क्या यूरोपीय देशों में एशियाई मूल के लोगों के साथ नस्लभेद होता है?

वीडियो कैप्शन, बातचीत के दौरान बच्चे बीच में आ गए
    • Author, हीलियर चिऊंग
    • पदनाम, बीबीसी न्यूज़

बीते दिनों बीबीसी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

अंतरराष्ट्रीय संबंध के प्रोफ़ेसर रॉबर्ट केली अपने घर से ही टेलीविज़न पर लाइव बोल रहे थे कि उनके दो बच्चे भी उसी कमरे में आ गए.

केली बोल रहे थे और पीछे से उनके बच्चे भी कैमरे में दिख रहे थे. उन्होंने किसी तरह अपना संयम बनाए रखा और बोलते रहे. ख़ैर. उसी समय एक महिला वहां आईं और उन दोनों बच्चों को जल्दी से उस कमरे से ले गईं.

वो प्रोफ़ेसर साहब की बीवी जुंग अ किम थीं. जुंग, एशियाई मूल की हैं.

लेकिन ज़्यादातर लोगों ने मान लिया कि वे प्रोफ़ेसर केली के घर काम करने वाली और बच्चों की देखभाल करने वाली आया थीं.

लोगों ने ऐसा क्यों सोचा?

रॉबर्ट केली की बीवी को लेकर किया गया ट्वीट

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एक आदमी ने ट्वीट कर कहा, "वे उनकी पत्नी हैं, नौकरानी नहीं."

एक दूसरे आदमी ने कहा, "उनका नाम जुंग अ किम है."

एक आदमी ने ट्विटर पर लिखा, "क्या आप ग़लत निष्कर्ष पर पहुंचे हैं? हम इस पर हंस सकते हैं और अपने पूर्वाग्रहों के बारे में सीख भी सकते हैं."

ग़लत निष्कर्ष

टिफ़ैनी वोंग और जोनाथन स्मिथ

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इमेज कैप्शन, अलग अलग नस्लों की होने की वजह से टिफ़ैनी वोंग और जोनाथन स्मिथ को भेद भाव का सामना करना पड़ा

कुछ लोगों ने तर्क दिया कि उनकी भाव भंगिमा और चेहरे पर छाई घबराहट की वजह से लोगों ने ऐसा सोचा.

लेकिन, इसके उलट तर्क यह है कि सीधा प्रसारण के दौरान बच्चों के वहां घुस आने से मां के चेहरे पर घबराहट बिल्कुल स्वाभाविक है.

तो लोगों ने उन्हें आया इसलिए सोच लिया कि वे एशियाई मूल की हैं?

किम को आया मानने की एक बड़ी वजह यह है कि लोग यह मान कर चलते हैं कि लोगों को अपने समुदाय में ही शादी ब्याह करनी चाहिए.

मैं जब लंदन में पढ़ रहा था, मेरे ब्रितानी-चीनी होने की वजह से लोगों ने मान लिया था कि मैं वहां डॉक्टरी या अर्थशास्त्र पढ़ रहा हूं. सच तो यह है कि मैं वहां अंग्रेज़ी साहित्य का छात्र था.

पत्रकार को समझा सफ़ाई करने वाली

चीनी मूल के छात्र

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इमेज कैप्शन, चीनी मूल के छात्र को मेडिकल या अर्थशास्त्र का विद्यार्थी मान लिया जाता है

भारतीय मूल की एक पत्रकार का कहना है कि वे जब एक क्षेत्रीय अख़बार गईं तो वहां रिसेप्शन पर बैठी महिला ने उन्हें साफ़ सफ़ाई करने वाली मान लिया था.

जापानी मूल की शिक्षाविद कुमिको तोदा ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि ब्रिटेन में बड़ी होने, पढ़ी लिखी होने और ब्रितानी लहजे में अंग्रेज़ी बोलने के बावजूद लोग उनसे पूछते थे कि वे कहां से आई हैं.

टिफ़ैनी वोंग और जोनाथन स्मिथ को तो कुछ लोगों ने परेशान सिर्फ़ इसलिए किया के उनमें एक ब्रितानी और दूसरा चीनी था.

स्मिथ कहते हैं कि वे जब लोगों को बताते थे कि उनकी प्रेमिका कॉकेसियन नहीं चीनी मूल की है तो उन्हें अचरज होता था.

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