ख़राबियों की जड़ है और हम उनको हटाकर दम लेंगे. इसलिए हम दो मोर्चों पर लड़ना नहीं चाहते."
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