चीन का वुहानः वो शहर जहां से कोरोना वायरस का क़हर शुरू हुआ

चीन की यांग्त्ज़ी (भूरे रंग) और हान नदी (नीले रंग में) का संगम इसी वुहान शहर में होता है

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इमेज कैप्शन, चीन की यांग्त्ज़ी (भूरे रंग) और हान नदी (नीले रंग में) का संगम इसी वुहान शहर में होता है
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वुहान शहर का नाम भले ही चीन के बीजिंग या शंघाई जैसे शहरों की लिस्ट में नहीं लिया जाता है लेकिन दुनिया के नक़्शे पर इसका अपना वजूद है.

वो जगह जहां से कोरोना वायरस की महामारी की शुरुआत हुई, हक़ीक़त में वो एक ऐसा महानगर है जो दुनिया के सभी हिस्सों से जुड़ा हुआ है.

वुहान की आबादी को लेकर अलग-अलग आंकड़ें हैं, इसलिए इस पर एक राय बनाना थोड़ा मुश्किल है.

सरकारी आंकड़ों की मानें तो वुहान की जनसंख्या तक़रीबन एक करोड़ 10 लाख है.

हालांकि साल 2018 के संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक़ इस शहर में 89 लाख लोग रहते हैं.

वुहान शहर

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इमेज कैप्शन, चीन के वुहान शहर की एक झील

लंदन के बराबर

चाहे जो हो, ये शहर आकार में लंदन के बराबर है और वाशिंगटन डीसी से कहीं बड़ा.

एक अनुमान के मुताबिक़ वुहान दुनिया का 42वां और चीन का सातवां सबसे बड़ा शहर है.

वुहान के आकार और इसकी आर्थिक अहमियत से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि आख़िर इस शहर से निकला वायरस कितनी तेज़ी से एशिया भर में फैल गया.

यहां तक कि अमरीका भी इससे अछूता नहीं रहा.

थोड़े शब्दों में कहें तो कोरोना वायरस इतनी तेज़ी से इसलिए फैल पाया क्योंकि बड़ी तादाद में लोग इस शहर में आते हैं और यहां से कोरोना का संक्रमण लेकर घर चले गए.

वुहान ने साल 2019 के बास्केटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी, ये तस्वीर वुहान में हुए अर्जेंटीना और नाइजीरिया के मैच की है

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इमेज कैप्शन, वुहान ने साल 2019 के बास्केटबॉल वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी, ये तस्वीर वुहान में हुए अर्जेंटीना और नाइजीरिया के मैच की है

बड़ा औद्योगिक केंद्र

वुहान इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर साल 2016 में दो करोड़ यात्रियों की आमद-रफ़्त हुई.

यहां से लंदन, पैरिस, दुबई और दुनिया के तमाम बड़े शहरों के लिए सीधी उड़ान सेवाएं ली जा सकती हैं.

यांग्त्ज़ी नदी के किनारे बसे इस शहर में हाईटेक मैन्युफ़ैक्चरिंग से लेकर पारंपरिक चीज़ों का निर्माण होता है.

यहां कई औद्योगिक क्षेत्र हैं, उच्च शिक्षा के 52 संस्थान हैं. ऐसा दावा है कि चीन में सबसे ज़्यादा अंडरग्रैजुएट छात्र इसी शहर में पढ़ते हैं.

दुनिया की 500 बड़ी कंपनियों में से 230 कंपनियों ने वुहान में निवेश कर रखा है. वुहान में निवेश करने वाले देशों में फ्रांस प्रमुख है.

वुहान शहर

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वायरस कैसे फैला

1886 से 1943 के बीच जब वुहान हांकोउ के नाम से जाना जाता था, तब फ्रांस को यहां विशेष रियायत हासिल थी. फ्रांस की सौ कंपनियों ने वुहान में निवेश किया है.

जिनमें कुछ ज्वॉयंट वेंचर्स भी हैं. वुहान में एक बहुत बड़ी पनबिजली परियोजना है. यहां दुनिया भर से सैलानी भी बहुत आते हैं.

भले ही कोरोना वायरस इस शहर के स्थानीय सीफूड मार्केट से फैला लेकिन यहां आने-जाने वाले लोगों ने अनजाने में इस वायरस को फैलने का मौक़ा दे दिया.

उदाहरण के लिए जिस अमरीकी शख़्स को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था, उसने हाल ही में वुहान की यात्रा की थी.

कोरोना से संक्रमित होने वाले दोनों जापानी भी वुहान से होकर आए थे. कोरियाई मरीज़ तो वहीं रह रहा था.

वुहान शहर

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थाईलैंड में संक्रमण का जो मामला सामने आया वो वुहान से आया एक चीनी सैलानी था.

वुहान आने-जाने वाले लोग और वुहान से होकर गुज़रने वाले लोगों की संख्या इतनी बड़ी है कि आने वाले चीनी नव वर्ष के मद्देनज़र, इससे कोरोना वायरस के फैलने की रफ़्तार बढ़ गई है.

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने लोगों को वुहान से बचने की सलाह दी और कहा है कि वुहान के लोगों को शहर नहीं छोड़ना चाहिए.

लेकिन वुहान दुनिया से जिस तरह से जुड़ा हुआ है, उसे देखते हुए ये तो तय है कि दुनिया के अन्य हिस्सों से कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले सामने आते रहेंगे.

वुहान शहर

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