आइए पढ़ें फ़ारसी में महाभारत!

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- Author, विदित मेहरा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, नई दिल्ली
दिल्ली के चांदनी चौक इलाक़े मौजूद हरदयाल म्युनिसिपल पब्लिक लायब्रेरी को 100 साल पुरे हो गए हैं.
दिल्ली नगर निगम की इस लायब्रेरी में बड़ी नायाब किताबें हैं, कुछ तो 17वीं सदी की.

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पुस्तकालय को 1970 से पहले लॉर्ड हार्डिंग लायब्रेरी कहते थे.

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यहां हिन्दी, अंग्रेज़ी, उर्दू, फ़ारसी और अरबी की 1,70,000 से ज़्यादा किताबें हैं.
सन 1634 में छपी 'अ रिलेशन ऑफ़ सम इयर्स' यहां की सबसे पुरानी किताब है.

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सामने ही है मशहूर चांदनी चौक, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन यहां से सिर्फ़ 10 मिनट की दूरी पर है.

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किताबों को बचाकर रखने के लिए लायब्रेरी के अंदर ही कारीगर काम करते हैं.

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लायब्रेरी में 150 साल पुराना लकड़ी का ज़ीना भी है जिसपर चढ़ते वक़्त आपको देवानंद का गाना 'दिल का भंवर करे पुकार' की याद आ जाएगी.

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रोज़ाना लायब्रेरी में 30 अख़बार आते हैं और महीने में 55 मैगज़ीन आती हैं जिसमें लोग 'सरिता', 'मेरी सहेली', 'मेरी लक्ष्मी' जैसी मैगज़ीन भी पढ़ते हैं.

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कई बड़ी बड़ी अलमारीयों में हिंदी, उर्दू और अंग्रेज़ी की किताबों को संभाल कर रखा गया है.

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इस लायब्रेरी की छत से आप पुरानी दिल्ली के कमाल के नज़ारे का लुत्फ़ उठा सकते हैं.
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