पाकिस्तान: औरतों की रीढ़ की हड्डी का फ्ल्यूड चुराने वाला गैंग धरा

इमेज स्रोत, Getty Images
पाकिस्तान पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है जिन पर औरतों के स्पाइनल फ्ल्यूड चुराने का आरोप है.
पुलिस ने बीबीसी उर्दू को बताया कि ये अभियुक्त औरतों से कहते थे कि पंजाब सरकार से आर्थिक मदद हासिल करने के लिए उन्हें पहले अपने ख़ून की जांच करवानी होगी.
लेकिन ख़ून के बजाय उन्होंने उनका स्पाइनल फ्ल्यूड निकाल लिया और उसकी कालाबाज़ारी की कोशिश की.
अनुमान है कि इस गैंग ने 12 औरतों का स्पाइनल फ्ल्यूड चुराया है जिसमें एक नाबालिग लड़की भी शामिल है.
- देखें: मानव तस्करी के शिकार
झांसा देकर निकाला जाता था फ़्ल्यूड
अधिकारियों को इसकी भनक तब लगी जब इस प्रक्रिया के बाद एक व्यक्ति को अपनी 17 साल की बेटी कमज़ोर महसूस हुई.
पुलिस अधिकारी अशफाक़ अहमद खान ने बीबीसी उर्दू संवाददाता शहज़ाद मलिक को बताया, "ऐसा लगता है कि ये गैंग हफ़ीज़ाबाद में काफी वक्त से सक्रिय था."
"उनमें से एक खुद को ज़िला अस्पताल का कर्मचारी बताता था और औरतों से कहता था कि पंजाब सरकार के दहेज फंड की पात्रता हासिल करने के लिए पहले खून का सैंपल देना होगा."
अशफाक़ अहमद खान ने आगे बताया, "खून के सैंपल के लिए अस्पताल ले जाने के बजाय वो उन्हें गैंग की एक महिला के घर ले जाता था जहां उनका स्पाइनल फ्ल्यूड निकाल लिया जाता था."
क्या होता है स्पाइनल फ्ल्यूड

इमेज स्रोत, Getty Images
स्पाइनल फ्ल्यूड एक पारदर्शी द्रव होता है जो दिमाग और रीढ़ की हड्डी के चारों ओर पाया जाता है जो उन्हें सदमे और चोट से बचाता है. इसे स्पाइनल नली में सुई डालकर निकाला जा सकता है. इसे सामान्य तौर पर किसी बीमारी की जांच के लिए ही निकाला जाता है.
ये अब तक साफ नहीं है कि ब्लैक मार्केट में इसका क्या इस्तेमाल होता है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस केस की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है. पकड़े गए गैंग के चारों लोग फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं.
ये पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान में मेडिकल क्षेत्र से जुड़ी ऐसी घटनाएं सुर्खियों में आई हैं.
साल 2016 के आखिर में पुलिस ने रावलपिंडी में मानव अंगों की तस्करी करने वाले गैंग के कब्ज़े से 24 लोगों को छुड़ाया था.
पाकिस्तान ने 2010 में मानव अंगों की तस्करी को ग़ैरकानूनी कर दिया था लेकिन जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान अब भी मानव अंगों की तस्करी का बड़ा केंद्र है.
(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












