हमला हुआ तो कोई भी हमसे धैर्य की उम्मीद न करे: पाकिस्तान

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- Author, सलीम रिज़वी
- पदनाम, न्यूयॉर्क से, बीबीसी हिंदी के लिए
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़्वाज़ा मोहम्मद आसिफ़ ने भारत को चेतावनी दी है कि अगर उसने पाकिस्तान के अंदर सर्जिकल स्ट्राइक की या उसके परमाणु संस्थानों पर कोई हमला किया तो कोई भी पाकिस्तान से धैर्य की उम्मीद न रखे.
अमरीकी दौरे पर गए ख़्वाज़ा आसिफ़ वॉशिंगटन में एक थिंक टैंक इंस्टिट्यूट ऑफ़ पीस में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे.

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अमरीकी दौरे पर हैं ख़्वाज़ा आसिफ़
पाकिस्तानी विदेश मंत्री भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ़ मार्शल बिरेंदर सिंह धनोआ के उस बयान का जवाब दे रहे थे जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय वायु सेना के पास पाकिस्तान के अंदर परमाणु और अन्य ठिकानों को ढूंढकर उन्हें तबाह करने की क्षमता है.
ख़्वाज़ा आसिफ़ के इस अमरीकी दौरे का मक़सद है कि अमरीका और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में आए तनाव को दूर किया जा सके.

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आईएसआई के चरमपंथी गुटों से संबंध
इसी सिलसिले में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने अमरीका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एच आर मैक्मास्टर से मुलाक़ात भी की.
उधर, अमरीकी सेना के ज्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ के चेयरमैन जनरल जोसेफ़ डन्फ़र्ड ने पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी आईएसआई के बारे में कहा है कि चरमपंथी गुटों से उसके संबंध हैं.
जनरल जोसेफ़ डन्फ़र्ड ने मंगलवार को अमरीकी सीनेट की सैन्य मामलों की समिति के समक्ष एक सेनेटर के सवाल का जवाब देते हुए कहा, "मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि आईएसआई के चरमपंथी गुटों के साथ संबंध हैं."

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आतंकी गुटों को पनाह दे रहा पाकिस्तान
अमरीका का कहना है कि पाकिस्तान आतंकी गुटों को अब भी पनाह दे रहा है.
अमरीकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की समिति के समक्ष सवालों के जवाब में अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने भी पाकिस्तान द्वारा आतंकियों को समर्थन के मुद्दे पर चेतावनी दी.
मैटिस ने अफ़गानिस्तान में सक्रिय आतंकी गुटों को पाकिस्तान द्वारा समर्थन दिए जाने के बारे में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की नई नीति के तहत पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सख़्त कदम उठाए जाने का भी ज़िक्र किया.

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पाकिस्तान को एक आख़िरी मौक़ा
जेम्स मैटिस ने पाकिस्तान को आख़िरी मौक़ा देने की बात की जिससे वह अफ़गानिस्तान में आतंकियों को समर्थन देना रोके और अमरीका और अन्य देशों के साथ मिलकर शांति के लिए काम करे.
जेम्स मैटिस ने प्रतिनिधि सभा में कहा, "यह ज़रूरी है कि हम पाकिस्तान को साथ मिलकर काम करने का एक और मौक़ा दे दें. अगर इसके बावजूद हम कामयाब नहीं हुए तो राष्ट्रपति ट्रंप हर ज़रूरी क़दम उठाने के लिए तैयार हैं."
जेम्स मैटिस ने कहा कि अगर पाकिस्तान साथ देगा तो फ़ायदे में रहेगा और साथ नहीं देने की स्थिति में उसे उसका खामियाज़ा भी भुगतना पड़ेगा.

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ट्रंप ने दी थी चेतावनी
अगस्त महीने में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने दक्षिण एशिया के बारे में अपनी नई नीति पर कहा था कि पाकिस्तान को आतंकियों की पनाहगाहें बंद करनी होंगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि अब इस मामले में अमरीका और खामोश नहीं रह सकता.
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अगर ऐसा न हुआ तो पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सख़्त कदम उठाए जा सकते हैं.
इस बयान के बाद से अमरीका और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया.

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आतंकी गुट पाकिस्तान पर बोझ
भारत भी लगातार यह मांग करता रहा है कि पाकिस्तान में आतंकियों के अड्डे ख़त्म किए जाएं और हाफ़िज़ सईद जैसे मुंबई हमलों के ज़िम्मेदार आतंकियों को सज़ा दी जाए.
इस सिलसिले में गुरुवार को वॉशिंगटन में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़्वाज़ा आसिफ़ ने अपना पहले का बयान दोहराते हुए कहा कि ऐसे गुट पाकिस्तान पर बोझ हैं.
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा, "हम इस बोझ से एक रात में तो पीछा नहीं छुड़ा सकते क्योंकि वह यहां बहुत लंबे समय से हैं. हमें उनसे यह कहने के लिए समय की दरकार है कि वह अपना बोरिया बिस्तर समेट लें."

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आतंकियों के ख़िलाफ़ सख़्ती नहीं
पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने यह भी माना कि 2014 तक पाकिस्तान ने आतंकियों के ख़िलाफ़ सख़्ती नहीं की क्योंकि उसे अमरीका पर यक़ीन नहीं था कि वह अफ़गानिस्तान में युद्ध जीतने के बाद क्या करेगा.
ख़्वाज़ा आसिफ़ का कहना था कि 2014 के बाद पाकिस्तान ने दहशतगर्दों का ख़ात्मा किया और उन्हें जड़ से उखाड़ फेंका.
अमरीका के साथ रिश्तों में तनाव की बात मानते हुए उनका कहना था कि पाकिस्तान अमरीका के साथ मिलकर आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई जारी रखना चाहता है.












