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हॉन्ग कॉन्ग में 47 लोकतंत्र समर्थकों के ख़िलाफ़ सुरक्षा क़ानून के तहत केस दर्ज
हॉन्गकॉन्ग में पुलिस ने रविवार को 47 लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं पर सरकार के ख़िलाफ़ साजिश रचने का अभियोग लगाया गया है.
इन कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ चीन द्वारा पिछले साल पारित किए गए राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत मामला दर्ज किया गया है.
इन लोगों ने चुनाव से पहले अनाधिकृत रूप से प्राथमिक वोटों को इकट्ठा करने की कोशिश की ताकि विपक्षी उम्मीदवारों को चुना जा सके. इन चुनावों को अब टाल दिया गया है.
अधिकारियों ने कहा है कि अभियुक्तों ने सरकार को पंगु बनाने की कोशिश की.
'देश के लिए जंग जारी रखें'
अभियोग तय किए जाने से पहले पुलिस स्टेशन के बाहर लीस्टर शम ने हॉन्ग कॉन्ग के लोगों से कहा कि वे अपने देश के लिए जंग को जारी रखे.
लीस्टर शम कहते हैं, “यह चाहे कितना भी मुश्किल क्यों न हो, लेकिन मैं हॉन्गकॉन्ग के सभी लोगों से कहूंगा कि आप जहां भी हैं, भरोसा रखिए और उम्मीद बनाए रखिए और अपने संघर्ष को जारी रखिए.”
वहीं, एक अन्य कार्यकर्ता जिमी शैम ने कहा कि उनकी गिरफ़्तारी से लोकतंत्र के लिए जारी आंदोलन ख़त्म नहीं होगा.
उन्होंने कहा, “हम हॉन्गकॉन्ग के लोग हॉन्गकॉन्ग की मशाल हैं. सरकार हमारे अधिकार छीन सकती है, लेकिन दुनिया भर के लोग इसे देख रहे हैं. हर कोई जान जाएगा कि हॉन्गकॉन्ग के लोग इस मुश्किल वक़्त में भी मजबूती से खड़े हैं और अभी भी अपनी पांच माँगों पर जोर दे रहे हैं.”
विवादित क़ानून के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई
यह चीन द्वारा लागू किए गए राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत की गई अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है.
50 से ज्यादा अन्य डेमोक्रेट्स को 6 जनवरी को गिरफ़्तार किया गया था. पिछले साल जून में राष्ट्रीय सुरक्षा ऑपरेशन के तहत ये कार्रवाई की गई थी. इन लोगों को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया था. इन लोगों पर पिछले साल जुलाई में अनाधिकृत रूप से प्राथमिक चुनाव आयोजित करने और इनमें हिस्सा लेने का अभियोग लगाया गया था.
अभियोग ये था कि ये लोग इन चुनावों के ज़रिए विधान परिषद के चुनाव के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार चुनना चाहते थे.
बेनी ताई पर चीनी अधिकारियों ने हॉन्गकॉन्ग में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के मुख्य रणनीतिकार होने का आरोप लगाया है.
उनके समेत गिरफ़्तार हुए लोगों में से ज़्यादातर को अधिकारियों ने पुलिस स्टेशनों पर पहुंचने के लिए कहा था.
हॉन्गकॉन्ग पुलिस ने एक बयान में कहा है कि इन लोगों को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा.
इस मामले में इन लोगों को उम्र क़ैद तक की सज़ा दी जा सकती है जिसमें जमानत की संभावना नहीं हैं.
इस क़ानून के तहत अब तक 100 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है जिसमें मशहूर चीन आलोचक और मीडिया टायकून जिमि लाइ भी शामिल हैं जिनकी जमानत अर्जी अस्वीकार कर दी गई थी. वह हिरासत में अपने मामले की सुनवाई शुरू होने का इंतज़ार कर रहे हैं.
अब तक सुनवाई शुरु नहीं हुई हैं. और सबसे पहले तोंग यिंग-किट के मामले में सुनवाई होगी जिन पर पिछले साल पुलिस अधिकारियों से मोटर साइकिल लड़ाने का अभियोग है.
क्या है विवादित क़ानून?
हॉन्गकॉन्ग में कुछ समय पहले पारित किए गए इस क़ानून पर विवाद जारी है. इस क़ानून में इन सभी बातों को अपराध की श्रेणी में रखा गया है -
- संबंध तोड़ना यानी चीन से अलग होना
- केंद्रीय सरकार के शासन को न मानना या उसकी ताकत को कमज़ोर करना
- आतंकवाद, लोगों के ख़िलाफ़ हिंसा करना या फिर उन्हें डराना धमकाना
- विदेशी ताकतों से सांठगांठ करना
इस क़ानून को दुनिया के तमाम देशों की ओर से निंदा का सामना करना पड़ा है.
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