पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर को भारत में दिखाया, दो की नौकरी गई

पाकिस्तान के सरकारी टीवी चैनल पीटीवी ने 'पाकिस्तान का ग़लत नक़्शा' प्रसारित करने के आरोप में अपने दो कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है.
इस नक़्शे में कश्मीर के उस हिस्से को भारत का हिस्सा दिखा दिया गया था जिसे पाकिस्तान अपना हिस्सा कहता है लेकिन भारत उसपर अपना दावा जताता है.
पीटीवी पर इस नक़्शे के प्रसारित होने पर पाकिस्तान में विवाद खड़ा हो गया और संसद के ऊपरी सदन सीनेट में 8 जून को इस विषय पर चर्चा भी हुई.
इसके बाद सीनेट के चैयरमैन सादिक़ संजरानी ने मामले को सूचना एवं प्रसारण पर संसदीय समिति के पास भेज दिया था.
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सोशल मीडिया पर पीटीवी की आलोचना
बढ़ते विवाद के बीच बुधवार को पीटीवी ने दो कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने की जानकारी ट्विटर पर दी.
पीटीवी ने कहा है,"6 जून को पीटीवी न्यूज़ पर पाकिस्तान का ग़लत नक़्शा प्रसारित होने के लिए ज़िम्मेदार दो अधिकारियों की नौकरी समाप्त कर दी गई है."
पाकिस्तान सरकार के कुछ मंत्रियों ने इस बारे में खुलकर सोशल मीडिया पर पीटीवी की आलोचना की थी.
पाकिस्तान के साइंस एंड टेक्नोलॉजी मंत्री चौधरी फवाद हुसैन ने ये मुद्दा उठाते हुए पीटीवी के महानिदेशक पर निशाना साधा था.
चौधरी ने अपने ट्वीट में कहा था, "ये शर्मनाक है, पीटीवी के चेयरमैन अरशद ख़ान इतने लंबे समय से चैनल के मुखिया हैं कि वो भूल गए हैं कि वो पीटीवी के एमडी हैं, दूरदर्शन के नहीं."
भारत और पाकिस्तान
वहीं पाकिस्तान की मानवाधिकार मंत्री शिरीन मज़ारी ने कहा था कि ये लापरवाही और आलस की वजह से हो रहा है.
शिरीन मज़ारी ने लिखा, "इसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता पर ये केवल लापरवाही और आलस की वजह से होता है - गूगल से मैप उठाया और बिना चेक किए इस्तेमाल कर लिया. मुझे अफ़सोस है कि कुछ लोग नक्शों की अहमियत को नहीं समझते."
भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर को लेकर विवाद कई दशक पुराना है. हाल के दिनों में दोनों देशों में कश्मीर के मौसम की भविष्यवाणी को लेकर तकरार शुरू हो गई है.
पिछले महीने भारत के सरकारी प्रसारकों ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के मीरपुर, मुज़फ़्फ़राबाद और गिलगित-बाल्टिस्तान जैसे इलाक़ों के लिए भी मौसम की जानकारी देनी शुरू की है.
पाकिस्तान ने इसे लेकर सवाल उठाया और फिर उसके सरकारी प्रसारकों ने भी भारतीय कश्मीर के श्रीनगर और पुलवामा तथा जम्मू और लद्दाख का तापमान बताना शुरू कर दिया.
दोनों देशों के बीच कश्मीर को बाँटने वाली नियंत्रण रेखा दुनिया की सबसे ज़्यादा सैन्य मौजूदगी वाली जगहों में से एक है.
भारत ने अगस्त 2019 में भारत प्रशासित कश्मीर के विशेषाधिकार समाप्त कर दिए थे और उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था.

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