'केंद्र सरकार तमिलनाडु के लिए एटीएम बन गई है'

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- Author, इमरान क़ुरैशी
- पदनाम, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
हाल में भारी बारिश झेलने वाले तमिलनाडु को केंद्र सरकार की तरफ़ से दो घंटे के भीतर ही लगभग एक हज़ार करोड़ रुपए की राहत मिल गई.
राज्य की जयललिता सरकार ने सोमवार सुबह केंद्र सरकार से दो हज़ार करोड़ रुपए की राहत देने के लिए पत्र लिखा था. इसके एक या दो घंटे के भीतर ही केंद्र सरकार ने 936.63 करोड़ रुपए की राशि जारी कर दी.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु को तुरंत 936.63 करोड़ रुपए की वित्तीय राहत जारी करने का निर्देश दिया है ताकि बाढ़ से पैदा स्थिति से निपटा जा सके.”
पिछले दिनों चेन्नई और उसके आसपास के इलाक़ों में कई दिनों तक हुई भारी बारिश से काफ़ी तबाही हुई जिससे 79 लोग मारे गए.
शहर के कई जलमग्न इलाक़ों से लोगों को निकालने के लिए सेना, वायुसेना और नौसेना के साथ-साथ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन टीमों की मदद ली गई.

तमिलनाडु के बाद आंध्र प्रदेश के कई इलाक़े भी बारिश से प्रभावित हुए जिनमें देश का धान का कटोरा कहे जाने वाला नेल्लोर ज़िला भी शामिल है.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार को पत्र लिख कर तीन हज़ार करोड़ रुपए की राहत मांगी है और इसमें से एक हज़ार करोड़ की राशि तुरंत जारी किए जाने का आग्रह किया है. ये पत्र 19 नवंबर को लिखा गया था.
आंध्र प्रदेश के एक अधिकारी ने बताया, “राहत के लिए भेजे गए हमारे आग्रह पर अभी तक केंद्र सरकार की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया है.”
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि बारिश से जितना नुक़सान चेन्नई और उसके आसपास के ज़िलों में हुआ, उतना नुक़सान आंध्र प्रदेश में नहीं हुआ.
फिर भी, इतनी जल्दी तमिलनाडु सरकार को राहत मुहैया कराए जाने पर कई लोग हैरान हैं क्योंकि आमतौर पर बारिश से हुई तबाही के मामले में कोई भी केंद्र सरकार इतनी तत्काल राशि जारी नहीं करती.

राज्य के एक पूर्व नौकरशाह एजी देवासहायम कहते हैं, “असल में तो केंद्र सरकार को तमिलनाडु को सज़ा देनी चाहिए क्योंकि ये संकट राज्य सरकार का बनाया हुआ संकट है. उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया और झील के किनारे और निचले इलाक़ों में निर्माण की खुली छूट दी और इसी वजह से बाढ़ की स्थिति पैदा हुई.”
लेकिन वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक जी सत्यामूर्ति कहते हैं, “इससे पता चलता है कि हमारा संघीय ढांचा किस तरह काम कर रहा था. तमाम दावों के बावजूद मोदी ने भेदभाव करने की कोशिश की है. ये सच है कि उन्हें राज्यसभा में एआईएडीएमके के समर्थन की ज़रूरत है. उन्हें जयललिता को ख़ुश रखना ही होगा. इससे, अन्य राज्य सोचेंगे कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के लिए एटीएम मशीन बन गई है.”
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