बेगम अख़्तर का एक फ़ैन ऐसा भी ...

सतीश टंकसाले.

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इमेज कैप्शन, लगभग पिछले पच्चीस सालों से हर साल पुणे से लखनऊ आते हैं सतीश
    • Author, इंदु पांडेय
    • पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

दुनिया में बेगम अख़्तर के करोड़ों चाहनेवालों में सतीश टंकसाले भी हैं.

लखनऊ शहर, जोकि संगीत और नृत्य के लिए जाना जाता है, इसी शहर में बेग़म अख़्तर की कब्र एक ऐसे उदास और सुनसान बाग़ में थी जहाँ पतझड़ में पेड़ों के पत्ते बेग़म की क़ब्र को चूमा करते थे.

सनदकदा संस्था चलाने वाली माधवी कुकरेजा का कहना है कि पच्चीस तीस साल पहले लखनऊ में बहुत कम लोग जानते थे की बेग़म अख़्तर की क़ब्र कहाँ है.

बेगम अख्तर की मज़ार

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इमेज कैप्शन, लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके के पसन्दबाग में अख्तरी बेगम की कब्र

माधवी कुकरेजा कहती हैं कि पच्चीस साल पहले भी सतीश पुणे से हर साल बेग़म अख़्तर की पुण्यतिथि 30 अक्टूबर को लखनऊ बराबर आते रहे हैं. अपने दस्तूर के मुताबिक़ वो क़ब्र की सफाई करते हैं, मोमबत्ती जलाते और ताज़े फूल रखते हैं और मल्लिका ए ग़ज़ल को याद करते हैं.

सतीश टंकसाले ने पहली बार बेग़म अख़्तर को बीस साल की उम्र में पुणे में सुना था. आज उनकी उम्र लगभग सत्तर साल होने को है और उनका दीवानापन वक़्त के साथ बढ़ता गया.

सतीश टंकसाले.

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इमेज कैप्शन, लखनऊ के मौसमनगर तक पहुँचने का रास्ता तंग, घुमावदार गलियों से गुज़रता है.

बेग़म अख़्तर की क़ब्र की देख-रेख का ज़िम्मा संस्था सनतकदा ने लिया है.

माधुरी कुकरेजा पिछले कुछ वर्षों से बेगम अख़्तर की याद में उनकी बरसी पर यहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं.

इनका कहना है की सतीश की मोहब्बत का परिणाम है की बेग़म अख़्तर की आखरी आरामगाह की तरफ सबने ध्यान दिया है.

बेग़म अख़्तर की क़ब्र

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इमेज कैप्शन, कभी ये बेगम अख़्तर का आम का बाग़ हुआ करता था

शांति हीरानंद जो की बेग़म अख़्तर की शागिर्द रही हैं. वो कहती हैं कि, "उनको पहली बार क़ब्र के आस पास रहने वाले लोगों ने बताया था सतीश के बारे में. और अब आज दूर दराज से लोग उनकी क़ब्र देखने आते हैं. आज पूरा लखनऊ जानता है की बेग़म अख़्तर की क़ब्र कहाँ है और इसका श्रेय सतीश को जाता है."

बेगम अंख्तर

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इमेज कैप्शन, सुना करो मेरी जां, उनसे उनके अफसाने सब अजनबी हैं यहां, कौन किसको पहचाने.

शांति हीरानंद कहती हैं कि जब भी बेग़म अख़्तर खुश होती थीं तो ये ज़रूर कहती थीं -

तू ही भरोसा तू ही सहारा परवर दीगारा परवर दीगारा..

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