चीन ने विकास दर का लक्ष्य घटाकर 6.5% किया

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दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन ने अपनी विकास दर का अनुमानित लक्ष्य घटा दिया है.
चीनी प्रीमियर ली कचियांग ने घोषणा की है कि इस साल की विकास की दर साढ़े छह फ़ीसद से सात फ़ीसद की अनुमानित दर से कम क़रीब साढ़े छह फ़ीसद रहेगी.
वह बीजिंग में नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के वार्षिक अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे. ग्रेट हाल ऑफ पीपुल में आयोजित इस बैठक में तीन हज़ार से अधिक सदस्य भाग ले रहे हैं.
चीनी अर्थव्यवस्था में पिछले 26 सालों में सबसे धीमी विकास दर पिछले साल दर्ज की गई.
भारत के केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) ने हाल ही में जो आंकड़े जारी किए उनके मुताबिक अक्टूबर से दिसंबर यानी कारोबारी वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान आर्थिक विकास दर सात फ़ीसदी रहने का अनुमान है. हालांकि ये दूसरी तिमाही के 7.4 फीसदी से कम है.
चीनी प्रीमियर ने एनपीसी में कहा कि बाज़ार की ज़रूरत को पूरा करने के लिए वो अधिक कोयले और इस्पाल का उत्पादन कर 'जांबी इंटरप्राइजेज़', जिसे राहत पैकेज की ज़रूरत हो, से निपटेंगे.
इसी तरह के वादे पिछले सालों में भी किए गए. लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया.

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एनपीसी और उसे सलाह देने वाली संस्था की हर साल औपचारिक बैठक होती है.
चीनी प्रीमियर ने दुनिया की दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था की तुलना उस तितली से की जो कि पैसे की कमी से निपटने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा कि इस कायापलट को वादों के ज़रिए किया जाएगा. लेकिन इसमें दर्द भी बहुत होगा.

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इस अवसर पर उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी के नेता शी जिनपिंग का आभार जताया. उन्होंने कहा कि पार्टी के दृढ़ नेतृत्व में चीनी लोगों में परेशानियों से बहादुरी और चतुराई से पार पा लेने की क्षमता है.
चीन की परेशानियों में उन्होंने देश के अधिकांश इलाक़ों में छाई धुंध और कुछ सरकारी अधिकारियों की कामचोरी को गिनाया.
चीनी ने प्रीमियर ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की चीन की व्यापार नीति और विनिमय दर को लेकर शिकायतों का अप्रत्यक्ष रूप से हवाला दिया. उन्होंने आने वाले सालों में एक जटिल दुनिया की चेतावनी दी और कहा कि चीन संरक्षणवाद के बढ़ते ख़तरे का सामना कर रहा है.

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इस साल एनपीसी के वार्षिक अधिवेशन का आयोजन चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अधिवेशन से पहले हो रहा है जिसे इसी साल आयोजित होना है.
इसी सम्मेलन में पार्टी प्रमुख शी जिनपिंग के दूसरे कार्यकाल पर मुहर लगाए जाने की संभावना है. इसके अलावा इसमें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की घोषणा भी की जा सकती है.












