कोरोना: B1617 वैरिएंट के मामले सामने आने के बाद चीन ने जारी की चेतावनी

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- Author, बीबीसी मॉनिटरिंग
- पदनाम, ख़बरों की रिपोर्टिंग और विश्लेषण
चीन में पांच दिन के लेबर हॉलिडे से पहले चीनी स्वास्थ्य अधिकारियों ने बाहर से आने वाले कुछ लोगों में वायरस के B1617 म्युटेन्ट वैरिएंट के पाए जाने के बारे में चेतावनी दी है.
कोरोना वायरस का यह वैरिएंट सबसे पहले भारत में मिला था.
चीनी सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य इमर्जेन्सी जैसी स्थिति से निपटने के लिए एक नई डिज़ीज़ कंट्रोल एजेंसी भी बनाई है.
भारतीय वैरिएंट को लेकर चेतावनी
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि वायरस के भारतीय B1617 वैरिएंट के पाए जाने के बाद देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि भारत से आने वाले कुछ यात्रियों को 14 दिनों के क्वारंटीन में रखा गया था, उसके बाद उनमें ये वायरस पाया गया है.
हालांकि वैज्ञानिकों में अभी भी इस बात को लेकर बहस हो रही है कि क्या कोरोना वायरस के इसी वैरिएंट के कारण भारत में दूसरी लहर इतनी ज़्यादा ख़तरनाक हो गई है.
29 अप्रैल को चीनी न्यूज़ वेबसाइट Guancha.cn (ऑब्ज़र्वर) द्वारा आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में चीनी सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के चीफ़ एपिडेमियोलॉजिस्ट वू ज़ुनयू ने संक्रमण के नए मामलों की पुष्टि की.
हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि देश में कोरोना वायरस के B1617 वैरिएंट के कारण कितने संक्रमित हैं.
वू ज़ुनयू ने कहा कि चीन के कुछ शहरों में भारत के म्यूटेंट वायरस स्ट्रेन का पाया जाना चीन के लिए "चिंता का विषय" है. उन्होंने यह भी नहीं बताया कि चीन के किस शहर में वायरस का B1617 वैरिएंट पाया गया है.
उन्होंने कहा कि "भारत में कोरोना की दूसरी लहर से पैदा हुआ संकट और दूसरी जगहों पर भी कोरोना के मामले एक बार फिर हमें चेतावनी देते हैं कि कोरोना महामारी अभी ख़त्म नहीं हुई है."
सरकारी टेलीविज़न चैनल सीसीटीवी के अनुसार, नेशनल हेल्थ कमीशन के प्रवक्ता मी फेंग ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अप्रैल में देश में आने वाले 364 यात्री कोरोना संक्रमित पाए गए थे. पिछले महीने पाए गए संक्रमितों की तुलना में मामलों में रोज़ाना 20 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई.
वहीं हॉन्ग कॉन्ग से छपने वाले अंग्रेज़ी अख़बार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने 30 अप्रैल के अपने एडिशन में लिखा है कि 28 अप्रैल को चीन के दक्षिण पश्चिम में मौजूद चोंगकिंग म्युनिसिपैलिटी के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा था कि भारत से आने वाले चार और नेपाल से आने वाले एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए थे लेकिन उन्होंने उस वक़्त यह स्पष्ट नहीं किया था कि नए मामले B1617 वैरिएंट के थे या नहीं.
29 अप्रैल को सीसीटीवी ने पूर्वी ज़ेजियांग प्रांत के स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से जानकारी दी थी कि हॉन्ग कॉन्ग के मालवाहक जहाज़ शिप हुआयेंग सनराइज़ पर काम करने वाले 11 कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट पॉज़िटिव आया है. ये मालवाहक जहाज़ भारत, बांग्लादेश और सिंगापुर से होता हुआ ज़ेजियांग पहुंचा था.

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हॉलिडे के कारण दी गई चेतावनी
चीन में भारतीय कोरोना वायरस वैरिएंट के कारण संक्रमण की ख़बरें ऐसे वक्त आई हैं जब वहां एक मई से पांच मई तक मे डे यानी लेबर डे की छुट्टियां हैं.
चीन ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर पहले ही पाबंदी लगाई हुई है. लेकिन ट्रांसपोर्ट मंत्रालय के एक अनुमान के अनुसार छुट्टियों के दौरान क़रीब 26.5 करोड़ लोग यात्री घरेलू यात्राएं कर सकते हैं और रोज़ाना पांच करोड़ लोग देश के भीतर सफर कर सकते हैं. बीते साल मे डे के मौक़े पर लगभग इसी संख्या में लोगों ने देश के भीतर एक जगह से दूसरी जगह सफ़र किया था.
वू ज़ुनयू ने चेतावनी दी है कि छुट्टियों के मौक़े पर अधिक संख्या में लोग एक जगह पर इकट्ठा न हों और भीड़ का हिस्सा न बनें.

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अलग-अलग कोविड-19 वैक्सीन की खुराक़
सरकार समर्थित बीजिंग डेली अख़बार के अनुसार वांग बिन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि "विशेष परिस्थितियों में" लोगों को अलग-अलग कोरोना वैक्सीन की डोज़ दी जा सकती है. हालांकि ये देखने की ज़रूरत होगी कि ये वैक्सीन समान तकनीक का इस्तेमाल कर बनाई गई हैं.
वांग बिन ने कहा कि वैक्सीन की पहले डोज़ के तीन से आठ सप्ताह के भीतर दूसरी डोज़ ली जानी चाहिए.
कुछ जगहों से वैक्सीन की कमी होने की ख़बरों पर उन्होंने आश्वासन दिया कि वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाया जाएगा और उन लोगों को प्रथमिकता दी जाएगी जो इसके दूसरे डोज़ का इंतज़ार कर रहे हैं.

