अमित शाह बोले, ‘देश की नब्ज़ नहीं समझेगी तो साफ़ हो जाएगी कांग्रेस’: पाँच बड़ी ख़बरें

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केंद्रीय गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि नागरिकता संशोधन क़ानून को कोई रोक नहीं सकता.
उन्होंने जबलपुर में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि इस क़ानून का कांग्रेस चाहे जितना विरोध कर ले लेकिन बीजेपी सरकार हर हाल में तीन पड़ोसी देशों में धार्मिकता के आधार पर सताए गए लोगों को नागरिकता देगी, अब कोई इस क़ानून को रोक नहीं सकता.
उन्होंने ये कहा कि कांग्रेस को देश की नब्ज़ समझने की ज़रूरत है नहीं तो जो भी बचा हुआ है वह सब चला जाएगा. अमित शाह के मुताबिक़ कांग्रेस पार्टी आम लोगों की बातों को ना सुनकर अपने वोट बैंक का ख्याल रख रही है.
अमित शाह ने राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल के बारे में कहा कि ये लोग भ्रम फैला रहे हैं और दंगा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं.
वहीं इससे पहले कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकता संशोधन क़ानून पर बोलते हुए कहा कि कुछ लोग इस क़ानून को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, ये नागरिकता देने का क़ानून है, लेने का क़ानून नहीं है. उन्होंने यह भी दावा किया कि यह क़ानून कोई रातों रात नहीं बना है.
उन्होंने यह भी कहा कि नागरिकता संशोधन क़ानून के चलते ही दुनिया भर के सामने पाकिस्तान बेनक़ाब हो रहा है और वहां धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले भेदभाव की ख़बर अब दुनिया को पता चल रही है.
मोदी ने यह भी कहा कि यह क़ानून एक तरह से महात्मा गांधी की कही बातों को पूरा करने जैसा है. मोदी ने यह संबोधन बैलूर मठ से दिया जिसके चलते मठ के कई सदस्यों के निराश होने की ख़बरें भी सामने आ रही हैं, मठ के कुछ सदस्यों का कहना है कि बैलूर मठ एक ग़ैर राजनीतिक संगठन है जिसके मंच पर राजनीति बयानबाज़ी की गई है.
चरमपंथियों का मददगार डीएसपी

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जम्मू एवं कश्मीर पुलिस ने रविवार को स्वीकार किया है कि उसके एक अधिकारी को हिज़बुल मुजाहिदीन कमांडर सैय्यद नावेद मुश्ताक़ और उनके सहयोगियों के साथ गिरफ़्तार किया गया है. बताया गया है कि पुलिस अधिकारी के साथ कुल चार लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.
इस पुलिस अधिकारी की पहचान डीएसपी देविंदर सिंह के रूप में हुई है जिन्हें बीते 15 अगस्त को राष्ट्रपति पुलिस पदक सम्मान मिला था. गुरुवार को जब 15 सदस्यीय विदेशी दल जम्मू-कश्मीर के दौरे पर आया था तब देविंदर सिंह उस दल का स्वागत करने के लिए श्रीनगर एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों में शामिल थे.
कश्मीर के आईजी पुलिस विजय कुमार ने कहा है कि देविंदर सिंह एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी थे लेकिन उन्हें दो-तीन चरमपंथियों के साथ पकड़ा गया है तो हम उनके साथ चरमपंथी जैसा व्यवहार करेंगे, उन्हें रिमांड पर भेजा गया है और पूछताछ की जा रही है.
जेएनयू में मार पीट के लिए वीसी दोषी- कांग्रेस की रिपोर्ट
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी कैंपस में बीते पाँच जनवरी को हुई मारपीट की घटना के लिए कांग्रेस की एक फ़ैक्ट फ़ाइंडिंग रिपोर्ट में वाइस चांसलर एम. जगदीश कुमार को ज़िम्मेदार ठहराया गया है.

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इस रिपोर्ट में वाइस चांसलर को हिंसा के लिए मास्टर माइंड कहा गया है और उनके ख़िलाफ़ आपराधिक मुक़दमा चलाने की मांग की है. कांग्रेस की ओर से उनके कार्यकाल में की गई नियुक्तिओं और प्रशासनिक फ़ैसलों की जाँच की मांग की गई है. कांग्रेस की रिपोर्ट में जेएनयू कैंपस में सुरक्षा संबंधी चूकों की बात भी की गई है.
उधर दिल्ली पुलिस ने टीवी चैनल आजतक के स्टिंग में नज़र आए दोनों छात्रों सहित कुल 49 लोगों को जाँच में शामिल होने का नोटिस दिया है.
दिल्ली चुनाव को लेकर हलचलों का दौर तेज़
दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचलों का दौर तेज़ हो गया है. रविवार की रात भारतीय जनता पार्टी के अहम नेताओं की बैठक हुई है, जिसमें उम्मीदवारों के नामों पर विचार किया गया है.
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वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी अपने उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दे रही है. अनुमान लगाया जा रहा है कि 14 जनवरी से पहले सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की ओर से संभावित उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेगी. कांग्रेस के बारे में यही दावा किया जा रहा है कि जबकि भारतीय जनता पार्टी के बारे में अनुमान है कि 18 जनवरी तक पार्टी अपनी पहली सूची जारी करेगी.
दिल्ली विधानसभा का चुनाव आठ फ़रवरी को होना है.
इराक़ के अमरीकी सैन्य ठिकानों पर हमला
इराक़ के उत्तर में बने अमरीकी सैन्य ठिकानों पर रॉकेट लाँचर से हमला किया गया है. इस हमले में कम से कम चार इराक़ी सैनिकों के घायल होने की ख़बर है. हालांकि अभी तक इसमें किसी अमरीकी सैनिक के घायल होने की ख़बर नहीं है.
बताया गया है कि अल बलाद एयर बेस पर कम से कम छह रॉकेट टकराए हैं. यह हमला इराक़ में दो अमरीकी सैन्य ठिकानों पर ईरान के बैलेस्टिक मिसाइल हमले के कुछ दिनों बाद हुआ है लेकिन अभी तक इस हमले की ज़िम्मेदारी किसी ने नहीं ली है.
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