'राहुल में हिम्मत है, तो संसद में सबूत दें'

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नेशनल हेरल्ड मामले को लेकर संसद में चल रहे गतिरोध के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है.
एक ओर जहाँ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री कार्यालय पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है, वहीं संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू का कहना है कि सरकार इस मामले में कहीं भी नहीं है.
लोकसभा में इस मामले को लेकर शोर-शराबा चलता रहा और कार्यवाही भी चली, लेकिन राज्यसभा में विपक्ष के ज़ोरदार हंगामे के कारण कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई.
वहीं केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि लोकसभा की कार्यवाही बाधित करने में राहुल ही मुख्य भूमिका निभा रहे हैं.
राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि अगर राहुल गांधी में हिम्मत है तो उन्हें संसद में आकर अपने बयान के समर्थन में सबूत देना चाहिए.
संसद में कांग्रेस के रवैए से नाराज़ संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि कांग्रेस अप्रत्यक्ष तौर पर न्यायपालिका पर हमला कर रही है और दरअसल ये मोदी सरकार के लिए जनादेश के ख़िलाफ़ प्रतिशोध है.

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उन्होंने कहा, "कांग्रेस के सदस्य सोचते हैं कि वो मोदी को चोट पहुँचा रहे हैं, लेकिन दरअसल वो भारत को चोट पहुँचा रहे हैं. कांग्रेस लोकतंत्र में नहीं बल्कि भीड़तंत्र में यक़ीन करती है."
राज्यसभा में जब भाजपा के मुख़्तार अब्बास नक़वी ने ये कहा कि आप जाकर कोर्ट में लड़िए, ये तो दो व्यक्तियों का मामला है, इस पर तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि उन्हें ये न सिखाया जाए कि क्या महत्वपूर्ण है और क्या नहीं.
दूसरी ओर राज्यसभा में विपक्ष के नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुख ने नेशनल हेरल्ड मामला बंद कर दिया था, लेकिन सरकार ने उन्हें हटा दिया और नए प्रमुख की नियुक्ति हुई और केस को दोबारा खोला गया.
भाजपा के मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार इस मामले पर किसी भी बहस के लिए तैयार है.
उन्होंने कहा- देश के विकास को बंधक मत बनाइए, जनता ने जनादेश नहीं दिया तो अब बदला क्यों लेना चाहते हैं?
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