पाकिस्तान के उर्दू अख़बार चीन और तालिबान पर क्या लिख रहे हैं? - पाकिस्तान उर्दू प्रेस रिव्यू

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- Author, इक़बाल अहमद
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
इमरान ख़ान ने कहा है कि कोई भी ताक़त पाकिस्तान और चीन की दोस्ती में दरार नहीं डाल सकती है.
चीनी राजदूत से मुलाक़ात के बाद इमरान ख़ान ने कहा कि किसी दुश्मन की ताक़त को पाकिस्तान और चीन की दोस्ती को कमज़ोर करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी.
इस मुलाक़ात में इमरान ख़ान ने एक दफ़ा फिर इस बात को दोहराया कि अफ़ग़ानिस्तान की समस्या का कोई सैन्य हल नहीं है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अफ़ग़ानिस्तान के सियासी हल के लिए बातचीत के प्रयासों को अपना समर्थन जारी रखेगा.
चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपेक) का ज़िक्र करते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि सीपेक बदलाव की योजना है और दोनों देशों को इस पर मिलकर काम करना चाहिए. इमरान ने कहा कि उनकी सरकार सीपेक के तहत आने वाली योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए कटिबद्ध है.

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अफ़ग़ानिस्तान तालिबान काबुल से कुछ ही मील दूर, राजनयिक प्रयास तेज़
अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान तेज़ी से आगे बढ़ रहा हैं और अब राजधानी काबुल से वो कुछ ही मील दूर हैं.
शनिवार को तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान सरकार के गढ़ कहे जाने वाले मज़ार-ए-शरीफ़ पर क़ब्ज़ा कर लिया. अफ़ग़ानिस्तान के कुल 34 प्रांतों में से 19 प्रांतों की राजधानी पर तालिबान लड़ाकों का क़ब्ज़ा हो चुका है.
अख़बार दुनिया के अनुसार अमेरिकी की एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट के अनुसार तालिबान अगले 72 घंटे में राजधानी काबुल पर क़ब्ज़ा कर सकता हैं. अख़बार के अनुसार अमेरिका ने अपने दूतावास के अधिकारी को सभी संवेदनशील काग़ज़ात नष्ट करने के आदेश दे दिए हैं.
अख़बार लिखता है कि काबुल तालिबान के हाथों में जाने के लिए तैयार है. अख़बार के अनुसार कई पुलिसकर्मी थाना छोड़कर चले गए हैं जिससे कई पुलिस थाने ख़ाली हो गए हैं.
अख़बार के अनुसार तालिबान के काबुल पहुँचने के कुछ ही घंटे बाद अफ़ग़ानिस्तान प्रशासन को काबुल हवाईअड्डे शिफ़्ट कर दिया जाएगा. अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों को भी काबुल हवाईअड्डे शिफ़्ट करने पर विचार किया जा रहा है,.
दूसरी तरफ़ समस्या के राजनयिक हल के लिए गतिविधियां तेज़ हो गईं हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने चीनी राजदूत से मुलाक़ात की और सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने पाकिस्तान में अमेरिकी की वरिष्ठ राजनयिक एंजेला एग्लर से मुलाक़ात की.
एंजेला एग्लर से मुलाक़ात के बाद जनरल बाजवा ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान शांति प्रक्रिया के लिए पाकिस्तान प्रतिबद्ध है. जनरल बाजवा ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में शांति बहाली के लिए पाकिस्तान तमाम स्टेक होल्डर्स के साथ मिलकर काम करता रहेगा.

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एंजेला एग्लर ने क्षेत्र में शांति और स्थायित्व के लिए पाकिस्तान के लगातार समर्थन को स्वीकार किया.
अख़बार जंग के अनुसार इससे पहले ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वैलेस ने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान गृहयुद्ध की तरफ़ बढ़ रहा है.
बेन वैलेस का कहना था,"मेरे ख़याल में हम अफ़ग़ानिस्तान में गृहयुद्ध की तरफ़ बढ़ रहे हैं. प्रांतीय सरकारें नाकाम हो रही हैं. देश में ग़रीबी और दहशतगर्दी बढ़ रही है."
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा है कि काबुल में स्थित अमेरिकी दूतावास अभी खुला रहेगा लेकिन काबुल में बदलते सुरक्षा हालात के कारण वहां मौजूद आम लोगों की संख्या में कमी की जा रही है. दूसरी तरफ़ स्विटज़रलैंड, डेनमार्क और नॉर्वे ने काबुल में अपने दूतावास बंद करने की घोषणा की है. जर्मनी और फ़्रांस ने दूतावास ने अपने स्टाफ़ में भारी कटौती कर दी है.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में मानव त्रासदी जन्म लेने वाला है. संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफ़ेन डोजार्क ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अफ़ग़ानिस्तान में बदलते हालात का हर घंटे जायज़ा ले रहा है लेकिन फ़िलहाल संयुक्त राष्ट्र के किसी भी स्टाफ़ को वहां से नहीं निकाला जाएगा. उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान के अन्य इलाक़ों में रह रहे संयुक्त राष्ट्र के स्टाफ़ को राजधानी काबुल लाया जा रहा है.

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भोंग मंदिर मामला, एसएचओ अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं: सुप्रीम कोर्ट
पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने एक आठ साल के हिंदू बच्चे को ईश-निंदा क़ानून के तहत गिरफ़्तार करने वाले पुलिस अफ़सर पर सख़्त टिप्पणी की है.
दरअसल पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहीम यार ख़ान ज़िले में पुलिस ने एक आठ साल के बच्चे को ईश-निंदा क़ानून के तहत गिरफ़्तार किया था. फिर पुलिस ने उसे छोड़ दिया था. इसी बात से नाराज़ कुछ मुसलमानों ने बुधवार को रहीम यार ख़ान ज़िले के भोंग शरीफ़ इलाक़े में एक मंदिर पर हमला कर दिया था और उसमें तोड़-फोड़ की थी.
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस गुलज़ार अहमद ने फ़ौरन इसका संज्ञान लिया और सख़्त कार्रवाई के आदेश दिए थे.
इसी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्सिट गुलज़ार अहमद ने पंजाब सरकार से पूछा कि आख़िर अब तक एसएचओ को गिरफ़्तार क्यों नहीं किया गया?
पंजाब के अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि एसएचओ को हटा दिया गया है और उनके ख़िलाफ़ विभागीय कार्रवाई की जा रही है. इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कड़ा रुख़ अपनाते हुए कहा, "उन्हें जल्दी से शो कॉज़ नोटिस दें और नौकरी से निकाल दें. बल्कि उसको गिरफ़्तार होना चाहिए. जल्द से जल्द इस मामले को हल करें." सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मसला हिंदू-मुस्लिम का नहीं है, यह मसला प्रशासन की नीयत का है.
सुप्रीम कोर्ट ने सख़्त रुख़ अपनाते हुए प्रशासन को एक हफ़्ते के अंदर मुलज़िमों की पहचान करने का आदेश दिया. सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को आदेश दिया कि वो चार महीने में रोज़ाना सुनवाई कर फ़ैसला सुनाए. अदालत ने मंदिर को हुए नुक़सान की भरपाई मुलज़िमों से करने के भी आदेश दिए.
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