कौन कह रहा है इमरान ख़ान को कश्मीरियों का राजदूत: उर्दू प्रेस रिव्यू

मोदी-इमरान

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    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर राज्य को मिलने वाले विशेष दर्जे को ख़त्म कर दिया है. इसके अलावा सरकार ने जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा छीनकर उसे केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है और राज्य का हिस्सा रहे लद्दाख़ को एक अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाने का फ़ैसला किया गया है.

केंद्र सरकार के इस फ़ैसले के बाद भारत प्रशासित कश्मीर में पिछले 55 दिनों से कई तरह की पाबंदियां लगी हुई हैं. शुरूआती दिनों में पूरी घाटी में एक तरह का शटडाउन था. इंटरनेट, लैंडलाइन सब कुछ बंद था.

लेकिन धीरे-धीरे कर्फ़्यू में कुछ ढील दी गई है, कई जगहों पर लैंडलाइन फ़ोन काम करने लगे हैं. लेकिन इंटरनेट और मोबाइल अभी भी पूरी तरह काम नहीं कर रहे हैं. राज्य के सारे छोटे-बड़े नेता या तो गिरफ़्तार हैं या नज़रबंद हैं.

कश्मीर

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वैसे तो भारत प्रशासित कश्मीर से जुड़ी ख़बरें पूरे हफ़्ते अख़बारों में सुर्ख़ियां बटोरती रहीं लेकिन सबसे ज़्यादा चर्चा संयुक्त राष्ट्र महासभा के अधिवेशन की थी जिसमें पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के सौ से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए.

पहले तो अख़बारों में इस बात पर बहस होती रही कि आख़िर इमरान ख़ान संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीरियों के बारे में क्या बोलेंगे और भारतीय प्रधानमंत्री मोदी कश्मीर के मामले में लिए गए अपने फ़ैसले का बचाव कैसे करेंगे.

27 सितंबर को इमरान मोदी के भाषण के बाद अब इस बात पर बहस हो रही है कि किसने क्या बोला और कौन किस पर भारी पड़ा.

पाकप्रधानमंत्री का 50 मिनट का भाषण

इमरान ख़ान

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इमरान ख़ान ने यूएन में तक़रीबन 50 मिनट का लंबा भाषण दिया. इस भाषण का मुख्य बिंदु भारत प्रशासित कश्मीर की मौजूदा स्थिति थी. उन्होंने दुनिया के नेताओं को ये समझाने की कोशिश की कश्मीर में अगर दुनिया ने दख़ल नहीं दिया तो भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध हो सकता है.

दूसरी तरफ़ भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ़ 17 मिनट का एक छोटा सा भाषण दिया और उन्होंने पाकिस्तान या कश्मीर का एक बार भी नाम नहीं लिया.

अख़बार नवा-ए-वक़्त ने लिखा है कि इमरान ख़ान की स्पीच के बाद ट्वीटर पर 'इमरान ख़ान व्वाइस ऑफ़ कश्मीर' टॉप ट्रेन्ड करने लगा.

अख़बार जंग के अनुसार इमरान ख़ान के भाषण को लेकर सिर्फ़ 10 घंटों में 10 लाख से ज़्यादा ट्वीट किए गए.

अख़बार एक्सप्रेस के मुताबिक़ सूचना मंत्रालय की विशेष सलाहकार फ़िरदौस आशिक़ ने कहा, "इमरान ख़ान ने पूरी इस्लामी दुनिया के प्रवक्ता के तौर पर भाषण दिया. उन्होंने इस्लाम का असल चेहरा दुनिया के सामने पेश किया. इमरान ख़ान पूरी दुनिया के मुसलमानों के लीडर बनकर सामने आए हैं."

अख़बार के मुताबिक़ भारत प्रशासित कश्मीर में मौजूद अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी ने भी इमरान ख़ान की स्पीच का स्वागत किया है. अख़बार के अनुसार गिलानी का कहना था, "कश्मीरी नेताओं से कश्मीरियों का राजदूत बनने का अपना वादा पूरा कर दिया."

सिर्फ़ राजनेता नहीं खिलाड़ियों ने भी दी बधाई

शाहिद आफ़रीदी

पाकिस्तान के कई राजनेताओं समेत देश के कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी इमरान ख़ान की स्पीच की तारीफ़ की है.

अख़बार एक्सप्रेस के मुताबिक़ पूर्व कप्तान शाहिद आफ़रीदी ने कहा कि इमरान ख़ान ने इस्लाम, पाकिस्तान और कश्मीर का मुक़दाम बड़ी हिम्मत से दुनिया के सामने पेश किया. आफ़रीदी ने कहा कि अल्लाह इमरान से कोई बड़ा काम लेना चाहता है.

पूर्व कप्तान रमीज़ राजा ने इमरान ख़ान की जमकर तारीफ़ की. अख़बार नवा-ए-वक़्त के मुताबिक़ रमीज़ राजा ने ट्विट किया "ज़बर्दस्त मिस्टर ख़ान, आपने कर दिखाया."

अख़बार एक्सप्रेस ने सुर्ख़ी लगाई है, "इमरान ख़ान की तक़रीर से बौखलाहट की शिकार मोदी सरकार धमकियों पर उतर आई."

अख़बार के मुताबिक़ भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना की 'दूसरी स्कॉर्पियन क्लास सबमैरिन' समारोह को संबोधित करते हुए धमकी भरे लहजे में कहा कि भारतीय सेना आधुनिक तकनीक और तेज़ रफ़्तार हथियारों से लैस है जो पाकिस्तान को जवाब देने के लिए काफ़ी हैं.

"इमरान ख़ान ने कश्मीरियों के लिए कुछ ख़ास नहीं किया"

बिलावल भुट्टो

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लेकिन ऐसा नहीं है कि पाकिस्तान में हर कोई इमरान ख़ान की स्पीच की तारीफ़ कर रहा है.

प्रमुख विपक्षी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता बिलावल भुट्टो ने कहा कि इमरान ख़ान ने कश्मीरियों के लिए कुछ ख़ास नहीं किया.

बिलावल भुट्टो ने ट्वीट किया, "मैं बहुत निराश हूं कि यूएन प्रस्ताव में कश्मीरियों के लिए जो आत्मनिर्णय का जो प्रावधान है उसको मज़बूती के साथ इमरान ख़ान ने नहीं उठाया. कश्मीर के भविष्य का फ़ैसला कश्मीर की जनता के ज़रिए ही किया जाना चाहिए भारत और पाकिस्तान के ज़रिए नहीं."

लेकिन बिलावल भुट्टे के इस ट्वीट के बाद पाकिस्तानियों ने उनको ट्रोल करना शुरू कर दिया.

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