सरकार पाकिस्तान से ग़लत सबक न सीखे: राहुल

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लोकसभा में असहिष्णुता पर हुई बहस के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा है.

संसद में संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर को उनकी 125वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि दी गई. इसी के साथ संसद के दोनों सदनों में असहिष्णुता पर बहस भी हुई है.

उन्होंने कहा, "मैं सरकार से अनुरोध करता हूँ कि पाकिस्तान से ग़लत सबक न लें. सहनशील बनें, अपने लोगों की बात सुनें, उन्हें गले लगाएँ. महात्मा गांधी ने लोगों को आवाज़ दी थी. पाकिस्तान फ़ेल इसलिए हुआ क्योंकि उसके नेताओं ने लोगों की आवाज़ दबा दी और असहिष्णु हो गए. हमें ग़लत सबक नहीं सीखने चाहिए."

लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, "गुजरात मॉडल का सच पाटीदारों के आंदोलन में सामने आ गया है. लेकिन सरकार ने पटेलों की बात सुनने की बजाए आंदोलनकारियों पर बीस हज़ार केस दर्ज कर दिए."

प्रधानमंत्री को सीधे निशाना बनाते हुए कांग्रेस के नेता ने कहा, "हिंदुस्तान में आज विरोध का मतलब देशद्रोह हो गया है. गुजरात सरकार ने पाटीदारों के ख़िलाफ़ देशद्रोह का मुक़दमा दर्ज किया है."

भीमराव अंबेडकर संविधान के मुख्य निर्माताओं में से एक थे.

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इमेज कैप्शन, भीमराव अंबेडकर संविधान के मुख्य निर्माताओं में से एक थे.

इसका हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा, "संविधान में जिन मौलिक अधिकारों की बात की गई है उनमें समानता का अधिकार अहम है. लेकिन केंद्र सरकार में एक जनरल मंत्री ने दलित बच्चों की तुलना कुत्तों से की...उन्होंने संविधान को चुनौती दी है, जबकि वो संविधान की रक्षा की शपथ ले चुके हैं."

राहुल गांधी ने कहा कि इसके बावजुद प्रधानमंत्री ने उन्हें मंत्री पद पर बनाए रखा है, जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो.

उनका कहना था कि एक ओर तो स्किल इंडिया की बात हो रही है, लेकिन एफटीटीआई के छात्र जब विरोध प्रदर्शन कर रहे थे तो सरकार ने उनसे बात करना भी जायज़ नहीं समझा.

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उन्होंने वित्त मंत्री अरूण जेटली के उस बयान की तरफ़ भी इशारा किया जिसमें उन्होंने अवार्ड वापसी को बनावटी बताया था.

कांग्रेस सांसद ने अपने भाषण की शुरूआत नरेंद्र मोदी से जुड़े एक वाक़्ये से की थी जिसमें गुजरात के तत्कालीन प्रधानमंत्री हाथी पर संविधान की प्रति रखकर साथ चले थे.

राहुल गांधी ने पूछा कि प्रधानमंत्री सिर्फ़ संविधान को हाथी पर रखकर साथ चलेंगे या उसकी हिफ़ाज़त भी करेंगे?

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