'भीड़ के ख़िलाफ़ छर्रों का इस्तेमाल बंद हो'

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- Author, माजिद जहांगीर
- पदनाम, श्रीनगर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के हाईकोर्ट ने कश्मीर में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पेलेट गन (छर्रों का इस्तेमाल) से परहेज़ करने को कहा है.
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने शनिवार को एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए ये निर्देश दिए.
जम्मू कश्मीर पीपुल्स फ़ोरम ने 12 जुलाई को हाईकोर्ट में छर्रों के इस्तेमाल के ख़िलाफ़ एक जनहित याचिका दाखिल की थी.
गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पिछले दिनों संसद में दिए गए बयान में कहा था, "हम विशेषज्ञों की टीम बनाकर छर्रों के बदले कोई गैर घातक हथियार के इस्तेमाल का रास्ता ढूंढेंगे."
उनके इस बयान का हवाला देते हुए हाईकोर्ट की डिवीज़न बेंच के चीफ़ जस्टिस एएन वसंतकुमार और एम हसीन अत्तार ने कहा, "सरकार के लिए उनका ये बयान काफ़ी होना चाहिए कि छर्रों का इस्तेमाल बंद किया जाए. कश्मीर में छर्रों का इस्तेमाल ख़तरनाक साबित हुआ है."
जम्मू कश्मीर पीपुल्स फोरम एक गैर सरकारी संस्था है.

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संस्था के महासचिव शुज़ा अहमद ने बीबीसी को बताया, "हमारी संस्था ने 12 जुलाई को हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की थी, जिसमें कश्मीर के मौजूदा हालात में छर्रों के इस्तेमाल पर पाबंदी की मांग की थी."
शुज़ा अहमद ने आगे कहा, "हमारी याचिका पर शनिवार को सुनवाई हुई थी, जिसमें अदालत ने अवलोकन करते हुए कहा कि सरकार को कश्मीर में छर्रों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए."
जम्मू कश्मीर सरकार के प्रवक्ता नईम अख़्तर ने बीबीसी को बताया, "हम वैसे भी इस पर काम कर रहे हैं कि छर्रों की जगह क्या इस्तेमाल किया जा सकता है और हमें उम्मीद है कि जल्दी ही सबकुछ होगा."
कश्मीर में बीते नौ जुलाई को उस समय जगह-जगह हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए थे जब चरमपंथी संगठन हिज़्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी एक मुठभेड़ में मारे गए थे.

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प्रदर्शन में अब तक पुलिस, सेना और सुरक्षाबलों की कार्रवाई में लगभग 50 आम नागरिक मारे गए हैं और करीब 3000 लोग घायल हो गए हैं.
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