'ओला, उबर ज्यादा पैसे नहीं चार्ज कर सकेंगे'

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ऐप आधारित टैक्सी सर्विस कंपनियां ओला, उबर और अन्य टैक्सी ऑपरेटर 22 अगस्त के बाद निर्धारित दर से ज़्यादा पैसे चार्ज नहीं कर सकेंगी.

ये आदेश दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिया है.

ये कंपनियां 'सर्ज प्राइसिंग' यानी मांग ज़्यादा होने और पूर्ति कम होने की स्थिति में ग्राहकों से भीड़-भाड़वाले घंटों में ज्यादा पैसे चार्ज कर रही थीं.

पिछले महीने हाईकोर्ट ने इन कंपनियों को कहा था कि वो दिल्ली सरकार की निर्धारित दरों से ज़्यादा किराया ग्राहकों से नहीं वसूल सकती हैं.

दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चलनेवाली ऐप आधारित टैक्सी सेवा कंपनियों के लिए एक नीति तैयार की है जिसे उपराज्यपाल के पास अनुमोदन के लिए भेजा गया है.

दिल्ली उच्च न्यायालय ने ही सरकार से इन टैक्सी कंपनियों के लिए नीति तैयार करने को कहा था.

कंपनियों के 'सर्ज प्राइसिंग' के तर्क को अदालत में चुनौती दी गई थी, जिसपर कोर्ट ने 9 अगस्त तक जवाब दाखिल करने को कहा था.

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