मोसुल में इराक़ी सेना ने आईएस को घेरा

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इराक़ के अतिरिक्त सुरक्षा बलों ने मोसुल के पश्चिम में एक अहम सड़क को नियंत्रण में लेकर चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट को घेरने का दावा किया है.
हश्द अल शाबी समूह ने एलान किया है कि कुर्द लड़ाकों के साथ मिलकर तल अफ़र और सिंजर के बीच की सड़क पर कब्ज़ा कर लिया है.
इस बीच एक हवाई हमले में मोसुल के एक पुल को नुकसान भी पहुंचा है.
इराक़ी सेना मोसुल के पूर्वी इलाके की तरफ़ बढ़ रही हैं जहां पांच से छह हज़ार चरमपंथियों उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं.
मोसुल में बहने वाली दजला नदी पर अब सिर्फ़ एक ही पुल बचा है.
इराक़ी सुरक्षा बलों के क़रीब 50 हज़ार सैनिक, कुर्द लड़ाके, सुन्नी अरब कबायली लड़ाके और शिया लड़ाके मोसुल को आईएस के नियंत्रण से वापस लेने के लिए पांच हफ्ते से जारी अभियान में हिस्सा ले रहे हैं.

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ईरान शिया लड़ाकों के समर्थन वाले द पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन (पीएम) सुरक्षा बल ने कहा है कि मोसुल से करीब 50 किलोमीटर दूर आईएस के नियंत्रण वाले तल अफ़र से कुर्दों के नियंत्रण वाले शहर सिंजर के बीच सड़क को काट दिया गया है.
पीएम के एक वरिष्ठ नेता अबु महदी अल मोहनदेस ने कहा कि अब तल अफ़र और मोसुल के बीच की सड़क पर ध्यान दिया जाएगा.
पीएम ने तुर्की की सरकार को सुन्नी तुर्क लोगों की बहुलता वाले शहरों पर हमला नहीं करने की चेतावनी दी है.
इन शहरों से हज़ारों लोग कुर्द नियंत्रण वाले इलाकों की तरफ़ भाग रहे हैं.
निनिवेह प्रांतीय परिषद में तल अफ़र के प्रतिनिधि नूरलदीन क़ूलान ने कहा, "लोग हशीद के डर से भाग रहे हैं, लोगों में काफ़ी डर है."
आईएस के ख़िलाफ़ लड़ रहे शिया लड़ाकों पर सुन्नी नागरिकों को अगवा कर और मारने के गंभीर आरोप लग रहे हैं.

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मोसुल में दजला नदी पर पांच ब्रिजों में से अब सिर्फ़ एक पुल बचा है.

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हालांकि प्रवासियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की संस्था का कहना है कि शहर में फंसे करीब 15 लाख लोगों को निकालने में समस्या आ सकती है.
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