लीबियाः भूमध्य सागर में 100 से ज़्यादा लोग डूबे

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एक सहायता एजेंसी का कहना है कि लीबिया के तट से निकले रबर बोट में सवार 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है.
जहाज पर सवार लोग इस महीने वहां से निकले थे.
मेडिसां सां फ़्रंतियर के मुताबिक़ एक सितंबर को लोग दो रबर बोट पर सवार होकर निकले थे, जिनमें से एक बोट डूब गई.
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हादसे के बाद बचे 276 लोगों को लीबियाई शहर खोम्स ले जाया गया, जो राजधानी त्रिपोली से करीब 100 किलोमीटर दूर है.
एजेंसी का कहना है कि लोगों को मनमानी ढंग से हिरासत में ले लिया गया है.
पीड़ितों में गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे और नाबालिग़ शामिल हैं.

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अंतरराष्ट्रीय प्रवासी संगठन के मुताबिक़ इस साल भूमध्य सागर पार करने के दौरान 1500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
इससे कहीं अधिक लोगों को बचाया भी गया है.
प्रवासी लीबिया से इटली पहुंचते थे, जहां इनके जहाज़ों के प्रवेश पर हाल ही में रोक लगा दी गई थी.
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अस्थिरता का माहौल
लौटने वाले लोगों के प्रति चिंता ज़ाहिर की जा रही है. पिछले साल के अंत में ऐसी ख़बरें आई थीं कि उप-सहारा अफ्रीकी प्रवासियों का फ़िरौती के लिए अपहरण कर लिया गया था या फिर उत्तरी अफ्रीकी देशों में उन्हें बेच दिया गया था.
साल 2011 में मुअम्मर गद्दाफ़ी के तख़्तापलट के बाद लीबिया में अस्थिरता का माहौल है.
अगस्त के अंत में त्रिपोली में हुए हिंसक संघर्ष के बाद सैंकड़ों प्रवासियों को देश छोड़ कर जाने को मजबूर होना पड़ा था.
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क्या हुआ था लीबिया में
लीबिया के पूर्व नेता मुअम्मर गद्दाफ़ी को 2011 में पकड़ लिया गया था और उनकी हत्या कर दी गई थी.
फ़रवरी 2011 में बेनग़ाज़ी शहर में एक मानवाधिकार कार्यकर्ता की मौत के साथ शुरू हुआ हिंसक विद्रोह जल्द ही पूरे देश में फैल गया जिसका अंत 20 अक्तूबर, 2011 को मुअम्मर गद्दाफ़ी की मौत के साथ हुआ.
इसके तीन दिन बाद ही मुख्य विपक्षी दल, नेशनल ट्रांज़िशनल काउंसिल, ने लीबिया को 'आज़ाद' घोषित कर दिया था.
गद्दाफ़ी के तीन बेटे विद्रोह में मारे गए थे जिनमें पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुतासिम गद्दाफ़ी भी शामिल थे, जिन्हें विद्रोहियों ने उसी दिन मारा जिस दिन उनके पिता की मौत हुई.
इसके साथ ही गद्दाफ़ी के 42 वर्ष का शासन भी समाप्त हो गया था.


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