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लाइव, पुतिन के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए रूस की फ्रीज़ संपत्तियों के इस्तेमाल पर ट्रंप क्या बोले

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उनके देश की फ्रीज़ की गई संपत्तियों से 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए रकम देना चाहते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.

लाइव कवरेज

सुमंत सिंह

  1. पुतिन के 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए रूस की फ्रीज़ संपत्तियों के इस्तेमाल पर ट्रंप क्या बोले

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन उनके देश की फ्रीज़ की गई संपत्तियों से 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए रकम देना चाहते हैं तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है.

    इससे पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा था कि वह 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल हो सकते हैं.

    पुतिन ने कहा था, "हम 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में एक बिलियन डॉलर का योगदान दे सकते हैं. हम इसे उन संपत्तियों से दे सकते हैं, जिन्हें पिछले अमेरिकी प्रशासन (बाइडन प्रशासन) ने फ्रीज़ किया था."

    हालांकि, ट्रंप यह दावा कर चुके हैं कि रूस ने 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए हाँ कर दी है.

    गुरुवार को जब 'एयरफ़ोर्स वन' में एक पत्रकार ने ट्रंप से सवाल किया कि 'पुतिन का कहना है कि वे 'बोर्ड ऑफ़ पीस' में शामिल होने के लिए रूस की फ्रीज़ संपत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो क्या आप उन्हें ऐसा करने की अनुमति देंगे?'

    इस पर ट्रंप ने कहा, "यह बहुत ही दिलचस्प बात है. उन्होंने कहा कि वह अपने पैसे का इस्तेमाल करेंगे. अगर वह अपने पैसे का इस्तेमाल कर रहे हैं तो मुझे लगता है कि यह ठीक है."

  2. 'हम अमेरिका की वजह से नहीं जी रहे', ट्रंप के बयान पर कनाडाई पीएम मार्क कार्नी का पलटवार

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कनाडा को लेकर दिए बयान पर अब कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पलटवार किया है.

    मार्क कार्नी ने कहा कि कनाडा और अमेरिका ने अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और समृद्ध सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय साझेदारी का निर्माण किया है. लेकिन 'कनाडा, अमेरिका की वजह से नहीं जी रहा है'.

    उन्होंने कहा, "कनाडा इसलिए फल-फूल रहा है क्योंकि हम कनाडाई हैं."

    स्विट्ज़रलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक के दौरान मंगलवार मार्क कार्नी ने कहा था कि ताक़तवर देशों की प्रतिद्वंद्विता में मिडिल पावर वाले देशों के सामने दो विकल्प हैं- या तो समर्थन पाने के लिए आपस में होड़ करें या साहस के साथ एक तीसरा रास्ता बनाने के लिए साथ आएं.

    उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था वापस नहीं आएगी और इसका शोक नहीं मनाना चाहिए बल्कि नई और इंसाफ़ सुनिश्चित करने वाली वैश्विक व्यवस्था के लिए काम शुरू कर देना चाहिए.

    मार्क कार्नी के इस बयान को अमेरिका के विरुद्ध माना गया.

    बुधवार को जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी दावोस पहुँचे तो उन्होंने मार्क कार्नी को जवाब दिया. ट्रंप ने अमेरिका के प्रति कृतज्ञता न दिखाने का आरोप लगाते हुए मार्क कार्नी की आलोचना की.

    ट्रंप ने कहा, "वैसे कनाडा हमसे बहुत-सी मुफ़्त सुविधाएँ पाता है. उन्हें आभार व्यक्त करना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं कर रहे हैं. मैंने मंगलवार को मार्क कार्नी को देखा. वह ज़्यादा कृतज्ञ नहीं थे. कनाडा अमेरिका की वजह से ही जी रहा है. अगली बार जब मार्क बयान देंगे तो उन्हें यह बात याद रखनी चाहिए."

    कनाडा की अर्थव्यवस्था बहुत हद तक व्यापार पर निर्भर है और 2024 में कनाडा के कुल निर्यात का 75 प्रतिशत अमेरिका में हुआ था.

    इससे पहले ट्रंप कनाडा को अमेरिका का 51वाँ राज्य बनाने की बात कई बार कह चुके हैं.

  3. पीएम मोदी की ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला से हुई बात, इन मुद्दों पर की चर्चा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा के बीच फ़ोन पर बातचीत हुई है. इस दौरान दोनों नेताओं ने कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की.

    राष्ट्रपति लूला ने इस बातचीत की जानकारी देते हुए कहा, "मैंने आज (गुरुवार) फ़ोन पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की. हमने 19 से 21 फ़रवरी के बीच नई दिल्ली में होने वाली मेरी राजकीय यात्रा और द्विपक्षीय एजेंडे पर चर्चा की."

    उन्होंने कहा, "मेरी यात्रा के दौरान आयोजित होने वाले ब्राज़ील-भारत बिज़नेस फ़ोरम के महत्व पर हमने चर्चा की. इस यात्रा के दौरान नई दिल्ली में शीर्ष आधिकारिक कार्यालय का उद्घाटन भी किया जाएगा."

    राष्ट्रपति लूला ने कहा, "हमने वैश्विक स्थिति पर भी विचार साझा किए और ग़ज़ा और दुनिया में शांति की रक्षा, बहुपक्षवाद और लोकतंत्र के पक्ष में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई."

    पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इस बातचीत की जानकारी दी.

    उन्होंने कहा, "हमने भारत-ब्राज़ील रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की, जो आने वाले सालों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए तैयार है. ग्लोबल साउथ के साझा हितों को आगे बढ़ाने के लिए हमारा क़रीबी सहयोग अहम है."

    प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति लूला की भारत यात्रा पर कहा कि वह उनका स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं.

    भारत और ब्राज़ील दोनों ही देश ब्रिक्स के सदस्य हैं और इस साल इसकी अध्यक्षता भारत कर रहा है.

  4. नमस्कार!

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