अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा, मेरे पास अटॉर्नी-जनरल नहीं है

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अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मौजूदा अटॉर्नी जनरल जेफ़ सेशन्स पर अपने अब तक के सबसे तीखा ज़ुबानी हमला किया है और कहा है कि उनके पास "कोई अटॉर्नी-जनरल नहीं हैं."
हिल टीवी के साथ एक साक्षात्कार में ट्रंप ने 2016 के अमरीकी चुनावों में कथित रूसी हस्तक्षेप की जांच से अलग हटने के सेशन्स के फ़ैसले की आलोचना की.
उन्होंने कहा कि सेशन्स ने प्रवासी मुद्दे को लेकर जो रुख़ अपनाया है उससे वो ख़फ़ा हैं.
ट्रंप के बयानों पर अब तक सेशन्स की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
माना जा रहा है कि किसी भी सत्तारूढ़ राष्ट्रपति के लिए अपने ही अटॉर्नी जनरल को लेकर नाराज़गी भरे बयान देना असामान्य है. आलोचकों के अनुसार ट्रंप कानून व्यवस्था में हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रहे हैं.
बीते महीने ट्रंप ने जेफ़ सेशन्स की आलोचना की थी जिसके बाद रिपब्लिकन पार्टी के दो सीनेटरों ने कहा था कि वो ट्रंप का समर्थन तभी करेंगे अगर वो इस साल नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद उन्हें बर्ख़ास्त कर दें.
हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी के अन्य नेताओं ने पोलिटिको न्यूज़ वेबससाइट को बताया था कि ये ग़लत कदम होगा. उनका कहना था कि वो अटॉर्नी जनरल का समर्थन करेंगे.

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उच्च मानकों की उम्मीद
इससे पहले सेशन्स ने ट्रंप के बयानों का जवाब देते हुए कहा था कि, "जब तक मैं अटॉर्नी जनरल के पद पर हूं न्याय विभाग के किसी भी कदम पर ग़लत राजनीति का ग़लत असर नहीं पड़ने दूंगा."
"मैं उच्च मानकों की अपेक्षा करता हूं और अगर वो नहीं हासिल हो पाती तो मैं कार्रवाई करूँगा."
जेफ़ सेशन्स उन लोगों में से थे जिन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप के अभियान का समर्थन किया था.
लेकिन चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप की जांच के बाहर जाने का फ़ैसला किया. इस जांच के तहत अब इसकी भी पड़ताल की जा रही है कि क्या ट्रंप ने साल 2017 में न्याय प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश की. उन्होंने संभावित हितों के टकराव की दलील देकर डिप्टी अटॉर्नी जनरल रॉड रोसेन्स्टीन को जांच की ज़िम्मेदारी सौंप दी थी.
राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि उनके चुनावी अभियान और रूसी सरकार के बीच कोई नाता नहीं है. वो न्याय प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश से भी इनकार करते हैं.

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ट्रंप ने क्या कहा?
मंगलवार दो दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा "ये दुख की बात है कि मेरे पास कोई अटॉर्नी-जनरल नहीं है"
उन्होंने कहा जेफ़ सेशन्स के जांच से बाहर हटने के फ़ैसले से "मैं बेहद दुखी हूं."
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या को सेशन्स को बर्ख़ास्त करने के बारे में विचार कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा, "हम देखेंगे कि क्या होगा, कई लोगों ने मुझे ऐसा करने के लिए कहा है."
"मुझे लगता है कि मैंने इतिहास पढ़ा है और मैं ये कहना चाहता हूं कि इन बातों को यहीं छोड़ देना चाहिए. लेकिन उन्होंने जो फ़ैसला किया है वो अनुचित है."

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ट्रंप ने हिल टीवी को बताया कि प्रवासी मुद्दे और अन्य मुद्दों पर सेशन्स के रुख़ से वो ख़फ़ा हैं. उन्होंने कहा कि अटॉर्नी जनरल ने पद के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान "बेहद ख़राब" प्रदर्शन किया था.
"मैं कहना चाहता हूं कि वो उलझन में थे और सीनेट में लंबे वक्त से काम कर रहे लोग जो उनके लिए काम कर चुके थे वो उनके प्रति उदार नहीं थे लेकिन उन्होंने भी भ्रमित करने वाले जवाब दिए थे."
"उन सवालों के उत्तर आसानी से दिए जाने चाहिए थे और वो उनके लिए कठिन वक्त था."
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