समझिए उत्तराखंड की उठापटक को

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उत्तराखंड के सियासी हालात क्या हैं, समझिए इन पांच बिंदुओं में.
सुप्रीम कोर्ट ने नैनीताल हाईकोर्ट के फ़ैसले पर 27 अप्रैल तक रोक लगा दी है. इसका अर्थ यह हुआ कि अब राज्य में दो दिन पहले बुधवार (20 अप्रैल) शाम वाली स्थिति ही होगी. यानि कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू रहेगा.
नैनीताल हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक मौखिक आदेश दिया था जिसमें राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने को ग़लत ठहराते हुए उसे निरस्त कर दिया था. हाईकोर्ट ने अपने फ़ैसले को तुरंत लागू करते हुए उस पर स्टे लगाने से इनकार कर दिया था.

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हाईकोर्ट ने हरीश रावत सरकार को 29 अप्रैल को विश्वास मत हासिल करने का आदेश भी दिया था.
हाईकोर्ट के फ़ैसले को मानते हुए हरीश रावत ने गुरुवार (21 अप्रैल) देर शाम ही कैबिनेट की बैठक बुलाकर कई महत्वपूर्ण आदेश जारी कर दिए थे.
शुक्रवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में नैनीताल हाईकोर्ट के फ़ैसले को यह कहकर चुनौती दी कि अभी तक किसी को भी हाईकोर्ट के आदेश की लिखित कॉपी नहीं मिली है, इसलिए उसका अध्ययन भी नहीं किया जा सकता.
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 27 अप्रैल तय करते हुए हाईकोर्ट को आदेश दिया कि 26 अप्रैल तक सभी संबंधित पक्षों को लिखित आदेश की प्रति उपलब्ध करवाई जाए.

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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी यह आदेश दिया है कि वह 27 तारीख से पहले राज्य से राष्ट्रपति शासन न हटाए.
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