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ऐसे विज्ञापन जिनसे लोग हो गए नाराज़
दुनियाभर में मशहूर कंपनी पेप्सी के एक विज्ञापन ने बहुत से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा.
इसमें अमरीकी टीवी स्टार और मॉडल केंडाल जेनर एक प्रदर्शन में शामिल होने के लिए फ़ोटोशूट छोड़ देती हैं. विज्ञापन में प्रदर्शन के लिए पुलिस बल का भारी इंतजाम दिखाया गया है.
अपना तनाव दूर करने के लिए वो टहलते हुए पुलिसलाइन की ओर जाती हैं और एक पुलिस वाले को पेप्सी का एक केन थमाती हैं. यह देखकर लोग ताली बजाने लगते हैं.
विज्ञापन के सामने आने के बाद लोगों ने आरोप लगाया कि इसमें हाल के दिनों में अमरीकी सड़कों पर हुए विरोध-प्रदर्शनों को कमतर बताने की कोशिश की गई है. इन आलोचनाओं के बाद पेप्सी ने विज्ञापन को वापस लेकर माफ़ी मांगी.
लेकिन पेप्सी अकेली कंपनी नहीं है जिसको अपने ख़राब विज्ञापनों के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा. आइए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे ही विज्ञापनों के बारे में.
सफ़ेद ही पवित्र है
त्वचा की देखभाल के लिए क्रीम बनाने वाली जर्मन कंपनी नीविया को अपने एक डियोड्रेंट के लिए माफ़ी मांगनी पड़ी. इस डियोड्रेंट की कैच लाइन थी, 'ह्वाइट इज प्युरिटी' यानी कि सफ़ेद ही पवित्रता है.
लोगों ने नीविया के इस विज्ञापन को भेदभाव वाला और असंवेदनशील बताया.
वहीं ब्रिटेन के को-ऑप सुपरमार्किट को उसके ईस्टर चाकलेट अंडे के विज्ञापन को लोगों ने लैंगिक भेदभाव वाला बताया. इस विज्ञापन में बर्तन धोने के लिए लाड़-प्यार करने को कहा गया था.
समलैंगिकता पर हमला
स्नीकर चॉकलेट बार के एक टीवी विज्ञापन को भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. इस विज्ञापन के मिस्टर मैगनस (जिन्हें ब्रिगेड ए के नाम से भी मशहूर हैं) पर समलैंगिकता का अपमना करने का आरोप लगा.
इस विज्ञापन में वो पीले रंग शार्ट्स पहने और तेज़ी से चल रहे पुरुषों पर स्नीकर चॉकलेट बार की फायरिंग करते नज़र आ रहे थे. इसमें वो कहते हैं, '' तुम लोग पुरुष जाति के लिए कलंक हो. यह एक सच्चे मर्द के जैसा दौड़ने का समय है.''
इस विज्ञापन की काफी आलोचना हुई. इस पर स्नीकर बनाने वाली कंपनी मार्स ने घोषणा की कि उसके विज्ञापन केवल मजाक के लिए था. लेकिन उसने यह भी कहा कि यह मजाक बहुत व्यक्तिपरक था.
फ़ुटबाल का विश्वकप
वहीं सिंगापुर में एक विज्ञापन का इतना मज़ाक उड़ाया गया कि उसे हाल ऑफ़ शेम में शामिल होने लायक बताया गया.
यह विज्ञापन 2014 में आयोजित फ़ीफ़ा विश्वकप फ़ुटबॉल के समय जारी किया गया था. इसमें एक बच्चा अपने दोस्त से कहता है कि उसके पिता ने उसकी सारी जमा पूंजी को विश्वकप में जर्मनी की जीत पर दांव पर लगा दिया है.
जिस समय यह विज्ञापन आया उस समय तक जर्मनी विश्वकप फुटबॉल जीत चुकी थी. हालांकि मजाक उड़ता देख सिंगापुर के अधिकारियों ने उसे सुधारने की कोशिश तो की. लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी.
पोप का किस
रेडिमेड कपड़े बनाने वाली इतालवी कंपनी बेनेटन का 2011 में शुरू किया गया अभियान 'अनहेट', अभी भी जारी है. जब यह अभियान शुरू किया गया था तो इसका इरादा बहुत ही नेक था.
लेकिन इसकी एक तस्वीर ने विवाद पैदा कर दिया. इस तस्वीर में पोप बेनडिक्ट सोलहवें मिस्र के एक इमाम को चूमते हुए नज़र आ रहे थे. इस तस्वीर को देखकर वेटिकन ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी. इस पर बेनेटन ने तस्वीर को वापस ले लिया.
वेटिकन ने एक बयान में कहा कि यह विज्ञापन न केवल पोप और कैथोलिक चर्च की गरिमा को नुक़सान पहुंचाने वाला है, बल्कि उनको मानने वालों की भावनाओं को भी नुकसान पहुंचाने वाला है.
लेकिन व्हाइट हाउस की आपत्ति के बाद भी बेनेटन ने तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा की एक तस्वीर को इस अभियान से नहीं हटाया.