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29 अप्रैल को सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स की एक ख़बर में कहा गया था कि वैक्सीन को कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ अधिक प्रभावी करने के लिए बायोएनटेक शोध कर रही है और वो फ़ाइज़र-बायोएनटेक की एमआरएनए वैक्सीन और चीन की इनएक्टिवेटेड या एडिनोवायरस वैक्सीन की डोज़ मिला कर इसके प्रभाव को देख रही है.
इस ख़बर के अनुसार हॉन्ग कॉन्ग में भी वैज्ञानिक फ़ाइज़र की एमआरएनए वैक्सीन और चीन की बनाई साइनोफ़ॉर्म की इनएक्टिवेटेड वैक्सीन की डोज़ मिलाने पर वैक्सीन कितनी कारगर होगी, इसका क्लिनिकल ट्रायल कर रहे हैं.
नेशनल हेल्थ कमीशन के डिज़ीज़ प्रीवेन्शन एंड कंट्रोल ब्यूरो के वांग बिन ने कहा है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए ये सुनिश्चित किया जाएगा कि सार्वजनिक जगहें हवादार हों और वहां सेनिटेशन की पूरी व्यवस्था हो.

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एक नया नेशनल डिज़ीज़ कंट्रोल ब्यूरो
शिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार 28 अप्रैल को चीनी सरकार ने नेशनल डिज़ीज़ कंट्रोल ब्यूरो बनाया है जिसे भविष्य में पब्लिक हेल्थ इमर्जेंसी जैसी स्थिति से निपटने के लिए अधिक शक्तियां दी गई हैं.
मानव संसाधन और सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक नोटिस के अनुसार नेशनल हेल्थ कमीशन के डिप्टी निदेशक और हुबेई प्रांतीय स्वास्थ्य कमीशन के निदेशक वांग हेशेंग इस नए ब्यूरो के निदेशक होंगे.
बिज़नेस न्यूज़ वेबसाइट यीकाई ग्लोबल ने 29 अप्रैल की अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि बीते साल जब हुबेई में कोरोना वायरस ने अपने पैर पसारने शुरू किए थे उस वक्त वांग हेशेंग वहां इसे फैलने से रोकने के काम मे जुटे थे.
फ़रवरी में उनका ट्रांसफ़र हुबेई स्वास्थ्य कमीशन में कर दिया गया था. उनकी नियुक्ति तत्कालीन निदेशक लियु यिंगज़ी और कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव ज़ांग जिन की जगह की गई जिन्हें कोरोना महामारी की स्थिति पर क़ाबू न पा सकने के लिए पद से बर्ख़ास्त कर दिया गया था.
नेशनल डिज़ीज़ कंट्रोल ब्यूरो सीधे-सीधे स्टेट काउंसिल के तहत होगा और इस कारण नेशनल हेल्थ कमीशन के तहत आने वाले सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल से कहीं अधिक शक्तियां इसके पास होंगी.
यीकाई की रिपोर्ट के अनुसार ब्यूरो का काम पुरानी व्यवस्था की खामियों को दूर कर, पब्लिक हेल्थ इमर्जेंसी जैसी स्थिति में तेज़ी के साथ, सटीक और प्रभावी तरीके से काम करना सुनिश्चित करना होगा.

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भारत को अब तक भेजी गई मदद
न्यूज़ वेबसाइट Guancha.cn ने 29 अप्रैल को भारत में चीन के राजदूत सुन विडोंग के एक ट्विटर पोस्ट का स्क्रीनशॉट छापा था जिसमें उन्होंने महामारी के बुरे दौर से गुज़र रहे भारत की मदद करने की बात की थी.
अख़बार ने चीन के कस्टम विभाग के हवाले से लिखा है कि अप्रैल महीने की शुरुआत से चीन भारत को 5,000 वेन्टिलेटर, 21,569 ऑक्सीजन कन्सट्रेटर, 2.148 करोड़ मास्क और 3,800 टन दवाएं भेज चुका है. चीन में लोग ट्विटर नहीं देख सकते. मेनलैंड चीन में ट्विटर के इस्तेमाल पर पाबंदी है.
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हालांकि उनके इस ट्वीट के उत्तर में कई भारतीयों ने लिखा कि ये सप्लाई चीन ने दान नहीं की है बल्कि ये भारत ने उससे ख़रीदी है. कुछ लोगों ने तो चीन पर चीज़ों की क़ीमतें बढ़ाने का भी आरोप लगाया.
ग्लोबल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, 29 अप्रैल को हुई मीडिया ब्रीफिंग में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने उन रिपोर्टों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि चीन ने अमेरिकी कंपनियों द्वारा भारत के लिए ख़रीदे गए ऑक्सीजन कन्सेंट्रेटर्स के सभी शिपमेंट रोक दिए हैं.
उन्होंने एक बार फिर भारत की मदद का आश्वासन दिया और कहा, "ये फ़र्ज़ी ख़बर है. सरकार की मदद से कुछ चीनी कंपनियों ने इसके ख़िलाफ़ कदम उठाए हैं और ऑक्सीजन कन्सेंट्रेटर्स की पहली खेप भारत पहुंचाई है."
ब्रीफ़िंग के दौरान उन्होंने सरकारी स्वामित्व वाली शिचुआन एयरलाइन्स के 26 अप्रैल से भारत के साथ कार्गो फ्लाइट निलंबित करने के फ़ैसले के बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
उन्होंने इसे एक "व्यापारिक हित को ध्यान में रख कर लिया गया फ़ैसला" बताया.
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