ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के पीछे कौन?

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ईरान में शुरू हुआ सरकार विरोधी प्रदर्शन शुक्रवार को देश के कई प्रमुख शहरों में फैल गया.
प्रदर्शन की शुरुआत बढ़ती कीमतों के विरोध में हुई थी लेकिन मौलवियों के शासन के ख़िलाफ़ विरोध के आम स्वर जल्द ही इसमें शामिल हो गए.
राजधानी तेहरान में विरोध प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया है.
ईरान में भड़के सरकार विरोधी प्रदर्शनों को लेकर अमरीका ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के साथ जैसा बर्ताव किया जा रहा है उसे दुनिया देख रही है. ईरान के कई शहरों में सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हो रहा है.
व्हाइट हाउस ने अपने एक बयान में कहा है कि ईरानी नागरिक भ्रष्ट शासन और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए देश के पैसे का इस्तेमाल होने से आजिज आ गए हैं.
अमरीकी गृह मंत्रालय ने ईरान में दर्जनों प्रदर्शनकारियों की गिरफ़्तारी की कड़ी निंदा की है. हज़ारों लोगों ने ईरान के शहर कर्मांशाह, रशत, इसफ़ाहन और क़ुओम में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने की बात कही है.
शुक्रवार को ईरान की राजधानी तेहरान तक प्रदर्शनकारी पहुंच गए थे. सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस बल बड़ी संख्या में मौजूद थे.

इस विरोध प्रदर्शन को 2009 में सुधार के समर्थन में निकाली गई रैलियों से बड़ा बताया जा रहा है.
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा हकबी ने ट्वीट कर कहा, ''ईरानी सरकार को चाहिए कि वो लोगों के अधिकारों की रक्षा करे. इन्हें अपनी बात कहने का अधिकार है और इसे कुचला नहीं जा सकता है. दुनिया सब कुछ देख रही है.''
अमरीकी गृह मंत्रालय ने सभी देशों से आग्रह किया है कि वे ईरानी प्रदर्शनकारियों का समर्थन करें. मंत्रालय ने कहा कि ईरानी नागरिकों की मांग बुनियादी अधिकारों के लिए और भ्रष्टाचार को ख़त्म करने के लिए है.
ईरान का क्या कहना है?
सबसे पहले, ईरान के विदेश मंत्री ईशाक़ जहांगिरी ने कहा कि इस प्रदर्शन के पीछे सरकार विरोधी लोग हैं. ईशाक़ की टिपप्णी वहां के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के हवाले से आई है.

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ईरान सरकार ने चेतावनी दी है कि ऐसे सरकार विरोधी प्रदर्शनों की इजाज़त नहीं है और पुलिस उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई करेगी.
आरोप लग रहा है कि राष्ट्रपति हसन रुहानी की सरकार ज़रूरी चीज़ों के दाम नियंत्रित करने में असफल रही है. अंडों के दाम एक ही हफ्ते में लगभग दोगुने हो गए हैं.
लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी ऐसे भी हैं जो सरकार विरोधी राजनीतिक बंदियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं.
ईशाक़ ने कहा, ''देश में हाल की घटनाओं के लिए आर्थिक समस्याओं को ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है, लेकिन प्रतीत होता है कि इसके पीछे कुछ और ही है. ये वे लोग हैं जो सरकार को नुक़सान पहुंचाना चाहते हैं.
इससे पहले, फार्स समाचार एजेंसी ने बताया था कि प्रदर्शनकारियों ने कर्मन्शाह में सार्वजनिक संपत्तियों को नुक़सान पहुंचाया है. तेहरान के गवर्नर जनरल ने कहा है प्रदर्शनकारियों की ऐसी भीड़ से पुलिस सख्ती से निपटेगी.

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मशाद के अधिकारियों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन का आयोजन काउंटर रिवॉल्युशनरी तत्वों ने किया है. वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी का इस्तेमाल कर रही है.
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