अमरीका जा रहे विमान में यौन हमले के दोषी भारतीय को 9 साल की जेल

अभियुक्त इंजीनियर

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अमरीका की एक अदालत ने एक भारतीय इंजीनियर को नौ साल की सज़ा सुनाई है. इंजीनियर को अपनी बगल में बैठी महिला पर यौन हमला करने का दोषी पाया गया.

मामला इसी साल जनवरी का है. 34 वर्षीय प्रभु राममूर्ति अपनी पत्नी और पीड़िता के बीच में बैठे थे. पीड़िता का कहना था कि घटना के समय वो सो रहीं थीं.

महिला का आरोप है जब वो सोकर उठीं तो उनकी शर्ट और पैंट के बटन खुले हुए थे और राममूर्ति का हाथ उनकी पैंट में था.

अमरीकी अदालत ने कहा है कि सज़ा पूरी होने के बाद राममूर्ति को भारत वापस भेज दिया जाए.

डेट्रायट फ्री प्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक अभियोजन पक्ष ने अदालत से 11 साल की सज़ा की मांग की थी. अपने फ़ैसले में घटना को बेहद गंभीर अपराध बताते हुए जज टेरेंस बर्ग ने कहा कि नौ साल की सज़ा पर्याप्त होगी.

जब राममूर्ति पर आरोप लगे थे तब उन्होंने इन्हें ख़ारिज करते हुए पुलिस से कहा था कि वो भी सो रहे थे और उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया है.

मिशिगन की संघीय अदालत में पेश होने के बाद से ही राममूर्ति को जेल में रखा गया था. अभियोजकों ने उनकी जमानत का विरोध किया था और अदालत में तर्क दिया था कि वो फ़रार हो सकते हैं.

अभियोजकों ने वाशिंगटन पोस्ट को बताया है कि राममूर्ति पर यौन हमला करने के आरोप थे.

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हिंसा

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पीड़ित महिला ने विमान के उतरने से कुछ देर पहले ही फ़्लाइट क्रू को घटना के बारे में जानकारी दी थी.

वहीं राममूर्ति की पत्नी का कहना है कि ये महिला उनके पति की घुटनों पर सिर रखकर सो रही थी और उन्होंने फ़्लाइट क्रू से उसे किसी दूसरी सीट पर भेजने का आग्रह भी किया था.

लेकिन क्रू के सदस्यों ने जांच अधिकारियों को दिए बयान में कहा था कि केवल पीड़ित महिला ने ही सीट बदलने के लिए कहा था.

क्रू सदस्यों ने कहा कि जब पीड़िता ने उनसे बात की तो वो रो रही थी और उसकी शर्ट के बटन खुले हुए थे.

बाद में पीड़िता को विमान के पिछले हिस्से में दूसरी सीट दे दी गई थी.

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