ईरान में 'मौलवियों की हुकूमत' को चुनौती

तेहरान यूनिवर्सिटी के छात्र

इमेज स्रोत, EPA

इमेज कैप्शन, विरोध प्रदर्शनों और झड़पों में शामिल होते तेहरान यूनिवर्सिटी के छात्र

ईरान में तीन दिनों से चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के मद्देनज़र सोशल मीडिया पर पाबंदियों का सिलसिला शुरू हो गया है.

सरकार को ये अंदेशा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए प्रदर्शनकारियों को एकजुट किया जा रहा है.

हालांकि सरकारी न्यूज़ एजेंसी इरीब के मुताबिक़ मैसेंजिंग ऐप टेलीग्राम और फ़ोटो शेयरिंग ऐप इंस्टाग्राम पर लगाई गई पाबंदियां अस्थाई हैं.

एक सरकारी सूत्र के हवाले से कहा गया है कि ये फैसला समाज में सुरक्षा और शांति बरकरार रखने के मक़सद से लिया गया है.

ईरान

इमेज स्रोत, AFP/GETTY IMAGES

इमेज कैप्शन, अयातुल्ला अली खामनेई और हसन रूहानी

साल 2009 की विशाल रैलियों के बाद ईरान ने इतने बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शन देखा है.

इसकी शुरुआत मुल्क के उत्तर-पूर्वी इलाके में पेश आ रही आर्थिक कठिनाइयों के विरोध में हुई लेकिन जल्द ही कई जगहों पर इस विरोध ने राजनीतिक रंग ले लिया.

लोग सड़कों पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई, राष्ट्रपति हसन रूहानी और ईरान की दखलंदाज़ी करने वाली विदेश नीति के ख़िलाफ़ नारे लगाने लगे.

शनिवार को कई जगहों पर भड़की हिंसा रविवार को ठहराव लेती दिखी. नए विरोध-प्रदर्शन और हिंसक घटनाएं इक्का-दुक्का जगहों से ही रिपोर्ट हुई हैं.

छोड़िए X पोस्ट, 1
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 1

सोशल मीडिया पर पाबंदी क्यों?

ईरान जैसे देश में जहां मीडिया पर सरकार की पाबंदियों के साथ-साथ कड़ी निगरानी रहती है, विरोध प्रदर्शनों के बारे में ज़्यादातर जानकारियां सोशल मीडिया पर फैलती हैं.

टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल प्रदर्शनकारी जमकर करते हैं. ईरान में टेलीग्राम ख़ासतौर पर बेहद लोकप्रिय है.

कहा जाता है कि आठ करोड़ की आबादी वाले ईरान के तकरीबन आधे लोग टेलीग्राम का इस्तेमाल करते हैं.

इस मसले पर टेलीग्राम ने 'शांतिपूर्वक विरोध जता रहे एकाउंट्स' को बंद करने से इनकार कर दिया जिसके बाद ईरान ने ये पाबंदी लगाई.

कंपनी के सीईओ पावेल डुरोव ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी.

इससे पहले ईरान के संचार मंत्री मोहम्मद जावद अज़ारी जहरूमी ने टेलीग्राम ऐप पर सक्रिय कुछ चैनलों पर 'सशस्त्र विद्रोह और सामाजिक तनाव' भड़काने का आरोप लगाया था. उन्होंने यहां तक कहा था कि ये चैनल्स पेट्रोल बम जैसे हथियारों के इस्तेमाल के लिए लोगों को उकसा रहे हैं.

छोड़िए X पोस्ट, 2
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 2

विरोध प्रदर्शन किस दिशा में?

बीबीसी फारसी सेवा के कसरा नाजी का विश्लेषण

ईरान के जिन इलाकों में दमन बढ़ रहा है और आर्थिक हालात बिगड़ रहे हैं, वहां असंतोष भड़क रहा है और इसका असर हर तरफ देखा जा रहा है.

बीबीसी फारसी सेवा की एक जांच में पता चला कि पिछले दस सालों में औसतन हर ईरानी 15 फीसदी गरीब हुआ है.

हालांकि विरोध प्रदर्शन अभी तक छोटे-छोटे इलाकों में सिमटे हुए हैं. इनमें ज्यादातर नौजवान प्रदर्शनकारी मौलवियों की हुकूमत को सत्ता से बेदखल करना चाहते हैं.

इसकी गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि ये प्रदर्शनकारी देश के छोटे-छोटे शहरों में फैल गए हैं.

और ये और लोगों को अपने साथ लाने की संभावना रखते हैं. लेकिन इनके साथ एक संकट नेतृत्व का भी है. इन प्रदर्शनकारियों का कोई एक स्पष्ट नेता नहीं है.

छोड़िए X पोस्ट, 3
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 3

विपक्ष के नेता लंबे समय से खामोश हैं या फिर निर्वासन में भेज दिए गए हैं.

यहां तक कि जो लोग निर्वासित जीवन जी रहे हैं, उनमें से भी कोई ऐसा नहीं है जिसके समर्थक बड़ी तादाद में हों.

कुछ प्रदर्शनकारी पुरानी राजशाही को बहाल करने की मांग कर रहे हैं और अमरीका में निर्वासन में रह रहे पूर्व शाह के बेटे रज़ा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान भी जारी किया है.

लेकिन हर किसी की तरह वे भी उतने ही अंधेरे में हैं, किसी को फिलहाल ये नहीं मालूम है कि इन विरोध प्रदर्शनों की दशा और दिशा क्या होने वाली है.

छोड़िए X पोस्ट, 4
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 4

हिंसा की स्थिति

शनिवार को ईरान के कई शहरों में झड़पें हुईं. पश्चिमी शहर दोरुद में बंदूक की गोलियों से दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई.

सरकार का कहना है कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर सीधी फायरिंग नहीं की है. ईरान इन मौतों के लिए सुन्नी चरमपंथियों और विदेशी ताकतों को जिम्मेदार ठहराता है.

संवाददाताओं का कहना है कि विदेशी खुफिया एजेंसियों के जिक्र का मतलब सऊदी अरब की ओर इशारा है. बीते दिनों में इस सिलसिले में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं.

ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों को इस सिलसिले में चेताया भी है कि अगर राजनीतिक विरोध जारी रहा तो उन्हें कड़ी कार्रवाई का सामना करना होगा.

इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स देश की ताकतवर सेना है जो सुप्रीम लीडर के मातहत काम करती है और उसका काम देश की इस्लामी व्यवस्था का संरक्षण करना है.

छोड़िए X पोस्ट, 5
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 5

ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल कोवसरी ने इसना न्यूज़ एजेंसी से कहा, "ऊंची कीमतों के मुद्दे पर लोग सड़क पर आते हैं तो उन्हें ऐसे नारे नहीं लगाने चाहिए और सार्वजनिक संपत्ति और कारों को आग के हवाले नहीं करना चाहिए."

ईरान के गृहमंत्री ने भी लोगों को चेताया है कि प्रदर्शनकारियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा.

रहमानी फाज़ली ने कहा, "जो लोग सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं, व्यवस्था तोड़ रहे हैं और कानून अपने हाथ में ले रहे हैं, उन्हें अपने इस बर्ताव के लिए कीमत चुकानी होगी. हिंसा, डर और आतंक फैलाने वाले लोगों के ख़िलाफ़ यकीकनन कार्रवाई की जाएगी."

छोड़िए X पोस्ट, 6
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त, 6

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)