तय है स्वाभाविक नहीं सुनंदा की मौत: बस्सी

सुनंदा थरूर

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दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बीएस बस्सी ने कहा है कि कांग्रेस नेता शशि थरूर की पत्नी सुनंदा थरूर की मौत स्वाभाविक नहीं थी. लेकिन उनके शरीर से कोई रेडियो एक्टिव पदार्थ भी नहीं मिला है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अमरीकी खुफिया विभाग एफ़बीआई की प्रयोगशाला में सुनंदा के विसरा नमूने की जांच रिपोर्ट का विश्लेषण ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के डॉक्टरों के एक बोर्ड ने किया था. इसी के आधार पर दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

बीएस बस्सी ने कहा कि इस हाई प्रोफाइल केस के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और ये जल्द ही पूरी हो जाएगी.

बी एस बस्सी

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इमेज कैप्शन, दिल्ली पुलिस प्रमुख बी एस बस्सी

पिछले साल जनवरी में दिल्ली पुलिस ने सुनंदा थरूर की मौत के मामले में हत्या का केस दर्ज़ किया था.

एम्स के मेडिकल बोर्ड ने उनकी मौत का कारण ज़हर बताया था जिसके बाद पुलिस ने उनके विसरा के नमूने को जांच के लिए वाशिंगटन स्थित एफ़बीआई की प्रयोगशाला में भेजा था.

इससे पहले ये कयास भी लगाए जा रहे थे कि संभवतः सुनंदा की मौत किसी रेडियो एक्टिव पदार्थ का ज़हर फैलने से हुई है.

एफ़बीआई ने दो महीने पहले ही अपनी रिपोर्ट दिल्ली पुलिस को भेज दी थी. इस रिपोर्ट में रेडियो एक्टिव पदार्थ से ज़हर फैलने की बात को खारिज किया गया था.

सुनंदा थरूर

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चूंकि पुलिस एफबीआई रिपोर्ट के आधार पर मौत की वजह निश्चित नहीं कर सकती थी इसलिए उन्होंने एम्स के मेडिकल बोर्ड से अनुरोध किया कि वो इस रिपोर्ट का विस्तार से अध्ययन करे.

पुलिस आयुक्त बस्सी ने बताया, "मेडिकल बोर्ड ने 11 पन्नों की रिपोर्ट दी है जिसका परीक्षण किया जाना है. मेडिकल बोर्ड ने कुछ नतीजों का ज़िक्र किया है जिनकी अब छानबीन की जाएगी."

17 जनवरी, 2014 को दक्षिण दिल्ली के एक पांच सितारा होटल के एक सुइट में 51 वर्षीय सुनंदा मृत पाई गईं थीं.

शशि थरूर

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शुक्रवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त ने इस केस की तहकीकात कर रहे विशेष जांच दल और दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (कानून व्यवस्था) दीपक मिश्रा के साथ बैठक की. बस्सी ने एक ट्वीट में कहा कि मिश्रा इस केस की समीक्षा कर रहे हैं.

जांचकर्ता अब तक छह लोगों का पॉलीग्राफ परीक्षण कर चुके हैं और शशि थरूर से भी तीन बार इस मामले में पूछताछ की जा चुकी है

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