जर्मनी बाढ़ के बाद की स्थिति से कैसे जूझ रहा, देखिए- तस्वीरें

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जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल हाल ही में जर्मनी के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा करने पहुँचीं, जहाँ उन्होंने घोषणा की कि "कुछ ही दिनों के भीतर सरकारी ऐड मुहैया कराई जायेगी."
उन्होंने जर्मनी में आयी बाढ़ को 700 साल की 'सबसे बुरी बाढ़' बताया.
उन्होंने कहा कि "एक ही चीज़ है जिसे देखकर संतोष होता है, वो ये कि हमारे लोगों में एकजुटता का भाव क़ायम है."
उन्होंने अपने इस दौरे में कुछ बेघर हुए लोगों से बात की. उन्होंने लोगों को हिम्मत बंधाई.
जर्मनी के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में डोनेशन देने वाले और ऐड पहुँचाने वाले कई समूह देश के विभिन्न हिस्सों से काम करने के लिए पहुँचे हैं.
चांसलर एंगेला मर्केल ने चेतावनी दी कि बाढ़ से हुई टूट-फूट यानी टूटे हुए बिजली के खंबों, पानी की लाइनों, सड़कों और पुलों को ठीक करने में कई महीने का समय लग सकता है.
साल 2005 से जर्मनी की सत्ता संभाल रहीं चांसलर एंगेला मर्केल इस साल सितंबर में होने वाले चुनाव में नहीं खड़ी होंगी.

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बताया गया है कि 15 जुलाई के क़रीब जब बाढ़ सबसे प्रचंड रूप में थी, तब जर्मनी में 160 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई.
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, बाढ़ की चेतावनी देने वाले वॉर्निंग सिस्टम में कुछ खामियाँ भी पायी गई हैं.
प्रेस से बात करते हुए कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि "हमारे पास पानी नहीं है, बिजली नहीं है और गैस भी नहीं है."
एक शख़्स ने कहा, "टॉयलेट बंद पड़े हैं क्योंकि उनमें पानी नहीं है. कुछ भी काम नहीं कर रहा. आप नहा नहीं सकते. मैं 80 साल का हूँ और मैंने अपने जीवन में कभी ऐसी परिस्थितियाँ नहीं देखीं."

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मंगलवार को बेल्जियम में भी बाढ़ की वजह से मारे गये लोगों के लिए एक विशाल शोक सभा आयोजित की गई.
बेल्जियम प्रशासन के अनुसार, उनके यहाँ बाढ़ के कारण कम से कम 31 लोगों की मौत हुई.
किंग फ़िलिप और क्वीन मेथिल्डा ने भी बाढ़ पीड़ितों के लिए एक मिनट का मौन रखा. इस अवसर पर बेल्जियम के प्रमुख शहरों में सायरन बजते सुनाई दिये.

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