यूक्रेन में कॉमेडियन वोलोदीमीर ज़ेलेंस्की ने 'जीता' राष्ट्रपति चुनाव

यूक्रेन में हुए राष्ट्रपति चुनावों के एक्ज़िट पोल के मुताबिक़ कॉमेडियन वोलोदीमीर ज़ेलेंस्की भारी जीत के साथ अगले राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं.

एक्ज़िट पोल के अनुसार उन्हें 70 फ़ीसदी से अधिक मत मिले हैं. तीन सप्ताह पहले मतदान के पहले चरण में वो सबसे आगे थे. तब 39 उम्मीदवार मैदान में थे.

ज़ेलेंस्की ने मौजूदा राष्ट्रपति पेट्रो पोरोशेंको को चुनौती दी थी.

पोरोशेंको ने हार स्वीकार कर ली है. राजधानी कीव में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वो राजनीति नहीं छोड़ेंगे.

वहीं अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा, "मैं कभी आपका भरोसा नहीं तोड़ूंगा."

उन्होंने कहा, "मैं अभी औपचारिक रूप से राष्ट्रपति नहीं हूं लेकिन यूक्रेन के एक नागरिक के तौर पर सोवियत संघ के बाद के सभी देशों से कह सकता हूं- हमें देखो, सबकुछ संभव है."

पांच साल रहेंगे राष्ट्रपति

यदि एग्ज़िट पोल नतीजों में बदले तो ज़ेलेंस्की पांच साल के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति पद के लिए चुन लिए जाएंगे.

यूक्रेन के राष्ट्रपति का देश की सुरक्षा, रक्षा विभाग और विदेश नीति पर ख़ासा प्रभाव होता है.

एग्ज़िट पोल के मुताबिक़ निवर्तमान राष्ट्रपति पेत्रो पोरोशेंको को 25 फ़ीसदी मत मिल सकते हैं. पोरोशेंको साल 2014 से यूक्रेन के राष्ट्रपति हैं.

अरबपति कारोबारी पोरोशेंको उस समय राष्ट्रपति चुन लिए गए थे जब यूक्रेन में हुए प्रदर्शनों के बाद रूस समर्थक राष्ट्रपति को पद छोड़ना पड़ा था.

अब इस चुनाव के एक्ज़िट पोल के नतीजे जारी होने के बाद पोरोशोंको ने कहा, "चुनाव के नतीजे हमें अनिश्चितता और भ्रम में ले जाएंगे."

उन्होंने कहा, "मैं पद छोड़ रहा हूं लेकिन मैं ज़ोर देकर ये कहना चाहता हूं कि मैं राजनीति नहीं छोड़ूंगा."

धारावाहिक में 'दुर्घटनावश राष्ट्रपति' बने थे ज़ेलेंस्की

41 वर्षीय ज़ेलेंस्की एक राजनीतिक हास्य ड्रामे में अभिनय के लिए चर्चित हैं. 'सर्वेंट ऑफ़ द पीपल' नाम के इस धारावाहिक में उनका किरदार एक ऐसे शख़्स का है जो दुर्घटनावश यानी तुक्के से अचानक यूक्रेन का राष्ट्रपति बन जाता है.

उन्होंने अपने शो के नाम पर बनी राजनीतिक पार्टी से ही राष्ट्रपति चुनाव लड़ा.

ज़ेलेंस्की के पास कोई राजनीतिक अनुभव नहीं है. अपने चुनाव अभियान में उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि वो बाक़ी उम्मीदवारों से अलग कैसे हैं.

उन्होंने कोई ठोस नीतिगत विचार अपने चुनाव अभियान में पेश नहीं किया.

बावजूद इसके उन्होंने पहले चरण का मतदान तीस प्रतिशत से अधिक मतों के साथ जीता. दूसरे नंबर पर रहे पोरोशेंको को 15.95 फ़ीसदी मत ही मिले थे.

यूक्रेन का राष्ट्रपति बनने के बाद उनकी गिनती यूरोप के प्रभावशाली नेताओं में होने लगेगी.

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