जो बाइडन का पहला सैन्य कदम, ईरान समर्थित गुटों पर हवाई हमले को इजाज़त

बाइडन

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अमेरिकी सेना ने सीरिया में ईरान समर्थित विद्रोही गुटों पर हवाई हमले किए हैं. अमेरिकी रक्षा एजेंसी पेंटागन ने इसकी जानकारी दी है.

हमले में "बॉर्डर कंट्रोल पॉइंट पर स्थित ईरान-समर्थित गुटों के कई ठिकानें" तबाह हो गए. ये पहली बार है जब बाइडेन प्रशासन ने किसी सैन्य कार्यवाई के निर्देश दिए हैं.

पेंटागन का कहना है कि इराक़ में अमेरिका के गठबंधन वाली सेना पर हमले के जवाब में ये हमला किया गया.

इस महीने अमेरिकी ठिकानों पर हुए रॉकेट हमले में एक सिविल कॉन्ट्रैक्टर की मौत हो गई थी. 15 फरवरी को इरबिल में ये हमला एक सैन्य ठिकाने पर हुआ जिसका इस्तेमाल अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना करती है.

इसके अलावा अमेरिकी सर्विस के एक अधिकारी और पांच ठेकेदार घायल हो गए थे. बगदाद में भी एक अमेरिकी बेस पर रॉकेट से हमला किया गया था, इसमें एक ग्रीन ज़ोन भी शामिल है जहां अमेरिकी दूतावास और दूसरे राजनयिक मिशन हैं.

रॉकेट हमला

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इमेज कैप्शन, 15 फ़रवरी को रॉकेट हमले में अमेरिकी घायल हुए थे

ट्रंप के बाद ईरान को लेकर बाइडन का क्या रुख़ होगा?

पेंटागन ने मुताबिक़ गुरुवार को इराक़-सीरिया सीमा पर कैतेब हिज़बुल्लाह और कतैब सईद-अल-शुहादा नाम के दो ईरान समर्थित गुटों को निशाना बनाया गया.

पेंटागन ने इसे "अनुपात मे की गई सैन्य प्रतिक्रिया" बताया है. उसने कहा कि गठबंधन के दूसरे सदस्यों से बातचीत के बाद ये कदम उठाया गया.

पेंटागन ने एक बयान जारी कर कहा कि ये अभियान, "एक संदेश" देने के लिए था.

बयान में कहा गया है, "राष्ट्रपति बाइडन अमेरिकी और गठबंधन के लोगों की सुरक्षा के लिए लिए कदम उठाते रहेंगे. हमने ये कदम उठाए हैं, ताकि इराक़ और सीरिया की सीमा पर तनाव को कम किया जा सके."

लॉयड ऑटिन

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इमेज कैप्शन, लॉयड ऑटिन ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति बाइडन से हमले की सिफारिश की थी.

'हमें पता है हमने कहां हमला किया'

अमेरिका ने किसी भी तरह के नुक़सान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन मानवाधिकार के लिए काम करने वाली ब्रिटेन की मॉनिटरिंग संस्था, सीरियन ऑबज़रवेटरी फ़़ॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक़ हमले में 22 लोग मारे गए हैं. इनमें से ज़्यादातर शिया चरमपंथी संगठनों के हैं जिनमें कतैब हिज़बुल्लाह शामिल है."

ऑबज़रवेटरी के रमी अब्दुल रहमान ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "हमले में विस्फोटक और हथियार ले जा रही तीन गाड़ियों को तबाह किया गया."

कतैब हज़बुल्ला ने 15 फरवरी को इरबिल में अमेरिकी ठिकानों पर हुए रॉकेट हमले में हाथ होने से इनकार किया है. लेकिन अमेरिका ने रक्षा सचिन लॉयड ऑटिन ने पत्रकारों से कहा, "हमें पूरा भरोसा है कि हमने सही टार्गेट पर हमला किया."

उन्होंने कहा, "हमें पता है हमने कहां हमला किया है. हमें पूरा भरोसा है कि हमनें उन्हीं जगहों पर हमला किया है जिसका इस्तेमाल वो शिया चरमपंथी कर रहे थे जिन्होंने हमला किया."

अमेरिकी सेना के एक अफ़सर ने नाम न बताने की शर्त पर समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि अमेरिका ने हमला ये संदेश देने के लिए किया कि वो चरमपंथियों को सज़ा देना चाहते हैं लेकिन विवाद को और बड़ा नहीं करना चाहते.

BBC ISWOTY

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